CBSE 12th Re-evaluation: री-इवैल्यूएशन पोर्टल हुआ लाइव, जानें आवेदन की पूरी प्रक्रिया

सीबीएसई 12वीं री-इवैल्यूएशन के लिए पोर्टल cbseit.in अब सक्रिय हो गया है। तकनीकी खराबी के बाद छात्र अब स्टेप-बाय-स्टेप आवेदन कर सकते हैं।

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने आखिरकार कक्षा 12वीं की उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन (री-इवैल्यूएशन) के लिए अपना ऑनलाइन पोर्टल बहाल कर दिया है। in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। पिछले 24 घंटों से अधिक समय से पोर्टल के काम न करने के कारण हजारों छात्र और उनके अभिभावक भारी तनाव में थे। सीबीएसई ने एक ट्वीट के माध्यम से इस जानकारी की पुष्टि की है कि री-इवैल्यूएशन पोर्टल अब छात्रों के लिए उपलब्ध है और वे स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया का पालन करते हुए अपना आवेदन पूरा कर सकते हैं।

तकनीकी खामियां और छात्रों की बढ़ती चिंता

सीबीएसई ने पहले घोषणा की थी कि 12वीं की कॉपियों के री-वैल्यूएशन के लिए आवेदन पोर्टल 1 जून से शुरू हो जाएगा। हालांकि, तकनीकी खराबी के कारण यह पोर्टल कल पूरे दिन नहीं खुला, जिससे छात्रों और अभिभावकों में जबरदस्त आक्रोश और चिंता देखी गई। बोर्ड ने दावा किया था कि वेबसाइट को दुरुस्त किया जा रहा है और पोर्टल जल्द ही लाइव होगा। अब पोर्टल के सक्रिय होने से उन छात्रों को राहत मिली है जो अपने अंकों की दोबारा जांच कराना चाहते हैं।

आवेदन करने की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया

छात्रों की सुविधा के लिए बोर्ड ने आवेदन की एक सरल प्रक्रिया निर्धारित की है। सबसे पहले, छात्रों को आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर Verification of Marks वाले विकल्प पर क्लिक करना होगा। इसके बाद, स्क्रीन पर उन विषयों की सूची दिखाई देगी जिनकी स्कैन की गई कॉपियां छात्र को पहले ही मिल चुकी हैं। तीसरे चरण में, छात्र को उस विषय का चयन करना होगा जिसमें उसे लगता है कि अंकों की गिनती या जांच में कोई त्रुटि हुई है। विषय चुनते ही स्क्रीन पर संभावित गड़बड़ियों की एक सूची आएगी, जिसमें से छात्र को अपनी समस्या पर टिक करना होगा और अंत में, सभी विवरणों की जांच करने के बाद सबमिट बटन पर क्लिक करके प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।

पोर्टल का इतिहास और तारीखों में बदलाव

उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी देखने के लिए ऑनलाइन पोर्टल सबसे पहले 19 मई को खोला गया था। लेकिन भारी ट्रैफिक के कारण पहले ही दिन वेबसाइट क्रैश हो गई। इसके बाद बोर्ड को आवेदन की समय सीमा बढ़ानी पड़ी। पहले इसे 22 मई तक बढ़ाया गया, लेकिन पोर्टल की स्थिति में सुधार न होने के कारण अंतिम तिथि 23 मई कर दी गई थी। इस दौरान भी छात्रों को लॉगिन करने और फीस जमा करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था।

गंभीर शिकायतें और शिक्षा मंत्रालय का हस्तक्षेप

पोर्टल की खराबी के अलावा, छात्रों ने कॉपियों की गुणवत्ता को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। कई छात्रों का आरोप है कि उन्हें मिली स्कैन कॉपियों के पन्ने धुंधले हैं या कुछ पन्ने पूरी तरह गायब हैं। कुछ मामलों में तो किसी दूसरे छात्र की उत्तर पुस्तिका अपलोड होने की भी शिकायत मिली है। कई छात्रों ने यह भी दावा किया कि उनकी सप्लीमेंट्री या एडिशनल शीट स्कैन कॉपी में शामिल नहीं थी। इन विवादों के बढ़ने पर केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने कड़ा संज्ञान लिया और सीबीएसई से इस लचर व्यवस्था पर जवाब तलब किया है।

आंकड़ों में सीबीएसई की परीक्षा और आवेदन

इस वर्ष लगभग 18 लाख छात्रों ने 12वीं की परीक्षा दी है। बोर्ड की कार्यप्रणाली को लेकर छात्रों और अभिभावकों में गहरा असंतोष है और 26 मई को जारी आंकड़ों के अनुसार, सीबीएसई को आंसर शीट की स्कैन कॉपियों के लिए कुल 404319 आवेदन प्राप्त हुए थे। इन छात्रों ने कुल 1131961 उत्तर पुस्तिकाओं की फोटोकॉपी की मांग की थी। बोर्ड ने अब तक डिजिटल माध्यम से कुल 898214 आंसर शीट की कॉपियां छात्रों को उपलब्ध कराई हैं। अब री-इवैल्यूएशन पोर्टल के खुलने से छात्र अपनी शिकायतों का औपचारिक समाधान पा सकेंगे।