राम मंदिर ट्रस्ट का जवाब: 'जांच करा लो' अखिलेश यादव के घोटाले के आरोपों पर पलटवार

समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राम मंदिर के चढ़ावे में करोड़ों की हेराफेरी का आरोप लगाया है। राम मंदिर ट्रस्ट ने इन आरोपों को खारिज करते हुए जांच की चुनौती दी है और अपनी पारदर्शी ऑडिट प्रक्रिया का विवरण साझा किया है।

अयोध्या के विश्व प्रसिद्ध राम मंदिर में चढ़ावे की राशि को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंदिर के चढ़ावे में करोड़ों रुपये की हेराफेरी होने का गंभीर आरोप लगाया है और अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट साझा करते हुए इस मामले को वैश्विक सनातनी समाज की आस्था से जोड़ा और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के साथ-साथ योगी सरकार पर भी तीखे सवाल दागे। उन्होंने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत से स्वतः संज्ञान लेने की पुरजोर मांग की है।

राम मंदिर ट्रस्ट का करारा पलटवार

अखिलेश यादव के इन आरोपों पर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया आई है और ट्रस्ट के सदस्य दिनेंद्र दास ने कहा कि उन्हें भगवान राम और ट्रस्ट के सभी सदस्यों की ईमानदारी पर पूरा भरोसा है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि किसी व्यक्ति ने कोई गलत काम किया होगा, तो उसे भगवान राम स्वयं दंड देंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि अगर किसी को किसी भी प्रकार की शंका है, तो वे जांच कराने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और उन्हें इसमें कोई आपत्ति नहीं है। शासन और प्रशासन जो भी निर्णय लेगा, वह ट्रस्ट को स्वीकार होगा। दिनेंद्र दास ने विश्वास जताया कि ट्रस्ट में ऐसी कोई गलती नहीं हुई है, लेकिन संदेह दूर करने के लिए यदि जांच की जाती है, तो उसका स्वागत है।

पवन पांडे के गंभीर आरोप और चुनौती

सपा के पूर्व विधायक पवन पांडे ने इन आरोपों को और अधिक विस्तार देते हुए दावा किया कि चोरी की गई रकम करोड़ों रुपये तक हो सकती है। पवन पांडे ने सीधे तौर पर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को चुनौती दी। उन्होंने कहा कि अगर चोरी नहीं हुई है, तो चंपत राय सामने आएं और प्रभु श्रीराम की कसम खाकर कहें कि ये सब झूठ है। उन्होंने मांग की कि अगर बात सच है, तो तुरंत FIR दर्ज कराई जानी चाहिए और पांडे ने यह भी सवाल उठाया कि यह स्पष्ट नहीं है कि यह चोरी कितने समय से चल रही थी और ट्रस्ट के किन-किन सदस्यों तक यह पैसा पहुंचा है, इसकी गहन जांच होनी चाहिए।

चंपत राय ने दी ऑडिट की जानकारी

पूर्व विधायक पवन पांडे के आरोपों का जवाब देते हुए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने स्पष्टीकरण जारी किया। उन्होंने बताया कि ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पूरी तरह पारदर्शी है। चंपत राय के अनुसार, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का समय-समय पर आंतरिक ऑडिट किया जाता है। इस महत्वपूर्ण कार्य में ट्रस्ट के प्रतिनिधियों के साथ-साथ भारतीय स्टेट बैंक के प्रतिनिधि भी अनिवार्य रूप से सम्मिलित रहते हैं। उन्होंने जानकारी दी कि ऑडिट का कार्य कई दिनों तक चलता है और वर्तमान में भी यही प्रक्रिया चल रही है। राय ने जोर देकर कहा कि अभी तक के ऑडिट में कोई भी उल्लेखनीय या संदिग्ध बात सामने नहीं आई है।

चढ़ावे के प्रबंधन की पूरी प्रक्रिया

राम मंदिर में आने वाले चढ़ावे की सुरक्षा और उसके प्रबंधन के लिए एक बेहद सख्त और पारदर्शी व्यवस्था लागू है।

इस पूरी प्रक्रिया की जानकारी समय-समय पर ट्रस्ट की बैठकों में साझा की जाती है। आखिरी बार दिसंबर 2025 में आयोजित बैठक में चढ़ावे से संबंधित विस्तृत जानकारी साझा की गई थी। ट्रस्ट का कहना है कि इस बहुस्तरीय निगरानी प्रणाली के कारण किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता की संभावना नहीं है।