अयोध्या स्थित भव्य राम मंदिर के प्रबंधन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के पद के लिए आधिकारिक तौर पर आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह भर्ती प्रक्रिया मंदिर के प्रशासनिक और वित्तीय ढांचे को और अधिक पारदर्शी और कुशल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है और हाल के दिनों में मंदिर के चढ़ावे और उसके प्रबंधन को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच, ट्रस्ट ने एक अनुभवी नेतृत्व की तलाश शुरू की है जो मंदिर की गरिमा और व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संभाल सके।
पात्रता और आयु सीमा के कड़े मानक
ट्रस्ट द्वारा जारी की गई जानकारी के अनुसार, मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पद के लिए पात्रता के कड़े मानक निर्धारित किए गए हैं। इस पद के लिए केवल वही उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं जिनकी आयु 50 से 70 वर्ष के बीच है। आयु का यह दायरा इसलिए रखा गया है ताकि पद पर बैठने वाले व्यक्ति के पास जीवन और कार्यक्षेत्र का लंबा अनुभव हो और शैक्षणिक योग्यता के तौर पर उम्मीदवार के पास किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान से स्नातक (graduation) की डिग्री होना अनिवार्य है। इसके साथ ही, आवेदक का हिंदू धर्म से होना आवश्यक है। चूंकि यह पद विभिन्न स्तरों पर संवाद और आधिकारिक दस्तावेजों के प्रबंधन से जुड़ा है, इसलिए उम्मीदवार को हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं का अच्छा ज्ञान होना चाहिए।
अनुभव और वरीयता की शर्तें
अनुभव के मामले में ट्रस्ट ने बहुत स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं। उम्मीदवार के पास किसी बड़ी कंपनी या संगठन में प्रबंधकीय दायित्वों को संभालने का कम से कम 20 वर्षों का अनुभव होना चाहिए। इसके अलावा, उन उम्मीदवारों को चयन प्रक्रिया में प्राथमिकता दी जाएगी जिन्होंने पहले मुख्य प्रशासनिक अधिकारी के रूप में कार्य किया हो या किसी बड़े मंदिर अथवा हिंदू धार्मिक संस्था के प्रबंधन का अनुभव रखते हों। इस योग्यता को पूरा करने वाले रिटायर्ड अधिकारी भी इस पद के लिए अपना आवेदन भेज सकते हैं।
आवेदन की प्रक्रिया और अंतिम तिथि
इच्छुक और योग्य उम्मीदवार अपना आवेदन ईमेल के माध्यम से भेज सकते हैं। com है। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 18 जुलाई 2026 तय की गई है और उम्मीदवारों को शाम 4:00 बजे तक अपना आवेदन भेजना होगा। आवेदन के साथ उम्मीदवारों को अपने व्यक्तिगत विवरण और सभी आवश्यक दस्तावेजों को भी अपलोड करना होगा। चयनित उम्मीदवार का कार्यकाल तीन साल की अवधि के लिए होगा।
भूमिकाएं और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां
राम मंदिर के CEO की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी और वे सीधे ट्रस्ट के महामंत्री को रिपोर्ट करेंगे। संगठन के सभी कानूनी, प्रशासनिक और आर्थिक कार्यों को सफलतापूर्वक पूरा करने की पूरी जिम्मेदारी CEO के कंधों पर होगी। उन्हें ट्रस्ट की विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुसार कामकाज के बेहतर नियम, प्रक्रियाएं और सिस्टम तैयार करने होंगे। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पैसों के लेनदेन, अकाउंट सिस्टम और संस्था से जुड़ी सभी जानकारियों में पूर्ण ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना CEO का मुख्य कर्तव्य होगा।
वेतन और अन्य सुविधाएं
वेतन और सुविधाओं के संबंध में ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि CEO का वेतन कितना होगा, यह उम्मीदवार के साथ आपसी बातचीत के बाद तय किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, मंदिर के CEO को मिलने वाली अन्य सुविधाओं और लाभों का निर्णय भी बाद में ही लिया जाएगा और ट्रस्ट का उद्देश्य एक ऐसी व्यवस्था बनाना है जहां प्रशासनिक और आर्थिक कार्य पूरी निष्पक्षता के साथ संपन्न हों।
