कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट: जून में 13 दिन गिरे दाम, 70 डॉलर के नीचे पहुंचा अमेरिकी क्रूड

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट आई है। जून के महीने में अमेरिकी क्रूड 70 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया है, जबकि खाड़ी देशों का तेल युद्ध-पूर्व स्तर पर पहुंच गया है। होर्मुज स्ट्रेट के खुलने और ईरान के साथ शांति वार्ता के चलते कीमतों में यह कमी देखी जा रही है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में काफी गिरावट देखने को मिल चुकी है। जून के महीने में क्रूड के दाम 25 फीसदी तक नीचे आ चुके हैं। खास बात तो यह है कि जहां अमेरिकी क्रूड के दाम 70 डॉलर से नीचे कारोबार कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर खाड़ी देशों का कच्चा तेल प्री वॉर लेवल यानी युद्ध से पहले के स्तर पर आ चुका है। कच्चे तेल की कीमतों में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है और अमेरिकी क्रूड के दाम 70 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गए हैं, बावजूद इसके कि अमेरिकी रिजर्व 12 साल के निचले स्तर पर पहुंच गया है। जून के महीने में अमेरिकी क्रूड के दाम 19 कारोबारी दिनों में से 13 दिन कम हुए हैं, जो बाजार में एक बड़ी गिरावट का संकेत है।

कीमतों में गिरावट के मुख्य कारण

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता और होर्मुज स्ट्रेट से एक बार फिर जहाजों की आवाजाही शुरू होने की वजह से कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही है। वहीं दूसरी ओर, खाड़ी देशों का कच्चा तेल प्री वॉर लेवल पर दिखाई दे रहा है। यह 73 डॉलर प्रति बैरल से नीचे दिखाई दे रहा है, जो कि 27 फरवरी से पहले का स्तर है। ऐसे में कहा जा सकता है कि आने वाले दिनों में आम लोगों को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में राहत मिलती हुई दिखाई दे सकती है। जानकारों की मानें तो कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का प्रमुख कारण होर्मुज स्ट्रेट के खुलने के अलावा ईरानी तेल को दो महीने तक मार्केट में सप्लाई का अमेरिकी लाइसेंस मिलना है। मिडिल ईस्ट के दूसरे देशों ने भी प्रोडक्शन और सप्लाई बढ़ाने का ऐलान किया है।

अमेरिकी क्रूड और कुशिंग रिजर्व की स्थिति

35 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहे हैं। 2 मार्च के बाद यह अमेरिकी क्रूड का सबसे निचला स्तर है। 1 जून के बाद से अमेरिकी क्रूड के दाम में 25 फीसदी की गिरावट देखने को मिल चुकी है। वास्तव में जून के महीने में 19 कारोबारी दिनों में से 13 दिन अमेरिकी क्रूड के दाम में गिरावट दर्ज की गई है। रॉयटर्स के मुताबिक, बुधवार को होर्मुज स्ट्रेट से टैंकरों की आवाजाही फिर से शुरू होने के कारण कीमतें 70 डॉलर से नीचे आई हैं, जबकि ओक्लाहोमा के कुशिंग में स्टोरेज हब में स्टॉक 12 साल के सबसे निचले स्तर पर आ गया है। यूएस एनर्जी इंफॉर्मेशन एडमिनिस्ट्रेशन ने बताया कि पिछले हफ्ते कुशिंग में तेल का स्टॉक गिरकर लगभग 19 मिलियन बैरल हो गया, जो 2014 के बाद का सबसे निचला स्तर है।

स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व और बाजार का रुख

अमेरिकी सरकार द्वारा अपने इमरजेंसी रिजर्व से तेल निकालने से देश भर में सप्लाई को सहारा मिला है। यह कदम सरकार के उस समझौते का हिस्सा है जिसके तहत ईरान युद्ध के दौरान ग्लोबल सप्लाई में कमी को पूरा करने के लिए 172 मिलियन बैरल तेल निकाला जाना है। एनर्जी मार्केट एनालिटिक्स कंपनी एनवेरस के सेल्स मैनेजर कार्ल लैरी ने कहा कि कीमतों में गिरावट मुख्य रूप से बेचने वालों की सोच का नतीजा है। वे फ्यूचर्स की कीमतों को और नीचे ले जाने की कोशिश कर रहे हैं ताकि बाद में उछाल का फायदा उठा सकें और कनाडा में उत्पादन रुकने और निर्यात की मजबूत मांग के कारण कुशिंग में स्टॉक 20 मिलियन बैरल के स्तर से नीचे आ गया है। जब स्टॉक 10 या 20 फीसदी से कम होता है, तो तेल निकालना मुश्किल हो जाता है और क्वालिटी की समस्या भी हो सकती है।

भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम

भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम करीब 25 मई के बाद से स्थिर बने हुए हैं। जानकारों का मानना है कि कच्चे तेल में गिरावट के चलते कीमतों पर फ्रीज बटन दबा रहेगा। दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 102 रुपये 12 पैसे और डीजल की कीमत 95 रुपये 20 पैसे प्रति लीटर है। कोलकाता में पेट्रोल के दाम 113 रुपये 51 पैसे और डीजल की कीमत 99 रुपये 82 पैसे प्रति लीटर है। मुंबई में पेट्रोल और डीजल के दाम क्रमशः 111 रुपये 21 पैसे और 97 रुपये 83 पैसे प्रति लीटर हैं। चेन्नई में पेट्रोल की कीमत 107 रुपये 77 पैसे और डीजल 99 रुपये 55 पैसे प्रति लीटर पर है। मई के महीने में फ्यूल की कीमतों में 7 से 8 फीसदी का इजाफा देखने को मिला था।