डोनाल्ड ट्रंप का भाषण: भारत और अपराध पर किए 20 से अधिक गलत दावे

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने 107 मिनट के स्टेट ऑफ द यूनियन भाषण में 20 से अधिक गलत दावे किए। इनमें भारत-पाकिस्तान युद्ध रुकवाने, वाशिंगटन में अपराध खत्म होने और रोजगार के आंकड़ों से जुड़े दावे शामिल हैं। विपक्षी डेमोक्रेट्स ने इन दावों को लेकर सदन में कड़ा विरोध जताया।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्टेट ऑफ द यूनियन (SOTU) संबोधन के दौरान एक नया रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने कुल 107 मिनट तक भाषण दिया, जो इस आयोजन के इतिहास में अब तक का सबसे लंबा संबोधन है। हालांकि, इस ऐतिहासिक भाषण के दौरान ट्रंप द्वारा किए गए दावों ने एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों और आधिकारिक आंकड़ों की पड़ताल के अनुसार, राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में 20 से अधिक ऐसे दावे किए जो तथ्यों की कसौटी पर गलत पाए गए हैं। इन दावों में अंतरराष्ट्रीय कूटनीति, घरेलू सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और आव्रजन जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल थे।

भारत-पाकिस्तान युद्ध और अंतरराष्ट्रीय संघर्षों पर दावे

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने संबोधन में अंतरराष्ट्रीय शांति स्थापना को लेकर बड़े दावे किए और उन्होंने कहा कि उनके प्रयासों के कारण भारत और पाकिस्तान के बीच संभावित युद्ध सहित कुल 8 युद्धों को रोका गया है। ट्रंप ने इस दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के हवाले से एक विशिष्ट बयान का भी उल्लेख किया। हालांकि, भाषण के बाद जब आधिकारिक लिखित दस्तावेज और राजनयिक रिकॉर्ड सामने आए, तो उनमें इन दावों की पुष्टि नहीं हुई और जब ट्रंप सदन में इन युद्धों को रुकवाने का श्रेय ले रहे थे, तब विपक्षी डेमोक्रेट्स सांसदों ने 'झूठ-झूठ' के नारे लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया। विदेश नीति के विशेषज्ञों के अनुसार, भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम करने में अमेरिकी भूमिका रही है, लेकिन युद्ध रुकवाने का दावा अतिरंजित पाया गया है।

वाशिंगटन डीसी में अपराध दर और सुरक्षा की स्थिति

घरेलू सुरक्षा के मुद्दे पर बात करते हुए ट्रंप ने दावा किया कि उनकी नीतियों के कारण राजधानी वाशिंगटन डीसी में अपराध पूरी तरह से खत्म हो गया है। उन्होंने कहा कि अब शहर में कोई अपराध नहीं होता है। मेट्रोपॉलिटन पुलिस विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, यह दावा तथ्यों से मेल नहीं खाता है। पुलिस रिपोर्टों के मुताबिक, 2026 में खतरनाक और हिंसक अपराधों की श्रेणियों में वृद्धि दर्ज की गई है। हालांकि, छोटे अपराधों में कुछ कमी जरूर आई है, लेकिन शहर को 'अपराध मुक्त' घोषित करना पूरी तरह से गलत पाया गया है। सुरक्षा एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि राजधानी में सुरक्षा चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं।

आर्थिक आंकड़े और खाद्य पदार्थों की कीमतें

अर्थव्यवस्था पर चर्चा करते हुए ट्रंप ने दावा किया कि उनके कार्यकाल में अंडों की कीमतों में 60% की भारी गिरावट आई है। अमेरिकी श्रम विभाग के आधिकारिक आंकड़ों में इस तरह की किसी बड़ी गिरावट का कोई उल्लेख नहीं है। इसके अतिरिक्त, राष्ट्रपति ने बीफ (गोमांस) की कीमतों में भी कमी आने की बात कही, जबकि बाजार के आंकड़ों के अनुसार अमेरिका में बीफ की कीमतों में वास्तव में बढ़ोतरी देखी गई है। रोजगार के मोर्चे पर भी ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने एक वर्ष में 700,000 लोगों को नौकरियां दी हैं। इसके विपरीत, अमेरिकी श्रम विभाग के डेटा के अनुसार, 2025 से 2026 के बीच केवल 44,000 नई नौकरियों का सृजन हुआ है।

भ्रष्टाचार के आरोप और सोमाली समुदाय का विवाद

भाषण के दौरान ट्रंप ने मिनेसोटा में सोमाली समुदाय पर 19 अरब डॉलर के भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। इस दावे का डेमोक्रेट सांसद इल्हान उमर ने सदन में ही कड़ा विरोध किया, जिससे दोनों के बीच तीखी बहस हुई। अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) के रिकॉर्ड के अनुसार, मिनेसोटा में भ्रष्टाचार से जुड़ा मामला केवल 1 अरब डॉलर का है, न कि 19 अरब डॉलर का जैसा कि राष्ट्रपति ने दावा किया। इसके अलावा, ट्रंप ने पूर्ववर्ती बाइडन प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि 1 करोड़ लोग जेलों और पागलखानों से सीधे अमेरिका में घुस आए हैं। एनबीसी न्यूज और अन्य अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा है कि ऐसी किसी भी सामूहिक घुसपैठ की कोई आधिकारिक रिपोर्ट मौजूद नहीं है।

सदन में गतिरोध और आधिकारिक प्रतिक्रियाएं

107 मिनट के इस लंबे भाषण के दौरान कई बार राष्ट्रपति और विपक्षी सांसदों के बीच सीधा टकराव देखा गया। ट्रंप ने टैरिफ नीतियों और सामाजिक सुरक्षा आय (Social Security Income) को लेकर भी कई दावे किए, जिन्हें विशेषज्ञों ने भ्रामक बताया है। सदन में मौजूद डेमोक्रेट्स ने बार-बार उनके आंकड़ों को चुनौती दी और भाषण समाप्त होने के बाद, विभिन्न सरकारी विभागों और स्वतंत्र फैक्ट-चेकर्स ने राष्ट्रपति के बयानों की समीक्षा शुरू कर दी है। आधिकारिक प्रतिक्रियाओं में स्पष्ट किया गया है कि कई आंकड़े या तो पुराने थे या उन्हें संदर्भ से बाहर पेश किया गया था।