- 17-May-2026 08:30 AM IST
| Genre | Comedy,Romantic drama |
| Director | Mudassar Aziz |
| Star Cast | Ayushmann Khurrana,Rakul Preet Singh,Sara Ali Khan,Wamiqa Gabbi |
| Rating | 2/5 |
| Producer | Bhushan Kumar,Krishan Kumar,Renu Chopra |
| Musician | Badshah,Devv Sadaana,Neelkamal Singh,Rajesh Roshan,Rochak Kohli,Tanishk Bagchi,Tony Kakkar |
| Production Company | B. R. Studios,T-Series Films |
| Cinematographer | Jishnu Bhattacharjee |
| Editor | Ninad Khanolkar |
| Writer | Mudassar Aziz |
| Release Date | 15-May-2026 |
| Budget | ₹60–65 crore |
| Duration | 01:57:00 |
बॉलीवुड में जब भी किसी हिट फिल्म का सीक्वल आता है, तो उम्मीदें सातवें आसमान पर होती हैं। साल 2019 में कार्तिक आर्यन की 'पति पत्नी और वो' ने बॉक्स ऑफिस पर खूब गदर मचाया था। अब निर्देशक मुदस्सर अजीज इस फ्रेंचाइजी का दूसरा हिस्सा लेकर आए हैं, लेकिन इस बार 'पति' बदल गया है। छोटे शहर के मध्यमवर्गीय किरदारों को पर्दे पर जिंदा करने वाले उस्ताद आयुष्मान खुराना इस बार प्रयागराज की गलियों में 'वो' के चक्कर में फंसते नजर आ रहे हैं। अगर आप दिमाग को घर पर रखकर, सिर्फ ठहाके लगाने के मूड में हैं, तो ये फिल्म आपके लिए एक 'क्रेजी राइड' साबित हो सकती है।
कहानी: एक झूठ और सौ मुसीबतें
फिल्म की कहानी संगम नगरी प्रयागराज से शुरू होती है। यहां हमारी मुलाकात होती है प्रजापति पांडेय (आयुष्मान खुराना) से, जो वन विभाग में फॉरेस्ट इन-चार्ज हैं। फिल्म की शुरुआत में ही प्रजापति को एक तेंदुआ पकड़ते हुए दिखाया गया है, जो उनके दबदबे को दर्शाता है। घर पर उनकी जिंदगी अपनी पत्रकार पत्नी अपर्णा (वामिका गब्बी) के साथ पटरी पर चल रही होती है। उनकी बेस्ट फ्रेंड नीलोफर (रकुल प्रीत सिंह) भी उनके साथ ही काम करती है।
लेकिन कहानी में ट्विस्ट तब आता है जब प्रजापति की पुरानी क्लासमेट चंचल (सारा अली खान) की एंट्री होती है। चंचल एक संकट में है और उसे अपने बॉयफ्रेंड सनी के साथ विदेश भागने के लिए एक हफ्ते का वक्त चाहिए। सनी के पिता गजराज (तिग्मांशु धूलिया) एक बाहुबली नेता हैं, जो इस रिश्ते के सख्त खिलाफ हैं। अब अपनी पुरानी दोस्त की मदद करने के चक्कर में प्रजापति एक ऐसा झूठ बोल देते हैं, जो उनकी पूरी जिंदगी को 'रायता' बना देता है। वो चंचल के नकली पति बनने का नाटक करता है, लेकिन ये नाटक कब एक नेशनल कन्फ्यूजन बन जाता है, इसे देखना दिलचस्प है। आगे क्या होता है? ये जानने के लिए आपको थिएटर में जाकर 'पति, पत्नी और वो दो' देखनी होगी।
कैसी है फिल्म? लॉजिक-लेस कॉमेडी का तड़का
'पति पत्नी और वो 2' एक ऐसी फिल्म है जो अपनी 'लॉजिक-लेस' कॉमेडी को लेकर बिल्कुल भी शर्मिंदा नहीं है। ये मुदस्सर अजीज की अपनी एक अलग दुनिया है, जहां किरदार बात नहीं करते, बल्कि चिल्लाते हैं। आयुष्मान खुराना की ये फिल्म करीब 1 घंटा 57 मिनट की है और किसी मेले की सवारी जैसी लगती है, थोड़ी उबड़-खाबड़, थोड़ी शोर वाली, लेकिन मजेदार। फिल्म का पहला हाफ किरदारों को एस्टब्लिश करते हुए कन्फ्यूजन की नींव रखने में निकल जाता है।
