केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को छत्तीसगढ़ में एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया, जिसमें उन्होंने क्षेत्र की आंतरिक सुरक्षा स्थिति को लेकर एक बड़ा दावा किया। इस दौरान उन्होंने घोषणा की कि बस्तर अब पूरी तरह से नक्सल मुक्त हो गया है और शाह ने कहा कि नक्सलवाद का सफाया न केवल छत्तीसगढ़ के बस्तर से, बल्कि अब पूरे देश से किया जा चुका है। यह बयान क्षेत्र में सुरक्षा और शांति की दिशा में एक बड़े बदलाव का संकेत देता है और यह दर्शाता है कि देश अब आंतरिक सुरक्षा के मोर्चे पर एक नई उपलब्धि हासिल कर चुका है।
बस्तर में भय के युग का अंत
अमित शाह ने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि छत्तीसगढ़ का बस्तर जिला कभी नक्सलियों से सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र हुआ करता था, जहां विकास की किरण पहुंचना मुश्किल था। उन्होंने दावा किया कि आज यहां नक्सलवाद को पूरी तरह से खत्म कर दिया गया है और गृह मंत्री के अनुसार, छत्तीसगढ़ में अब भय का माहौल समाप्त हो चुका है और लोग अब बिना किसी डर के रह सकते हैं। नक्सलवाद खत्म होने के बाद यह अमित शाह का बस्तर का पहला दौरा है, जिसे उन्होंने विकास की एक नई शुरुआत के रूप में वर्णित किया है। उन्होंने कहा कि अब बस्तर के लोग शांति और सुरक्षा के साथ अपने भविष्य का निर्माण कर सकेंगे।
विकास की नई पहल और डेयरी नेटवर्क
विकास के मुद्दे पर बात करते हुए अमित शाह ने एक महत्वपूर्ण तर्क दिया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में विकास न होने का कारण नक्सलवाद नहीं था, बल्कि नक्सलवाद की वजह से ही विकास कार्यों में बाधा आ रही थी। उन्होंने 19 मई 2026 की तिथि को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया और इसे विकास के मील के पत्थर के रूप में रेखांकित किया। बस्तर के आदिवासियों के आर्थिक उत्थान के लिए उन्होंने एक बड़ी योजना की घोषणा की। शाह ने कहा कि बस्तर के हर आदिवासी को 1 गाय और 1 भैंस दी जाएगी। सरकार बस्तर संभाग में एक बहुत बड़ा डेयरी नेटवर्क बनाने जा रही है, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार और आय के नए साधन मिलेंगे और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
वनोपज और आदिवासी कल्याण
गृह मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य जंगल के वनोपज से होने वाले लाभ को सीधे आदिवासियों तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि बस्तर के विकास की इस नई शुरुआत में आदिवासियों के हितों को सर्वोपरि रखा जाएगा और डेयरी क्षेत्र में निवेश और वनोपज के सही मूल्य के माध्यम से आदिवासियों के जीवन स्तर में सुधार लाने का प्रयास किया जा रहा है। शाह के अनुसार, सुरक्षा और विकास अब साथ-साथ चलेंगे ताकि नक्सलवाद दोबारा सिर न उठा सके। उन्होंने विश्वास जताया कि इन योजनाओं से बस्तर के हर घर में खुशहाली आएगी और आदिवासी समुदाय मुख्यधारा से पूरी तरह जुड़ सकेगा।
कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अमित शाह ने पिछली कांग्रेस सरकार पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बस्तर का नक्सल मुक्त होना हम सभी के लिए गर्व और आनंद का विषय है। उन्होंने कुछ महत्वपूर्ण तारीखों का जिक्र किया, जिसमें 13 दिसंबर 2023 की तारीख शामिल है, जब राज्य में भाजपा की सरकार बनी थी। शाह ने बिना किसी संकोच के आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ की पिछली कांग्रेस सरकार ने नक्सल उन्मूलन के अभियान में केंद्र का सहयोग नहीं किया था। उन्होंने कहा कि जैसे ही राज्य में भाजपा की सरकार बनी, नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई में तेजी लाई गई और आज उसी का परिणाम सबके सामने है। गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि भाजपा सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति और केंद्र-राज्य के बीच बेहतर समन्वय के कारण ही आज बस्तर और देश नक्सलवाद की समस्या से पूरी तरह उबर पाए हैं।
