केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में जयपुर में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजस्थान में कानून व्यवस्था और सरकारी नियुक्तियों में पारदर्शिता पर जोर दिया। राजस्थान पुलिस अकादमी में नवनियुक्त कांस्टेबलों के एक समारोह में बोलते हुए, शाह ने राज्य में भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने विशेष रूप से 9000 कांस्टेबलों की भर्ती को एक बड़ी उपलब्धि बताया, जिसे बिना। किसी खर्च या सिफारिश के, पूरी तरह से पारदर्शी तरीके से पूरा किया गया है। यह भर्ती प्रक्रिया भ्रष्टाचार मुक्त प्रतिभा के सम्मान का प्रतीक है, जो युवाओं को योग्यता के आधार पर अवसर प्रदान करती है।
पेपर लीक पर लगाम
अमित शाह ने अपने संबोधन में पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान राजस्थान में व्याप्त पेपर लीक की समस्या पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि भजनलाल सरकार ने इस दुर्भाग्यपूर्ण सिलसिले को पूरी तरह से खत्म कर दिया है। यह एक महत्वपूर्ण कदम है जो राज्य के युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करता है और सरकारी नौकरियों में विश्वास बहाल करता है। पेपर लीक की समस्या ने न केवल योग्य उम्मीदवारों को निराश किया था, बल्कि राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठाए थे। भाजपा सरकार का यह दावा कि उन्होंने इस समस्या को जड़ से मिटा दिया है,। युवाओं के लिए एक बड़ी राहत है और सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत है।
कानून व्यवस्था में सुधार
गृह मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी राज्य के विकास के लिए अच्छी कानून व्यवस्था एक पूर्व शर्त है। उन्होंने दावा किया कि भजनलाल शर्मा सरकार के दो साल के कार्यकाल में राज्य में कुल अपराधों में लगभग 14 प्रतिशत की उल्लेखनीय कमी आई है। यह आंकड़ा सरकार के कानून और व्यवस्था को मजबूत करने के प्रयासों को दर्शाता है। एक हजार किलोमीटर से अधिक लंबी अंतर्राष्ट्रीय सीमा होने के बावजूद, राजस्थान में कानून व्यवस्था की स्थिति में सुधार हुआ है, जो सुरक्षा एजेंसियों की दक्षता और सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति को दर्शाता है।
अपराध के आंकड़ों में गिरावट
शाह ने अपराध के विभिन्न श्रेणियों में हुई कमी के विस्तृत आंकड़े भी प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया कि राज्य में गंभीर प्रकार के अपराधों में 19 प्रतिशत की कमी आई है, जो एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। हत्या से जुड़े मामलों में 25 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है,। जबकि हत्या के प्रयास से जुड़े मामलों में 19 प्रतिशत की गिरावट आई है। महिलाओं के खिलाफ अत्याचार के मामलों में भी 10 प्रतिशत की कमी देखी। गई है, जो महिला सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। ये आंकड़े न केवल कानून प्रवर्तन एजेंसियों की सक्रियता को दर्शाते हैं, बल्कि एक सुरक्षित। और स्थिर समाज के निर्माण की दिशा में सरकार के प्रयासों को भी उजागर करते हैं।
नई न्याय संहिताओं का प्रभाव
अमित शाह ने भारतीय न्याय संहिता सहित तीन नई न्याय संहिताओं के लागू होने के बाद राजस्थान पुलिस के प्रदर्शन में आए सुधार पर भी प्रकाश डाला और उन्होंने बताया कि इन संहिताओं के लागू होने के बाद विभिन्न अपराधों के तहत दोषियों को सजा दिलाने की दर 41 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत हो गई है। यह एक महत्वपूर्ण वृद्धि है जो न्याय प्रणाली की प्रभावशीलता को बढ़ाती है। शाह ने विश्वास व्यक्त किया कि इस आंकड़े को बढ़ाकर 85 प्रतिशत तक करने में कोई कठिनाई नहीं होगी, जो न्याय वितरण प्रणाली को और अधिक मजबूत करेगा और अपराधियों में भय पैदा करेगा। यह भर्ती भारतीय न्याय संहिता लागू होने के बाद राजस्थान पुलिस में पहली बड़ी भर्ती है,। जो नए कानूनी ढांचे के तहत पुलिस बल को मजबूत करने की दिशा में एक कदम है।
गृह मंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि कोई भी राज्य तभी आगे बढ़ सकता है जब लोक सेवकों की भर्ती पारदर्शी तरीके से हो और उसमें कोई भ्रष्टाचार न हो और उन्होंने कहा कि भजनलाल शर्मा सरकार ने न केवल पेपर लीक बंद किया और कानून व्यवस्था को मजबूत किया, बल्कि बड़े पैमाने पर निवेश को आकर्षित करने का काम भी किया है। यह दर्शाता है कि एक मजबूत कानून व्यवस्था और पारदर्शी प्रशासन आर्थिक विकास के लिए अनुकूल माहौल बनाता है। सरकार का लक्ष्य है कि राजस्थान एक ऐसा राज्य बने जहां प्रतिभा को सम्मान मिले, कानून का राज हो और आर्थिक समृद्धि के नए द्वार खुलें। यह समग्र दृष्टिकोण राज्य के चहुंमुखी विकास के लिए महत्वपूर्ण है।