अडानी टोटल गैस के शेयरों में तूफानी तेजी: 6 दिन में 35 प्रतिशत रिटर्न, क्या अब निवेश का सही समय है?

अडानी टोटल गैस के शेयरों ने 6 दिनों में 35 प्रतिशत की बढ़त के साथ एक साल का नया रिकॉर्ड बनाया है। सीएनजी की बढ़ती कीमतों और मजबूत तिमाही नतीजों के बीच विशेषज्ञों ने ओवरबॉट जोन की चेतावनी दी है।

शेयर बाजार में इन दिनों अडानी ग्रुप की कंपनी अडानी टोटल गैस के शेयरों ने निवेशकों के बीच हलचल मचा दी है और पिछले कुछ दिनों से इस शेयर में लगातार जोरदार तेजी देखी जा रही है, जिससे निवेशकों को कम समय में ही बड़ा मुनाफा हुआ है। महज 6 दिनों के भीतर इस शेयर ने निवेशकों को लगभग 35 प्रतिशत का बंपर रिटर्न दिया है। बुधवार को लगातार पांचवें कारोबारी दिन इस शेयर ने जबरदस्त उड़ान भरी और अपने एक साल के नए रिकॉर्ड स्तर को छू लिया और बाजार के आंकड़ों के अनुसार, पिछले तीन महीनों में यह शेयर लगभग 83 प्रतिशत तक चढ़ चुका है, जो इसकी मजबूत बाजार पकड़ को दर्शाता है। निवेशकों के लिए यह तेजी किसी जैकपॉट से कम नहीं है, क्योंकि कंपनी के शेयरों में खरीदारी का भारी दबाव देखा जा रहा है।

शेयर की वर्तमान स्थिति और हालिया प्रदर्शन

अडानी टोटल गैस के शेयरों में आई इस आंधी ने बाजार के जानकारों को भी हैरान कर दिया है और बुधवार, 27 मई को इस शेयर में 16 प्रतिशत से ज्यादा का उछाल देखा गया था। आज भी यह शेयर लगभग 3 प्रतिशत की बढ़त के साथ 832 रुपये 40 पैसे पर ट्रेड कर रहा है। अगर हम बुधवार के कारोबार की बात करें, तो बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर यह 13 दशमलव 35 प्रतिशत की शानदार बढ़त के साथ 808 रुपये 10 पैसे के स्तर पर बंद हुआ था। इंट्रा-डे यानी दिन के कारोबार के दौरान इसने 16 दशमलव 33 प्रतिशत की छलांग लगाते हुए 829 रुपये 35 पैसे का एक साल का उच्चतम स्तर छू लिया था। यह प्रदर्शन दर्शाता है कि निवेशक कंपनी के भविष्य को लेकर काफी उत्साहित हैं।

तेजी के पीछे के मुख्य कारण

अडानी टोटल गैस के शेयरों में आई इस अचानक तेजी के पीछे दो प्रमुख कारण माने जा रहे हैं। पहला कारण वैश्विक बाजार का प्रभाव है। दुनिया भर में ऊर्जा की लागत में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। भू-राजनीतिक तनाव के चलते पिछले दो हफ्तों में ही सीएनजी (कंप्रेस्ड नेचुरल गैस) की कीमतों में चार बार इजाफा किया गया है। सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन के क्षेत्र में काम करने वाली कंपनियों के लिए यह एक सकारात्मक संकेत है, क्योंकि इससे उनके मुनाफे में सुधार होने की पूरी उम्मीद है। आने वाले समय में कंपनी के मार्जिन में और भी सुधार देखा जा सकता है।

दूसरा बड़ा कारण कंपनी के मार्च तिमाही के शानदार नतीजे हैं। वित्त वर्ष 2026 की आखिरी तिमाही (जनवरी-मार्च 2026) में कंपनी का प्रदर्शन काफी प्रभावशाली रहा है। इन मजबूत वित्तीय आंकड़ों ने निवेशकों के भरोसे को और मजबूत किया है, जिससे बाजार में खरीदारी का माहौल बना हुआ है। कंपनी की परिचालन दक्षता और विस्तार योजनाओं ने भी इस तेजी को हवा दी है।

विशेषज्ञों की राय और भविष्य के लक्ष्य

बोनांजा के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट कुणाल कांबले के अनुसार, इस शेयर में भारी वॉल्यूम के साथ एक मजबूत ब्रेकआउट देखने को मिला है और शेयर ने अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज को पार कर लिया है, जो तकनीकी रूप से एक सकारात्मक संकेत है। कांबले का मानना है कि अगर यह शेयर 740 के स्तर से ऊपर बना रहता है, तो आने वाले समय में यह 850 से लेकर 900 तक के भाव तक पहुंच सकता है। यह तकनीकी मजबूती संकेत देती है कि बाजार में खरीदार अभी भी हावी हैं और वे ऊंचे स्तरों पर भी खरीदारी करने को तैयार हैं।

हालांकि, विशेषज्ञों ने नई खरीदारी को लेकर एक चेतावनी भी दी है। मोमेंटम इंडिकेटर्स के मुताबिक, यह शेयर फिलहाल ओवरबॉट जोन में पहुंच गया है और इसका आरएसआई (RSI) 75 के पार जा चुका है, जिसका मतलब है कि इसमें बहुत ज्यादा खरीदारी हो चुकी है। ऐसी स्थिति में आने वाले दिनों में शेयर के भाव में हल्का सुधार या ठहराव देखा जा सकता है। यदि शेयर में गिरावट आती है, तो इसके लिए 700 से लेकर 645 के स्तर पर एक मजबूत सपोर्ट मौजूद है। इसलिए नए निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी बड़ी गिरावट का इंतजार करें।

कंपनी का वित्तीय लेखा-जोखा

कंपनी के कामकाज और वित्तीय स्थिति पर नजर डालें तो आंकड़े काफी उत्साहजनक हैं। जनवरी से मार्च 2026 की तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 9 प्रतिशत की दर से बढ़कर 168 करोड़ 34 लाख रुपये हो गया है। पिछली तिमाही के मुकाबले इसमें 8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं, कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू भी सालाना आधार पर 16 दशमलव 2 प्रतिशत की दर से उछलकर 1694 करोड़ 61 लाख रुपये तक पहुंच गया है। ये आंकड़े कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति और बाजार में उसकी बढ़ती पैठ को प्रमाणित करते हैं।

जिन निवेशकों ने 2 मार्च 2026 को इसके एक साल के निचले स्तर 453 रुपये 50 पैसे पर निवेश किया था, उनकी पूंजी महज तीन महीने में करीब 83 प्रतिशत बढ़ चुकी है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि कंपनी ने अपने निवेशकों को कम समय में ही मालामाल कर दिया है। अब निवेशकों के लिए मुख्य सवाल यह है कि क्या उन्हें इस स्तर पर मुनाफावसूली करनी चाहिए या भविष्य की और बड़ी बढ़त का इंतजार करना चाहिए। बाजार की नजर अब कंपनी के अगले कदमों और वैश्विक ऊर्जा बाजार में होने वाले बदलावों पर टिकी है।