दूसरे हाफ में जब गलतफहमियां चरम पर पहुंचती हैं, तो आयुष्मान का किरदार खुद को एक ऐसी स्थिति में पाता है जहां लोग उसे 'बाईसेक्सुअल' तक समझने लगते हैं। फिल्म में एक आदमखोर भेड़िया भी है और एक ऐसा ऑफिस बॉय भी जो 'मुगल-ए-आजम' की अनारकली के अंदाज में बातें करता है। ये सब सुनने में भले ही अजीब लगे, लेकिन पर्दे पर ये पागलपन कई जगह आपको हंसने पर मजबूर कर देता है। मुदस्सर अजीज का निर्देशन पूरी तरह से 'मैक्सिमलिज्म' पर आधारित है। उन्होंने फिल्म को बहुत लाउड रखा है। फिल्म की सबसे बड़ी खूबी भी यही है और कमजोरी भी। कई बार जोक्स खिंचे हुए लगते हैं और ऐसा महसूस होता है कि फिल्म को और क्रिस्प बनाया जा सकता था। हालांकि, फिल्म के डायलॉग्स में कहीं-कहीं देसी तड़का और प्रयागराज का फ्लेवर साफ झलकता है।
एक्टिंग और तकनीकी पक्ष
तकनीकी रूप से फिल्म ठीक-ठाक है। अच्छी बात यह है कि फिल्म में इस्तेमाल किए गए जानवर (तेंदुआ और भेड़िया) घटिया CGI जैसे नहीं लगते, जो फिल्म की विजुअल अपील को बढ़ाते हैं। गानों और डांस रूटीन को पुराने बॉलीवुड स्टाइल में रखा गया है, जो 'मासी' दर्शकों को पसंद आएगा। एक्टिंग की बात करें तो आयुष्मान खुराना 'थम्मा' के बाद एक बार फिर अपने होम ग्राउंड पर लौटे हैं। एक बेबस, लाचार और अपनी ही बुनी हुई उलझनों में फंसे छोटे शहर के आदमी के रोल में वह लाजवाब हैं। स्लैपस्टिक कॉमेडी में उनकी टाइमिंग जबरदस्त है।
वामिका गब्बी को 'भूत बंगला' के बाद यहां अपनी प्रतिभा दिखाने का पूरा मौका मिला है और एक प्यार करने वाली और फिर गुस्से से भरी पत्नी के रूप में वह बहुत स्वाभाविक लगी हैं। रकुल प्रीत सिंह का किरदार इस पूरी उथल-पुथल के बीच फंसा हुआ है और उन्होंने अपने हिस्से का काम बहुत संजीदगी से किया है और सारा अली खान की 'ओवर-द-टॉप' एक्टिंग करने की क्षमता का मुदस्सर अजीज ने बखूबी इस्तेमाल किया है। फिल्म की असली जान इसकी सपोर्टिंग कास्ट है। बुआ जी के रोल में आयशा रजा ने महफिल लूट ली है। उनकी बक-बक और कॉमिक टाइमिंग फिल्म का सबसे बड़ा प्लस पॉइंट है। विजय राज, तिग्मांशु धूलिया और विशाल वशिष्ठ ने भी अपने किरदारों के साथ पूरा न्याय किया है।
देखें या न देखें? हमारा फैसला
तो सीधा सा हिसाब है, अगर आप इस वीकेंड भारी-भरकम सस्पेंस और दिमाग घुमाने वाली फिल्मों से ब्रेक लेना चाहते हैं, तो 'पति पत्नी और वो 2' एक अच्छा टाइमपास है। फिल्म का सबसे बड़ा यूएसपी कलाकारों का लाजवाब काम है, जो आपको हंसने पर मजबूर कर देते हैं। फिल्म की लंबाई भी ज्यादा नहीं है, इसलिए ये बहुत जल्दी खत्म हो जाती है और आपको बोरियत महसूस नहीं होने देती। हालांकि, ध्यान रहे कि फिल्म काफी लाउड है, जिसमें शोर और चिल्लम-चिल्ली थोड़ी ज्यादा है। कुछ जोक्स को काफी खींचा गया है और लॉजिक की उम्मीद तो आप बिलकुल न करें। साथ ही, फिल्म में एक गे किरदार को पुराने और घिसे-पिटे अंदाज में दिखाया गया है जो खलता है। फिर भी, अगर आप लॉजिक को ताक पर रखकर बस ठहाके लगाना चाहते हैं, तो ये फिल्म आपके लिए ही बनी है। कुलमिलाकर यह एक शुद्ध देसी एंटरटेनर है जो 'दिमाग लगाओगे तो थक जाओगे, दिल लगाओगे तो हंसते रह जाओगे' वाले फॉर्मूले पर चलती है।
