शरीर में बार-बार सूजन? इन 5 गंभीर बीमारियों का हो सकता है संकेत, न करें नजरअंदाज

शरीर के अंगों में बार-बार होने वाली सूजन गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं जैसे हार्ट फेलियर या किडनी की बीमारी का संकेत हो सकती है। जानिए वे 5 मुख्य कारण और लक्षण जिन्हें नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।

शरीर के किसी भी हिस्से, जैसे कि हाथ, पैर, टखने, चेहरे या उंगलियों में सूजन आना एक ऐसी समस्या है जिसे अक्सर लोग सामान्य मानकर छोड़ देते हैं। कई बार यह समस्या लंबे समय तक एक ही जगह खड़े रहने, घंटों बैठने, किसी छोटी-मोटी चोट लगने या मौसम में होने वाले बदलावों की वजह से हो सकती है। हालांकि, अगर यह सूजन बार-बार होने लगे या लंबे समय तक शरीर में बनी रहे, तो इसे हल्के में लेना स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा हो सकता है। यह सूजन शरीर की किसी अंदरूनी और गंभीर बीमारी का शुरुआती संकेत हो सकती है जिसे समय रहते पहचानना अनिवार्य है। सूजन, जिसे चिकित्सा विज्ञान में एडिमा भी कहा जाता है, शरीर का एक तरीका है यह बताने का कि शरीर के भीतर तरल पदार्थ का संतुलन या रक्त संचार सही तरीके से काम नहीं कर रहा है।

सूजन के कारणों को समझना क्यों है जरूरी?

लगातार रहने वाली या बार-बार उभरने वाली सूजन की सही वजह का पता लगाना स्वास्थ्य की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण होता है और यदि समय रहते इसकी जांच और सही इलाज कराया जाए, तो कई गंभीर बीमारियों को बढ़ने से रोका जा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सूजन के साथ-साथ आपको सांस लेने में तकलीफ महसूस हो रही हो, सीने में दर्द हो रहा हो, या अचानक से वजन बढ़ने लगे, तो ऐसी स्थिति में बिना किसी देरी के डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। सूजन को नजरअंदाज करना भविष्य में बड़ी जटिलताओं का कारण बन सकता है, इसलिए यह निगरानी करना जरूरी है कि सूजन कितनी बार हो रही है और इसके साथ अन्य क्या लक्षण दिखाई दे रहे हैं।

1. हार्ट फेलियर की समस्या

मायो क्लिनिक के शोध और जानकारी के अनुसार, जब हृदय यानी हार्ट शरीर में खून को प्रभावी ढंग से पंप करने की अपनी क्षमता खोने लगता है, तो इसका सीधा असर शरीर के तरल पदार्थों पर पड़ता है। ऐसी स्थिति में खून का प्रवाह धीमा हो जाता है और तरल पदार्थ शरीर के निचले हिस्सों जैसे पैरों, टखनों और पंजों में जमा होने लगते हैं। इसकी वजह से इन हिस्सों में भारी सूजन दिखाई देने लगती है। हार्ट फेलियर के कुछ अन्य लक्षणों में सांस का फूलना, बहुत जल्दी थकान महसूस होना और शरीर में तरल पदार्थ जमा होने के कारण वजन का तेजी से बढ़ना शामिल है। इस स्थिति में हृदय की कार्यक्षमता को बनाए रखने के लिए नियमित चिकित्सा देखभाल की आवश्यकता होती है।

2. किडनी की बीमारी और तरल पदार्थ का संतुलन

किडनी हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है जो शरीर से अतिरिक्त पानी और नमक को बाहर निकालने का काम करती है। जब किडनी ठीक से काम नहीं करती, तो वह इन अपशिष्ट पदार्थों और तरल पदार्थों को प्रभावी ढंग से बाहर नहीं निकाल पाती, जिससे वे शरीर के भीतर ही जमा होने लगते हैं। इसकी वजह से पैरों, टखनों, हाथों या चेहरे पर सूजन दिखाई दे सकती है। लंबे समय तक बनी रहने वाली सूजन को कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए क्योंकि यह किडनी की कार्यक्षमता में कमी का संकेत हो सकती है। किडनी शरीर के आंतरिक संतुलन को बनाए रखने के लिए केंद्रीय भूमिका निभाती है, इसलिए एडिमा के किसी भी लक्षण की जांच डॉक्टर से करानी चाहिए।

