पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद शुक्रवार को एक भीषण आत्मघाती हमले से दहल गई। शहर के तरलाई इलाके में स्थित खदीजातुल कुबरा मस्जिद-सह-इमामबाड़ा में शुक्रवार की नमाज के दौरान एक आत्मघाती हमलावर ने खुद को विस्फोट से उड़ा लिया। आधिकारिक रिपोर्टों के अनुसार, इस हमले में अब तक 70 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 250 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की है कि हमलावर को मस्जिद के मुख्य द्वार पर सुरक्षाकर्मियों ने रोकने का प्रयास किया था, जिसके बाद उसने प्रवेश द्वार पर ही विस्फोट कर दिया।
सुरक्षा घेरा और राहत अभियान
धमाके के तुरंत बाद इस्लामाबाद पुलिस, पाकिस्तानी सेना के जवानों और रेंजर्स ने पूरे तरलाई इलाके को अपने नियंत्रण में ले लिया है। घटनास्थल के चारों ओर सुरक्षा घेरा कड़ा कर दिया गया है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जांच के लिए तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। बचाव दल और स्थानीय नागरिकों की मदद से घायलों को पास के अस्पतालों, विशेष रूप से पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) में भर्ती कराया गया है। राजधानी के सभी प्रमुख अस्पतालों में 'रेड अलर्ट' जारी कर आपात स्थिति घोषित कर दी गई है। चश्मदीदों के अनुसार, धमाका इतना शक्तिशाली था कि मस्जिद की इमारत को भारी नुकसान पहुंचा और आसपास के वाहनों के शीशे टूट गए।
राजनयिक दौरे के बीच सुरक्षा में चूक
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर पाकिस्तान में हैं। जिस समय यह विस्फोट हुआ, राष्ट्रपति मिर्जियोयेव और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ एक आधिकारिक कार्यक्रम में भाग ले रहे थे। हालांकि, कार्यक्रम स्थल धमाके वाली जगह से काफी दूर था, लेकिन राजधानी के सुरक्षित माने जाने वाले क्षेत्र में इस तरह का हमला सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने सुरक्षा एजेंसियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और आधिकारिक बयान
पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने इसे मानवता के खिलाफ अपराध करार देते हुए कहा कि निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाना कायरतापूर्ण कृत्य है। राष्ट्रपति ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सुनिश्चित करें कि घायलों के उपचार में कोई कमी न रहे और संसदीय मामलों के मंत्री डॉ. तारिक फजल चौधरी ने भी घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी आतंकी घटनाएं देश के संकल्प को कमजोर नहीं कर सकतीं। उन्होंने नागरिकों से शांति बनाए रखने और कानून प्रवर्तन एजेंसियों का सहयोग करने की अपील की है।
आतंकवाद का बढ़ता ग्राफ और सांख्यिकीय विश्लेषण
विशेषज्ञों और विश्लेषकों के अनुसार, पाकिस्तान में हाल के महीनों में आतंकवादी गतिविधियों में तीव्र वृद्धि देखी गई है। ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स 2025 की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान अब दुनिया का दूसरा सबसे अधिक आतंकवाद प्रभावित देश बन गया है, जो 2024 में चौथे स्थान पर था। आंकड़ों के अनुसार, तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के हमलों में 90% की वृद्धि दर्ज की गई है। इसके अतिरिक्त, बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) और इस्लामिक स्टेट-खुरासान (IS-K) ने भी अपनी गतिविधियों का विस्तार किया है। रिपोर्ट बताती है कि देश की 90% आतंकी घटनाएं खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में केंद्रित हैं, लेकिन अब इस्लामाबाद जैसे सुरक्षित शहरों को भी निशाना बनाया जा रहा है।
निष्कर्ष और वर्तमान स्थिति
फिलहाल किसी भी आतंकवादी संगठन ने इस आत्मघाती हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। सुरक्षा एजेंसियां सीसीटीवी फुटेज और फोरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही हैं। यह घटना नवंबर 2025 में इस्लामाबाद के G-11 इलाके में हुए धमाके के बाद राजधानी में दूसरी बड़ी आतंकी घटना है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रहेगी, हालांकि सुरक्षा विश्लेषकों का मानना है कि शहरी केंद्रों में सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा करना अब अनिवार्य हो गया है।
