नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को अपने आवास पर टोक्यो ओलंपियन से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने महिला पहलवान विनेश फोगाट से खास बातचीत की। हाल ही में भारतीय कुश्ती संघ ने विनेश को अनुशासनहीनता के मामले में अस्थाई रूप से निलंबित कर दिया है।
मीडिया खबरों के मुताबिक ऐसा कहा जा रहा था कि टोक्यो ओलंपिक में हार के बाद विनेश किसी से मुलाकात नहीं करेंगी। किसी से नहीं मिलने की खबर को ध्यान में रखते हुए पीएम मोदी ने विनेश से कहा, वह उनके कौशल के ही प्रेमी नहीं थे, बल्कि कुश्ती में उनके परिवार के योगदान का भी सम्मान करते थे। पीएम मोदी ने इस दौरान विनेश से कहा, आत्म-क्रोध और निराशा ऐसी दो चीजें हैं जिनसे बचने की जरूरत है।
" जीत को कभी सर पे चढ़ने मत दो
— Amit Kumar (@AMIT_GUJJU) August 18, 2021
और हार को मन मे बसने मत दो "
P.M @narendramodi is a leader by nature motivating everyone to perform better, no matter what was the outcome he want everyone to give his/her best. pic.twitter.com/gWYtxKamjY
पीएम मोदी ने विनेश से आगे कहा, जीत को सर पर चढ़ने न दो, हार को मन में बसने न दो। प्रधानमंत्री ने विनेश से यह शब्द ऐसे वक्त में कहे हैं जब विनेश को भारतीय कुश्ती महासंघ द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है जिसके अध्यक्ष बीजेपी सांसद बृज भूषण शरण सिंह हैं।
विनेश पर भारतीय दल से दूर रहने और साथ में ट्रेनिंग नहीं करने के अलावा आधिकारिक टीम की जर्सी नहीं पहनने के आरोप लगाए गए हैं। वहीं विनेश तीन में दो दो आरोपों का खंडन कर चुकी हैं और उन्होंने खुद माना कि आधिकारिक जर्सी नहीं पहनना उनकी गलती थी।
बीते सप्ताह भारतीय कुश्ती महासंघ द्वारा निलंबित किए जाने के विनेश ने कहा था कि टोक्यो ओलंपिक में 53 किग्रा भार वर्ग के क्वार्टर फाइनल में अपनी हार के बाद वह टूट गई थीं।
