राजस्थान / बीजेपी ने 17 अप्रैल को राजस्थान विधानसभा उपचुनाव के लिए उम्मीदवारों की सूची जारी की

भाजपा ने 17 अप्रैल को राजस्थान विधानसभा उपचुनाव के लिए उम्मीदवारों के नाम जारी किए हैं। पूर्व मंत्री किरण माहेश्वरी की बेटी दीप्ति माहेश्वरी राजसमंद विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगी। पूर्व विधायक रतनलाल जाट और पूर्व मंत्री खेमाराम मेघवाल सहारा (भीलवाड़ा) और सुजानगढ़ (चूरू) सीटों से लड़ेंगे। मतदान 17 अप्रैल को सुबह 7 से शाम 6 बजे तक होगा।

जयपुर: Rajasthan, BJP, bypoll, Rajasthan Assembly: बीजेपी (BJP) ने राजस्थान ( Rajasthan) में तीन सीटों के लिए होने वाले विधानसभा उपचुनाव (Rajasthan assembly by-election) के लिए अपने प्रत्याशियों ( candidates) की घोषणा गुरुवार को कर दी. पार्टी ने सहाड़ा में रतनलाल जाट, सुजानगढ़ में खेमाराम मेघवाल व राजसमंद में दीप्ति महेश्वरी को अपना उम्मीदवार बनाया है.

डॉ. रतनलाल जाट बीजेपी के पुराने नेता हैं और राज्य में मंत्री रह चुके हैं. वहीं, खेमाराम मेघवाल सुजानगढ़ सीट से ही विधायक व राज्य सरकार में मंत्री रह चुके हैं और उनकी पत्नी मनभरी देवी पिछले साल हुए चुनाव में पंचायत समिति प्रधान चुनी गईं. इस तरह से आजादी के बाद सुजानगढ़ में पहली बार भाजपा का प्रधान बना.

राजसमंद में बीजेपी ने दीप्ति महेश्वरी पर दांव लगाया है. महेश्वरी इसी सीट पर पूर्व विधायक रहीं किरण महेश्वरी की बेटी हैं. किरण महेश्वरी के निधन से ही यह सीट खाली हुई है. भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरूण सिंह ने नयी दिल्ली में उम्मीदवारों की घोषणा की. उल्लेखनीय है कि राज्य की सुजानगढ़, राजसमंद और सहाड़ा विधानसभा के लिए उपचुनाव 17 अप्रैल को होना है.

राजस्‍थान विधानसभा उपचुनाव: कार्यक्रम एक नजर में

– 17 अप्रैल को राजस्‍थान की सुजानगढ़, राजसमंद और सहाड़ा विधानसभा के लिए उपचुनाव होगा

– 30 मार्च तक उम्मीदवार नाम निर्देशन पत्र दाखिल कर सकते हैं

– 31 मार्च को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी

– तीन अप्रैल तक उम्मीदवार नाम वापस ले सकेंगे.

– 17 अप्रैल को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान होगा

– 2 मई को मतगणना की जाएगी.

उप चुनाव-2021 के लिए चुनावी मैदान में उतर रहे ऐसे सभी उम्मीदवार जिनके विरूद्ध कोई अपराधिक मामले दर्ज हैं, उन्हें यह सूचना प्रिन्ट मीडिया में कम से कम तीन बार अलग-अलग तारीखों पर प्रकाशित करानी होगी और इलेक्ट्रोनिक मीडिया में निर्वाचन क्षेत्र में अनिवार्य रूप से प्रसारित करवानी होगी. चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के साथ ऐसे उम्मीदवारों को टिकट देने वाले राजनीतिक दलों को भी अब अपनी वेबसाइट और सोशल मीडिया मंचों पर अनिवार्य रूप से उनके उम्मीदवारों के खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों का पूरा विवरण देना होगा.