ब्राजील के राष्ट्रपति लूला ने भारत से सीखी आर्थिक रणनीति, व्यापार बढ़ाने पर जोर

ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने अपनी भारत यात्रा के दौरान आर्थिक संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि कैसे भारत से प्रेरणा लेकर ब्राजील ने अपना विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ाया और आईएमएफ के कर्जदार से कर्जदाता बना। दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 30 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा है।

ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने अपनी वर्तमान भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच गहरे रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को रेखांकित किया है। रविवार को नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में राष्ट्रपति लूला ने कहा कि भारत के साथ उनके संबंध केवल कूटनीतिक नहीं बल्कि व्यक्तिगत और भावनात्मक भी हैं। उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि भारत की आर्थिक नीतियों और रणनीतियों से ब्राजील को बहुत कुछ सीखने को मिला है, जिसने ब्राजील की वैश्विक आर्थिक स्थिति को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

भारत से मिली विदेशी मुद्रा भंडार की प्रेरणा

राष्ट्रपति लूला ने अपने संबोधन में 2005 की अपनी भारत यात्रा का स्मरण किया। उन्होंने बताया कि उस समय भारत ने लगभग 100 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार (International Hard Currency Reserve) जमा कर लिया था। तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ हुई चर्चाओं के बाद लूला ने विदेशी मुद्रा भंडार की महत्ता को समझा। उन्होंने कहा कि भारत से लौटने के बाद उन्होंने ब्राजील में भी इसी तरह का मजबूत रिजर्व बनाने का निर्णय लिया। अधिकारियों के अनुसार, इसी रणनीति का परिणाम था कि ब्राजील ने बाद में 360 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार खड़ा किया।

आईएमएफ के कर्जदार से कर्जदाता बनने का सफर

विदेशी मुद्रा भंडार में हुई इस भारी वृद्धि ने ब्राजील की अंतरराष्ट्रीय वित्तीय स्थिति को पूरी तरह बदल दिया। राष्ट्रपति लूला के अनुसार, एक समय ब्राजील अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) का कर्जदार हुआ करता था, लेकिन मजबूत आर्थिक नीतियों और भंडार के कारण वह कर्जदाता की स्थिति में पहुंच गया। यह उपलब्धि उस समय ब्राजील को दुनिया के सबसे बड़े विदेशी मुद्रा भंडारों वाले देशों की सूची में तीसरे या चौथे स्थान पर ले आई थी और राष्ट्रपति ने इसे ब्राजील की संप्रभुता और आर्थिक स्वतंत्रता के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ बताया।

द्विपक्षीय व्यापार में ऐतिहासिक वृद्धि और भविष्य के लक्ष्य

4 अरब डॉलर था। 5 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई चर्चाओं का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने 2030 तक इस व्यापार को 20 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। हालांकि, लूला ने विश्वास जताया कि दोनों देशों की आर्थिक क्षमता को देखते हुए यह व्यापार 30 अरब डॉलर के स्तर को भी पार कर सकता है।

वैश्विक बाजार और औद्योगिक सहयोग का विस्तार

ब्राजील के राष्ट्रपति ने जानकारी दी कि उनके तीसरे कार्यकाल की रणनीति का मुख्य हिस्सा दुनिया में ब्राजील की छवि और बातचीत की शक्ति (Negotiation Power) को फिर से स्थापित करना है। पिछले 3 साल और 2 महीने की अवधि में ब्राजील ने अपने उत्पादों के लिए 520 नए अंतरराष्ट्रीय बाजार खोले हैं। उन्होंने बताया कि भारत के साथ स्वास्थ्य सेवा उद्योग में सहयोग बढ़ाने के लिए सात महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए जा रहे हैं। ब्राजील में नए उद्योगों और औद्योगिक क्षेत्रों के विकास के लिए भारत के साथ यह साझेदारी अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

सांस्कृतिक कूटनीति और संगीत का प्रभाव

आर्थिक और व्यापारिक चर्चाओं के बीच राष्ट्रपति लूला ने दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने पिछले वर्ष प्रधानमंत्री मोदी की ब्राजील यात्रा के दौरान किए गए विशेष शोध का जिक्र किया, जिसमें पीएम मोदी के पसंदीदा गानों को खोजने के लिए साओ पाउलो में गायकों की तलाश की गई थी। लूला ने बताया कि दिल्ली में आयोजित लंच के दौरान जब ब्राजील के प्रसिद्ध संगीतकारों के गीत और विशेष रूप से 'आसा ब्रांका' (Asa Branca) बजाया गया, तो वे सुखद रूप से हैरान रह गए। उन्होंने इसे दोनों देशों के बीच आपसी सम्मान और सांस्कृतिक समझ का प्रतीक बताया।