3. लिवर सिरोसिस और शरीर में सूजन

लिवर सिरोसिस एक ऐसी स्थिति है जिसमें लिवर धीरे-धीरे खराब होने लगता है और अपनी सामान्य कार्यक्षमता खो देता है। इससे शरीर में तरल पदार्थ का संतुलन बुरी तरह प्रभावित हो सकता है। जब लिवर सही से काम नहीं करता, तो इसके कारण पैरों और पेट में सूजन आ सकती है। अगर सूजन के साथ पेट फूलना या पेट में भारीपन जैसे लक्षण भी दिखाई दें, तो यह लिवर पर पड़ रहे गंभीर दबाव का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेना और लिवर की स्थिति की जांच कराना अत्यंत आवश्यक हो जाता है ताकि तरल पदार्थ के संचय को नियंत्रित किया जा सके।

4. डीप वेन थ्रॉम्बोसिस (DVT)

डीवीटी यानी डीप वेन थ्रॉम्बोसिस एक गंभीर स्थिति है, जिसमें शरीर की किसी गहरी नस, विशेष रूप से पैर की नस में खून का थक्का बन जाता है। इसकी वजह से एक पैर में अचानक सूजन आ सकती है। सूजन के साथ-साथ उस हिस्से में तेज दर्द, लालिमा और गर्माहट महसूस हो सकती है। यह एक आपातकालीन स्थिति हो सकती है क्योंकि यदि वह थक्का नस से निकलकर फेफड़ों तक पहुंच जाए, तो यह जानलेवा साबित हो सकता है। इसलिए, यदि किसी एक पैर में अचानक सूजन और दर्द महसूस हो, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।

5. क्रॉनिक वेनस इनसफिशिएंसी

इस स्थिति में पैरों की नसें खून को सही तरीके से वापस हार्ट तक पहुंचाने में असमर्थ हो जाती हैं। सामान्य तौर पर नसों में मौजूद वाल्व खून को ऊपर की ओर भेजने का काम करते हैं, लेकिन जब ये वाल्व कमजोर या खराब हो जाते हैं, तो खून पैरों में ही जमा होने लगता है। इसके कारण पैरों और टखनों में सूजन, भारीपन, दर्द या त्वचा के रंग और बनावट में बदलाव जैसी समस्याएं हो सकती हैं। लंबे समय तक खड़े रहने पर यह समस्या और भी ज्यादा बढ़ सकती है। इस समस्या के प्रबंधन के लिए रक्त संचार में सुधार और उचित उपचार की आवश्यकता होती है।

इन लक्षणों को कभी न करें नजरअंदाज

अगर शरीर में सूजन बार-बार हो रही है, कई दिनों तक बनी रहती है या लगातार बढ़ रही है, तो डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। इसके अलावा सूजन के साथ सांस लेने में तकलीफ, सीने में दर्द, एक पैर में अचानक सूजन, तेज दर्द, त्वचा का लाल या गर्म होना, पेट में ज्यादा सूजन या अचानक वजन बढ़ना जैसे लक्षण भी गंभीर समस्या का संकेत हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में बिना देरी किए डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है, ताकि कारण का समय पर पता चल सके और सही इलाज शुरू किया जा सके। समय पर की गई जांच किसी बड़ी अनहोनी को टाल सकती है।

सूजन से बचाव के लिए अपनाएं ये स्वस्थ आदतें

शरीर में सूजन की समस्या से बचने और बेहतर स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए कुछ आदतों को जीवनशैली में शामिल करना चाहिए। लंबे समय तक लगातार एक ही स्थिति में बैठने या खड़े रहने से बचें और बीच-बीच में हल्की वॉक करें ताकि रक्त संचार बना रहे। संतुलित डाइट लें और नमक का जरूरत से ज्यादा सेवन न करें, क्योंकि अधिक सोडियम शरीर में पानी को रोकने का काम करता है। पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और खुद को हाइड्रेटेड रखें। नियमित व्यायाम करें और स्वस्थ वजन बनाए रखने की कोशिश करें ताकि आपके परिसंचरण तंत्र पर अतिरिक्त दबाव न पड़े और अगर पैरों में सूजन रहती है, तो आराम करते समय पैरों को थोड़ा ऊंचा रखने से लाभ मिल सकता है। किसी भी तरह की लगातार सूजन होने पर डॉक्टर की सलाह जरूर लें।