अमित शाह की हुंकार: बंगाल विभाजन के बिना सुलझेगा गोरखा मुद्दा, टीएमसी पर हमला

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल के गंगारामपुर में चुनावी रैली के दौरान गोरखा समुदाय की समस्याओं को संवैधानिक तरीके से सुलझाने का वादा किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य का विभाजन नहीं होगा। शाह ने घुसपैठ रोकने और उत्तर बंगाल में एम्स व आईआईटी जैसे संस्थान बनाने का भी आश्वासन दिया।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल के दक्षिण दिनाजपुर जिले के गंगारामपुर और मानिकचक में चुनावी जनसभाओं को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने दार्जिलिंग पहाड़ियों में रहने वाले गोरखा समुदाय की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं पर भाजपा का रुख स्पष्ट किया। शाह ने घोषणा की कि यदि भारतीय जनता पार्टी राज्य में सत्ता में आती है, तो पश्चिम बंगाल का विभाजन किए बिना गोरखा मुद्दे का स्थायी और संवैधानिक समाधान निकाला जाएगा। उन्होंने उत्तर बंगाल के विकास के लिए पार्टी के विजन को साझा करते हुए तृणमूल कांग्रेस सरकार पर तीखे प्रहार किए।

गोरखा समस्या का संवैधानिक समाधान और क्षेत्रीय विकास

अमित शाह ने दार्जिलिंग और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले नेपाली भाषी गोरखा समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा उनकी भावनाओं का सम्मान करती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अलग 'गोरखालैंड' राज्य की मांग के बीच भाजपा का दृष्टिकोण राज्य की अखंडता को बनाए रखते हुए समाधान खोजने का है। शाह के अनुसार, सत्ता में आने पर भाजपा पहाड़ियों में एक पर्यावरण-अनुकूल रोमांचक खेल केंद्र विकसित करेगी। गौरतलब है कि 2011 में गोरखालैंड टेरिटोरियल एडमिनिस्ट्रेशन (GTA) के गठन के बावजूद क्षेत्र में राजनीतिक अस्थिरता बनी रही है, जिसे हल करने का वादा गृह मंत्री ने किया है।

घुसपैठ और राजनीतिक हिंसा पर कड़ा रुख

रैली के दौरान अमित शाह ने पश्चिम बंगाल में घुसपैठ के मुद्दे को प्राथमिकता दी। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे ईवीएम का बटन इतनी शक्ति से दबाएं कि उसका प्रभाव घुसपैठियों तक पहुंचे। शाह ने कहा कि भाजपा सरकार राज्य में 'राजनीतिक हिंसा, सिंडिकेट राज और रिश्वतखोरी' को पूरी तरह समाप्त करेगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि सीमा पार से होने वाली अवैध घुसपैठ को रोकना भाजपा की प्राथमिकताओं में शीर्ष पर है, ताकि राज्य की सुरक्षा और जनसांख्यिकीय संतुलन बना रहे।

उत्तर बंगाल के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य का रोडमैप

भाजपा के चुनावी घोषणापत्र का हवाला देते हुए गृह मंत्री ने उत्तर बंगाल के लिए कई बड़े संस्थानों की स्थापना का वादा किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में एम्स (AIIMS), 600 बिस्तर वाला अत्याधुनिक कैंसर अस्पताल, आईआईटी (IIT), आईआईएम (IIM) और एक समर्पित खेल विश्वविद्यालय स्थापित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, उन्होंने राजबंशी भाषा को भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की प्रतिबद्धता दोहराई, जो इस क्षेत्र की एक प्रमुख सांस्कृतिक मांग रही है।

राजनीतिक विरोधियों और धार्मिक निर्माण पर टिप्पणी

मानिकचक की सभा में अमित शाह ने पूर्व विधायक हुमायूं कबीर और तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कबीर की गतिविधियों और उनके द्वारा किए गए दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा किसी भी अवैध निर्माण या तुष्टिकरण की राजनीति को सफल नहीं होने देगी। शाह ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी और उनके सहयोगी राज्य के विकास के बजाय विशेष एजेंडे पर काम कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि चुनाव परिणामों के बाद विपक्षी दलों के ऐसे मंसूबे विफल हो जाएंगे।

किसानों के लिए आर्थिक सुधार और बाजार पहुंच

कृषि क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करते हुए अमित शाह ने उत्तर बंगाल के आलू किसानों के लिए महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि वर्तमान में किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। भाजपा सरकार बनने पर राज्य से दूसरे राज्यों को आलू की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी और इससे न केवल बिचौलियों का प्रभाव कम होगा, बल्कि किसानों को राष्ट्रीय बाजार तक सीधी पहुंच मिलेगी, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी।