प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को मेरठ में नमो भारत रैपिड रेल और मेरठ मेट्रो के नए खंड का आधिकारिक उद्घाटन किया। इस अवसर पर आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश सहित पूरा देश विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे के एक नए युग का गवाह बन रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मेरठ मेट्रो, नमो भारत ट्रेन और रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) के नए खंडों के शुरू होने से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के लोगों का जीवन अधिक सरल, सुगम और सुविधाजनक हो जाएगा। प्रधानमंत्री ने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि यह ऐतिहासिक कार्य उत्तर प्रदेश की धरती पर संपन्न हुआ है।
मेट्रो और आरआरटीएस सेवाओं का अनूठा एकीकरण
प्रधानमंत्री मोदी ने रेखांकित किया कि यह देश में पहली बार है जब एक ही मंच से नमो भारत रैपिड रेल और मेट्रो सेवा का एक साथ शुभारंभ किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, मेरठ मेट्रो को आरआरटीएस के बुनियादी ढांचे पर ही संचालित किया जा रहा है, जो इंजीनियरिंग और शहरी नियोजन का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। प्रधानमंत्री ने इसे 'विकसित भारत' की कनेक्टिविटी की एक झलक बताया, जहां शहर के भीतर के आवागमन के लिए मेट्रो और दो शहरों को जोड़ने के लिए नमो भारत जैसी आधुनिक ट्रेनें उपलब्ध होंगी। यह मॉडल भविष्य में अन्य शहरी केंद्रों के लिए भी एक मानक स्थापित करेगा।
एनसीआर क्षेत्र में कनेक्टिविटी का विस्तार
दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर की कुल लंबाई 82 किमी है, जिसमें से नए खंडों के जुड़ने से यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस पूरे प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत ₹30,274 करोड़ है। नमो भारत ट्रेनें 180 किमी प्रति घंटे की डिजाइन गति से चलने में सक्षम हैं, जिससे दिल्ली और मेरठ के बीच की दूरी काफी कम हो जाएगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस आधुनिक परिवहन प्रणाली से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि यह प्रदूषण को कम करने और सड़कों पर यातायात के दबाव को घटाने में भी सहायक सिद्ध होगी।
तकनीकी विशेषताएं और सुरक्षा मानक
नमो भारत और मेरठ मेट्रो दोनों ही अत्याधुनिक तकनीकों से लैस हैं। इनमें यूरोपीय ट्रेन कंट्रोल सिस्टम (ETCS) लेवल 2 सिग्नलिंग का उपयोग किया गया है, जो सुरक्षा के उच्चतम मानकों को सुनिश्चित करता है। ट्रेनों में यात्रियों की सुविधा के लिए वाई-फाई, मोबाइल चार्जिंग पॉइंट, सामान रखने के लिए रैक और आपातकालीन संचार प्रणाली जैसी सुविधाएं दी गई हैं। स्टेशनों को भी दिव्यांगों के अनुकूल बनाया गया है और इनमें मल्टी-मोडल एकीकरण की व्यवस्था की गई है, ताकि यात्री बस स्टैंड या अन्य परिवहन साधनों तक आसानी से पहुंच सकें।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश का आर्थिक विकास
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी सीधे तौर पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देती है। मेरठ और आसपास के क्षेत्रों में उद्योगों, विशेष रूप से खेल सामग्री और एमएसएमई क्षेत्र को इस नई परिवहन व्यवस्था से लाभ होने की उम्मीद है। अधिकारियों के अनुसार, आरआरटीएस कॉरिडोर के किनारे नए आर्थिक केंद्र और टाउनशिप विकसित होने की संभावना है, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। यह परियोजना पश्चिमी उत्तर प्रदेश को दिल्ली के और करीब लाएगी, जिससे व्यापारिक आदान-प्रदान में तेजी आएगी।
विकसित भारत के लिए बुनियादी ढांचे की प्राथमिकता
प्रधानमंत्री मोदी ने दोहराया कि देश का विकास और आधुनिक बुनियादी ढांचा उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे, हवाई अड्डों और रेलवे नेटवर्क का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। मेरठ मेट्रो और नमो भारत ट्रेन इसी श्रृंखला का हिस्सा हैं और सरकार के अनुसार, इन परियोजनाओं का लक्ष्य 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना है, जहां हर नागरिक को विश्व स्तरीय सुविधाएं प्राप्त हों। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का भारत बड़े सपने देखता है और उन्हें समय सीमा के भीतर पूरा भी करता है।
