सीबीएसई का बड़ा दावा: 12वीं री-इवैल्यूएशन पोर्टल हैक करने की कोशिश, 2 मिनट में आए 15 लाख हिट्स

सीबीएसई ने दावा किया है कि उसके 12वीं री-इवैल्यूएशन पोर्टल पर 'डिनायल ऑफ़ सर्विस' हमला हुआ है। मात्र 2 मिनट में 15 लाख हिट्स और 1 लाख से अधिक अवैध फाइल एक्सेस की कोशिशें दर्ज की गई हैं। हालांकि, बोर्ड ने अब तक 16000 आवेदन पूरे होने की पुष्टि की है।

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने अपनी 12वीं कक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन (री-इवैल्यूएशन) के लिए बनाए गए आधिकारिक आवेदन पोर्टल को लेकर एक अत्यंत गंभीर और चौंकाने वाला दावा किया है। बोर्ड के आधिकारिक वक्तव्य के अनुसार, शरारती तत्वों द्वारा इस महत्वपूर्ण डिजिटल पोर्टल को हैक करने की निरंतर कोशिशें की जा रही हैं। सीबीएसई 12वीं की कॉपियों के री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन की प्रक्रिया 2 जून से शुरू की गई थी। हालांकि, पोर्टल के लाइव होने के बाद से ही देश भर के छात्रों को आवेदन करने में भारी तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बोर्ड ने अब स्पष्ट किया है कि ये व्यवधान केवल तकनीकी खराबी नहीं हैं, बल्कि सुनियोजित साइबर हमलों का परिणाम हैं।

साइबर हमले का विवरण और तकनीकी प्रभाव

सीबीएसई ने अपनी साइबर सुरक्षा टीम से प्राप्त विस्तृत इनपुट के आधार पर जानकारी साझा की है कि पोर्टल पर किया गया हमला 'डिनायल ऑफ़ सर्विस' (Denial of Service) की श्रेणी का था। इस प्रकार के हमले में किसी वेबसाइट या पोर्टल पर कृत्रिम ट्रैफिक की बाढ़ ला दी जाती है ताकि वास्तविक उपयोगकर्ता उसका लाभ न उठा सकें। बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, इस हमले की तीव्रता इतनी अधिक थी कि पोर्टल पर मात्र 2 मिनट के भीतर 1500000 हिट्स दर्ज किए गए। इसके अतिरिक्त, सुरक्षा प्रणालियों ने यह भी पाया कि 100000 से अधिक बार पोर्टल की फाइलों को बिना किसी वैध अनुमति के एक्सेस करने का प्रयास किया गया। बोर्ड का कहना है कि इन शरारती तत्वों ने साइबर हमलों की बौछार करके सेवाओं को पूरी तरह बाधित करने का प्रयास किया है।

आवेदन की वर्तमान स्थिति और पोर्टल की क्षमता

इन साइबर चुनौतियों के बावजूद, सीबीएसई ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया है कि आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह से ठप न हो और बोर्ड ने बताया है कि वर्तमान में उनका पोर्टल एक साथ 8000 से अधिक यूजर्स को सपोर्ट करने की क्षमता रखता है, जिससे इतने छात्र एक साथ आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के आंकड़ों पर जानकारी देते हुए सीबीएसई ने कहा कि 2 जून दोपहर 3:00 बजे तक, 16000 से ज्यादा छात्रों ने 12वीं की कॉपियों के री-इवैल्यूएशन के लिए अपनी आवेदन प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। यह दर्शाता है कि तकनीकी टीम के प्रयासों से पोर्टल को क्रियाशील बनाए रखने की कोशिश की जा रही है।

सुरक्षा उपाय और बोर्ड की सतर्कता

छात्रों से प्राप्त फीडबैक और पोर्टल पर आ रही समस्याओं को देखते हुए सीबीएसई ने अपने प्लेटफॉर्म में कई महत्वपूर्ण सुधार किए हैं। बोर्ड ने बताया कि छात्रों की सुविधा के लिए सेशन की समय सीमा (Session Timeout) को बढ़ा दिया गया है, ताकि आवेदन प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक और आसान हो सके। सीबीएसई ने छात्रों और अभिभावकों को आश्वस्त किया है कि उनकी तकनीकी टीमें पूरी तरह से सतर्क और तत्पर हैं। बोर्ड का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि छात्रों को हर संभव मदद मिले और वे बिना किसी बाहरी हस्तक्षेप के अपना आवेदन पूरा कर सकें।

पूर्व की घटनाएं और सुरक्षा पर उठते सवाल

यह पहली बार नहीं है जब सीबीएसई का पोर्टल साइबर सुरक्षा के घेरे में आया है। इससे पहले भी सीबीएसई 12वीं की स्कैन कॉपी प्राप्त करने के लिए शुरू किए गए पोर्टल को हैक किए जाने की खबरें आई थीं। उस समय हैकर्स ने एक विषय की स्कैन कॉपी के लिए छात्रों से 8000 रुपये की मांग की थी, जबकि बोर्ड द्वारा निर्धारित आधिकारिक शुल्क प्रति विषय केवल 100 रुपये था। उस घटना के बाद सीबीएसई ने स्वयं हैकिंग की बात स्वीकार की थी। इसके अलावा, एथिकल हैकर निसर्ग भी लगातार यह दावा करते रहे हैं कि सीबीएसई के पोर्टल को आसानी से हैक किया जा सकता है और इन दावों और बार-बार होने वाले हमलों ने छात्रों के व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा और बोर्ड के साइबर सुरक्षा ढांचे पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।