Border 2 Movie / जैसलमेर में 'बॉर्डर-2' के गाने 'घर कब आओगे...' की लॉन्चिंग, सन्नी देओल हुए भावुक

भारत-पाकिस्तान सीमा पर जैसलमेर में 'बॉर्डर-2' का गाना 'घर कब आओगे...' लॉन्च हुआ। सन्नी देओल, वरुण धवन, अहान शेट्टी और सोनू निगम बीएसएफ जवानों के बीच पहुंचे। सन्नी देओल भावुक होकर बोले, "मैं भी आपके परिवार का हिस्सा हूं।" यह गाना 'संदेशे आते हैं...' का अपडेटेड वर्जन है।

भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थित राजस्थान के ऐतिहासिक शहर जैसलमेर में. शुक्रवार (2 जनवरी) को बॉलीवुड फिल्म 'बॉर्डर-2' के बहुप्रतीक्षित गाने 'घर कब आओगे... ' को भव्य तरीके से रिलीज किया गया। यह लॉन्चिंग बीएसएफ बेस पर हुई, जहां फिल्म के मुख्य कलाकार सन्नी देओल, वरुण धवन, अहान शेट्टी और प्रसिद्ध गायक सोनू निगम विशेष रूप से उपस्थित थे। इस मौके पर बीएसएफ के जांबाज जवानों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को और भी गरिमामय बना दिया और यह गाना 28 साल पहले रिलीज हुई सुपरहिट फिल्म 'बॉर्डर' के आइकॉनिक गीत 'संदेशे आते हैं... ' का एक अपडेटेड संस्करण है, जिसे गीतकार मनोज मुंतशिर ने लिखा है और पुराने गाने का क्रेज आज भी बरकरार है, और अब इसके नए वर्जन की धमाकेदार लॉन्चिंग को भी दर्शकों द्वारा खूब पसंद किया जा रहा है।

सन्नी देओल का भावुक संबोधन

गाने की लॉन्चिंग के दौरान बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता सन्नी देओल ने बीएसएफ के जवानों को संबोधित किया और उनका संबोधन बेहद भावुक कर देने वाला था, जिसने वहां मौजूद सभी लोगों को प्रभावित किया। सन्नी देओल ने जवानों से कहा कि वे खुद को उनके परिवार का ही एक हिस्सा मानते हैं और उन्होंने अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए कहा कि 'बॉर्डर' फिल्म करने के बाद से ही वे जवानों के साथ एक गहरा भावनात्मक जुड़ाव महसूस करते हैं। यह पल सन्नी देओल के लिए व्यक्तिगत रूप से भी काफी महत्वपूर्ण था, क्योंकि उन्होंने अपनी पिछली फिल्म 'बॉर्डर' के माध्यम से देश के प्रति सेवा और बलिदान की भावना को बड़े पर्दे पर जीवंत किया था।

पिता की फिल्म 'हकीकत' से प्रेरणा

बीएसएफ जवानों को संबोधित करते हुए सन्नी देओल ने अपने पिता, महान अभिनेता धर्मेंद्र की फिल्म 'हकीकत' को याद किया। उन्होंने बताया कि जब वे छोटे थे, तब उन्होंने अपने पिता की यह फिल्म देखी थी, जो उन्हें बहुत प्यारी लगी थी। 'हकीकत' फिल्म ने उनके मन पर गहरा प्रभाव डाला था, और शायद यही वजह थी कि जब वे खुद एक अभिनेता बने, तो उन्होंने देशभक्ति और सैन्य जीवन पर आधारित कहानियों में विशेष रुचि ली और सन्नी देओल ने कहा कि 'हकीकत' की प्रेरणा ने उन्हें 'बॉर्डर' जैसी फिल्म बनाने के लिए प्रेरित किया, जो आज भी भारतीय सिनेमा की सबसे प्रतिष्ठित युद्ध फिल्मों में से एक मानी जाती है।

'बॉर्डर' फिल्म का स्थायी प्रभाव

सन्नी देओल ने जेपी दत्ता के साथ मिलकर 'लोंगेवाला' के विषय पर 'बॉर्डर' फिल्म बनाने का निर्णय लिया था, जो आज भी लोगों के दिलों में बसा हुआ है और उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उन्हें यह नहीं पता था कि उनकी फिल्म इतने सारे युवाओं को सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित करेगी। सन्नी देओल ने भावुक होकर बताया कि जहां भी वे जाते हैं, जितने भी फौजी उनसे मिलते हैं, वे अक्सर कहते हैं कि उन्होंने 'बॉर्डर' फिल्म देखने के बाद ही फौज में शामिल होने का फैसला किया था। यह बात उनके लिए गर्व और संतोष का विषय है कि उनकी कला ने देश सेवा के लिए युवाओं को प्रेरित किया।

जवानों के प्रति गहरा सम्मान और जुड़ाव

सन्नी देओल ने अपने संबोधन में आगे कहा कि वे जवानों के ही परिवार का हिस्सा हैं और ज्यादा कुछ नहीं कह पाएंगे क्योंकि उनका दिमाग भी थोड़ा हिला हुआ है। यह वाक्य उनकी गहरी भावनाओं और जवानों के प्रति उनके सम्मान को दर्शाता है। उनकी यह बात सुनकर वहां मौजूद जवानों में भी एक भावनात्मक लहर दौड़ गई और 'बॉर्डर-2' का गाना 'घर कब आओगे... ' भी इसी भावना को समर्पित है, जो देश की सेवा में लगे जवानों और उनके परिवारों के बलिदान को दर्शाता है। यह गाना न केवल मनोरंजन का साधन है, बल्कि यह उन वीर सपूतों को एक श्रद्धांजलि भी है जो देश की रक्षा के लिए अपने घरों से दूर रहते हैं। इस लॉन्चिंग इवेंट ने फिल्म के प्रति उत्सुकता को और बढ़ा दिया है और यह उम्मीद की जा रही है कि 'बॉर्डर-2' भी अपनी पहली कड़ी की तरह ही दर्शकों के दिलों में अपनी जगह बनाएगी।