विश्व / कश्मीर में जो हो रहा है, वह मुस्लिमों को हथियार उठाने के लिए प्रेरित करने वाला है: इमरान खान

NavBharat Times : Sep 28, 2019, 07:19 AM

न्यू यॉर्क | दुनिया भर के देशों से भाव न मिलने के बाद भी पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र में कश्मीर को लेकर प्रॉपेगैंडा चलाने की कोशिश की है। पाकिस्तान के पीएम इमरान खान ने उन्मादी भाषण देते हुए कहा कि कश्मीर में जो हो रहा है, वह मुस्लिमों को हथियार उठाने के लिए प्रेरित करने वाला है। यही नहीं कश्मीर के अपने प्रॉपेगैंडे को उन्होंने इस्लामिक दुनिया से भी जोड़ते हुए कहा कि इसका असर दुनिया के 1.3 अरब मुसलमानों पर भी होगा। बता दें कि इससे पहले भी इमरान खान ने अपने देश की संसद और कई अन्य मौकों पर इसी तरह की बातें कही थीं।

कश्मीर पर झूठ का पुलिंदा बांधते हुए इमरान ने परमाणु जंग की भी धमकी दे डाली। पाक पीएम ने कहा, 'यदि हम परमाणु जंग की ओर बढ़ते हैं तो संयुक्त राष्ट्र जिम्मेदार होगा। इसीलिए 1945 में संयुक्त राष्ट्र का गठन हुआ था। आपको इसे रोकना होगा। यदि दोनों देशों के बीच परंपरागत जंग छिड़ती है तो कुछ भी हो सकता है। लेकिन, आप सोचें कि यदि कोई देश अपने पड़ोसी देश के मुकाबले 7 गुना छोटा है तो फिर उसके सामने क्या विकल्प है। खुद को सरेंडर करना या फिर लड़ते हुए मरना। हम लड़ने का रास्ता अख्तियार करेंगे।'

चला इस्लामिक कार्ड, ...तो हथियार उठा लेंगे मुसलमान

किसी देश के राष्ट्राध्यक्ष की बजाय भड़काऊ मजहबी नेता के तौर पर भाषण देते हुए इमरान ने कहा कि भारत के 18 करोड़ मुस्लिम कश्मीर के चलते कट्टरता की ओर बढ़ेंगे। दुनिया के 1.3 अरब मुस्लिम देख रहे हैं। यदि किसी भी समुदाय के लोगों को इस तरह से बंधक बनाया जाएगा तो उस कम्युनिटी के लोग क्या सोचेंगे। यही नहीं इमरान खान ने कहा कि ऐसी स्थिति में वह खुद भी हथियार उठा लेते। कश्मीर पर भाव न मिलने से खिसियाए पाक पीएम ने कहा कि 1.3 अरब लोगों में से कुछ लोग हथियार उठा लेंगे। ऐसा इस्लाम के चलते नहीं होगा बल्कि मुस्लिमों के साथ अन्याय के चलते होगा।

आरएसएस पर फिर रोया इमरान ने रोना

इमरान खान ने एक बार फिर से आरएसएस पर भी निशाना साधा। पाकिस्तान के पीएम ने आरएसएस की तुलना हिटलर से करते हुए कहा कि वह मुस्लिमों के जातीय नरसंहार पर यकीन करता है। उनके मन में मुस्लिमों और ईसाइयों को लेकर नफरत है। इसी विचारधारा ने गांधी की हत्या की थी।

पहले किया था स्वीकार, अब एयर स्ट्राइक से मुकरे

एक बार बालाकोट में भारत की ओर से की गई एयर स्ट्राइक को स्वीकार कर चुके इमरान ने संयुक्त राष्ट्र में इसे खारिज करने की कोशिश भी की। इमरान ने कहा, उन्होंने 350 से ज्यादा आतंकियों को मारने की बात कही थी, जबकि हमारे सिर्फ 10 पेड़ों को नुकसान पहुंचा।

लिट्टे से हिंदुओं को जोड़ने की कोशिश

इमरान खान ने कहा कि 9/11 के बाद इस्लाम की तुलना आतंकवाद से होने लगी। इसके बाद कई थ्योरीज आई जिसमें कहा गया कि मुस्लिम ऐसे हमले इसलिए करते हैं क्योंकि वे हूरों को पाना चाहते हैं। इमरान ने आरोप लगाया कि सबसे ज्यादा तमिल टाइगर्स ने सूइसाइड अटैक किए और वे हिंदू थे। बौखलाए इमरान ने कहा कि कोई हिंदुओं को क्यों नहीं जिम्मेदार ठहराता है?

इमरान ने UN से रोया दुनिया से भाव न मिलने का रोना

पाक पीएम ने कश्मीर पर अपने प्रॉपेगैंडे को भाव न मिलने की बात भी स्वीकार की। इमरान ने कहा कि भारत के बड़े मार्केट को देखते हुए दुनिया भर के मुल्क इस पर शांत हैं। दुनिया को मार्केट के बजाय मानवाधिकार की बात करनी चाहिए।