कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: भारतीय मुक्केबाजी टीम का सामान गायब, ट्रेनिंग किट और ड्रेस के बिना खिलाड़ी परेशान

ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के शुरू होने से पहले भारतीय मुक्केबाजी दल का आधा सामान बेलफास्ट एयरपोर्ट पर छूट गया है, जिसमें ट्रेनिंग किट और ओपनिंग सेरेमनी की ड्रेस शामिल हैं। यह लगातार दूसरी बार है जब टीम के साथ ऐसी लापरवाही हुई है, जिससे खिलाड़ियों की तैयारियों पर असर पड़ रहा है।

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का आयोजन स्कॉटलैंड के ग्लासगो शहर में 23 जुलाई से 2 अगस्त के बीच होने जा रहा है। ग्लासगो के लिए यह एक गौरवपूर्ण अवसर है क्योंकि इससे पहले साल 2014 में भी इस शहर ने कॉमनवेल्थ गेम्स की सफल मेजबानी की थी। इस बार 11 दिनों तक चलने वाले इन खेलों के महाकुंभ में दुनिया भर के 74 देशों के लगभग 3000 एथलीट अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। भारत की ओर से भी 126 एथलीट्स का एक मजबूत दल मेडल जीतने के इरादे से मैदान पर उतरने के लिए तैयार है। हालांकि, खेलों के औपचारिक आगाज से ठीक पहले भारतीय मुक्केबाजी दल को एक बड़ी और अप्रत्याशित मुसीबत का सामना करना पड़ा है, जिससे उनकी तैयारियों में खलल पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

बेलफास्ट एयरपोर्ट पर छूटा मुक्केबाजों का सामान

भारतीय मुक्केबाजी का 22 सदस्यीय दल बेलफास्ट में अपना विशेष ट्रेनिंग कैंप पूरा करने के बाद ग्लासगो पहुंचा था। लेकिन ग्लासगो पहुंचने पर पता चला कि टीम का लगभग आधा सामान बेलफास्ट एयरपोर्ट पर ही रह गया है। गायब हुए इन बैग्स में खिलाड़ियों के लिए बेहद जरूरी सामान मौजूद है। इसमें मुक्केबाजों की प्रैक्टिस के लिए आवश्यक ट्रेनिंग किट के साथ-साथ गुरुवार को होने वाली ओपनिंग सेरेमनी के लिए निर्धारित ऑफिशियल और सेरेमोनियल ड्रेसेस भी शामिल हैं और ट्रेनिंग किट न होने के कारण खिलाड़ियों को अभ्यास करने में कठिनाई हो रही है, वहीं सेरेमोनियल ड्रेस की अनुपस्थिति ने उद्घाटन समारोह में उनकी भागीदारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

विमान छोटा होने के कारण हुई समस्या

भारतीय दल के सदस्यों ने इस घटना के पीछे की वजह बताते हुए कहा कि बेलफास्ट से ग्लासगो के बीच उड़ान भरने वाला विमान काफी छोटा था। विमान की क्षमता कम होने के कारण 22 सदस्यीय टीम का पूरा सामान एक साथ लोड नहीं किया जा सका और उसे वहीं छोड़ना पड़ा। जिन खिलाड़ियों का सामान बेलफास्ट में छूटा है, उनमें विश्व चैंपियन जैस्मिन लंबोरिया, साक्षी चौधरी, परवीन हुड्डा, जादुमणि सिंह और कपिल पोखरिया जैसे बड़े नाम शामिल हैं। खिलाड़ियों के अलावा पुरुषों के हेड कोच सी. कट्टप्पा का सामान भी ग्लासगो नहीं पहुंच पाया है। इस स्थिति ने पूरी टीम को मानसिक तनाव में डाल दिया है।

प्रबंधन और एयरलाइंस की दूसरी बड़ी लापरवाही

हैरानी की बात यह है कि भारतीय मुक्केबाजी टीम के साथ इस तरह की लापरवाही लगातार दूसरी बार हुई है। इसी महीने जब यह दल दोहा से बेलफास्ट के लिए रवाना हुआ था, तब भी एयरलाइंस की तरफ से इसी तरह की गड़बड़ी देखने को मिली थी। बार-बार हो रही इस तरह की घटनाओं ने टीम मैनेजमेंट की चिंता बढ़ा दी है। इसके अलावा, टीम मैनेजमेंट ने एक और गंभीर खामी की ओर इशारा किया है और महिला मुक्केबाजों की कोच मंदाकिनी चानू को उस होटल में कमरा नहीं दिया गया है जहां बाकी मुक्केबाज ठहरे हुए हैं। कोच और खिलाड़ियों के अलग-अलग होटलों में होने की वजह से उनके बीच तालमेल बिठाने और रणनीति बनाने में काफी दिक्कतें आ रही हैं।

शुक्रवार से शुरू होंगे मुक्केबाजी के मुकाबले

कॉमनवेल्थ गेम्स में मुक्केबाजी की स्पर्धाएं शुक्रवार 24 जुलाई से शुरू होने वाली हैं। समय की कमी को देखते हुए भारतीय दल को यह उम्मीद है कि अभ्यास और अंतिम तैयारियों में तेजी आने से पहले उनका छूटा हुआ सामान सुरक्षित रूप से ग्लासगो पहुंच जाएगा। टीम का लक्ष्य है कि खिलाड़ी बिना किसी मानसिक दबाव और असुविधा के अपने अभियान की शुरुआत करें और देश के लिए पदक जीतें। 126 एथलीट्स के इस दल पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं और सभी को उम्मीद है कि इन शुरुआती बाधाओं के बावजूद भारतीय खिलाड़ी शानदार प्रदर्शन करेंगे।