चीन को जब भी ताइवान की ओर से आजादी की आवाजें सुनाई देती हैं, तो वह उसे धमकाने के लिए सैन्य शक्ति का प्रदर्शन करने लगता है। इसी कड़ी में चीन ने एक बार फिर ताइवान स्ट्रेट में 2 दिवसीय लाइव फायर ड्रिल शुरू कर दी है। चीन इस बात से बेहद खफा है कि ताइवान के राष्ट्रपति विलियम लाई चिंग-ते ने हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान स्पष्ट रूप से कहा था कि ताइवान 'पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना' (PRC) के अधीन नहीं है और चीन ने इस बयान को अत्यंत लापरवाह और उकसावे वाला करार देते हुए अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है। ताइवान को डराने के उद्देश्य से चीनी नौसेना के युद्धपोतों ने गुरुवार से ताइवान स्ट्रेट के पास यह सैन्य अभ्यास शुरू किया है।
ताइवान स्ट्रेट में सैन्य अभ्यास और प्रतिबंध
चीन का यह सैन्य अभ्यास उसके एक मत्स्य संसाधन सर्वेक्षण के समाप्त होने के तुरंत बाद शुरू हुआ है और इस अभ्यास के संचालन के लिए बीजिंग के समुद्री सुरक्षा प्रशासन ने एक आधिकारिक नेविगेशन चेतावनी भी जारी की है। इस चेतावनी के अनुसार, यह सैन्य अभ्यास गुरुवार और शुक्रवार को सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक आयोजित किया जा रहा है। सुरक्षा कारणों और युद्धाभ्यास की संवेदनशीलता को देखते हुए, मिलिट्री ड्रिल वाले समुद्री क्षेत्रों में सभी प्रकार के जहाजों और नौकाओं की आवाजाही पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह कदम क्षेत्र में बढ़ते तनाव को दर्शाता है।
राष्ट्रपति विलियम लाई का कड़ा रुख
उल्लेखनीय है कि ताइवान के नेता विलियम लाई चिंग-ते रविवार को अपनी सत्तारूढ़ डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (DPP) के वार्षिक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने जोर देकर कहा कि उनका देश ताइवान, 'पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना' (PRC) के अधीन नहीं है। लाई ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी DPP किसी भी कीमत पर एक लोकतांत्रिक ताइवान को वापस चीन के ताइवान के रूप में बदलने या अपने लोकतांत्रिक मूल्यों से पीछे हटने की अनुमति नहीं देगी। उन्होंने अपनी पार्टी के सदस्यों और ताइवान के आम नागरिकों से आह्वान किया कि वे बीजिंग की ओर से आने वाले 'रेड टेरर' का डटकर मुकाबला करें।
चीन की तीखी प्रतिक्रिया और विरोध
ताइवानी राष्ट्रपति के इस बयान ने बीजिंग में भारी नाराजगी पैदा कर दी है। बुधवार को बीजिंग के ताइवान मामलों से संबंधित कार्यालय की प्रवक्ता झांग हान ने लाई के बयान पर अपना विरोध व्यक्त किया और प्रवक्ता ने ताइवान के इस रुख की आलोचना करते हुए कहा कि उनके बयान ने बीजिंग के 'एक-चीन सिद्धांत' को बहुत ही लापरवाही के साथ चुनौती दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चीन इस तरह की चुनौतियों को कभी भी बर्दाश्त नहीं करेगा। इसी कूटनीतिक तनातनी के बाद चीन ने अपनी नौसैनिक शक्ति का प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है।
समुद्र में शक्ति प्रदर्शन और लाइव फायरिंग
ताइवान पर दबाव बनाने के लिए चीनी नौसेना ने चीन और ताइवान को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण ताइवान स्ट्रेट में गुरुवार से दो दिवसीय मिलिट्री ड्रिल का आगाज किया। इस युद्धाभ्यास में चीनी नौसेना के कई अत्याधुनिक युद्धपोत और हेलीकॉप्टर हिस्सा ले रहे हैं। ये सैन्य इकाइयां समुद्र में गोला-बारूद बरसाकर अपनी मारक क्षमता का प्रदर्शन कर रही हैं और हालांकि, चीन ने इस बात का ध्यान रखा है कि स्थिति नियंत्रण से बाहर न जाए और यह ड्रिल किसी वास्तविक युद्ध का रूप न ले ले। इसी कारण यह सैन्य अभ्यास चीन के मुख्य भूभाग से 12 किमी के दायरे के भीतर ही आयोजित किया जा रहा है।
