ओमान जहाज हमले के बावजूद कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, होर्मुज जलडमरूमध्य में शिपमेंट बहाल

ओमान के पास एक मालवाहक जहाज पर हमले के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल की आवाजाही फिर से शुरू होने से वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में कमी आई है और आपूर्ति की चिंताएं कम हुई हैं।

ओमान के तट के पास एक मालवाहक जहाज पर हमले की ताजा घटना के बावजूद वैश्विक ऊर्जा बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखी गई है। दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्ग 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज' से तेल टैंकरों की आवाजाही अब सामान्य रूप से फिर शुरू हो गई है। आपूर्ति बंद होने का डर खत्म होने के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने के बजाय नीचे आ गई हैं। यह स्थिति दर्शाती है कि बाजार फिलहाल आपूर्ति श्रृंखला के चालू रहने को भू-राजनीतिक जोखिमों की तुलना में अधिक महत्व दे रहा है और निवेशकों का ध्यान अब इस बात पर है कि मार्ग खुला रहने से वैश्विक मांग और आपूर्ति का संतुलन बना रहे।

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के आंकड़े

शुक्रवार सुबह अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में कमी आई और इस हफ्ते इनमें बड़ी गिरावट दर्ज की जा सकती है। आपूर्ति को लेकर चिंताएं कम होने के कारण ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 47 सेंट यानी 0 दशमलव 62 प्रतिशत गिरकर 74 डॉलर 79 सेंट प्रति बैरल पर आ गया। वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) 34 सेंट यानी 0 दशमलव 47 प्रतिशत की गिरावट के साथ 71 डॉलर 58 सेंट प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। इससे पहले गुरुवार को ओमान के पास एक अज्ञात वस्तु के टकराने से जहाज के क्षतिग्रस्त होने की खबर के बाद दोनों बेंचमार्क कॉन्ट्रैक्ट्स में 2 प्रतिशत से ज्यादा का उछाल आया था, जिसके कारण संयुक्त राष्ट्र की शिपिंग एजेंसी को अपनी स्वैच्छिक निकासी योजना रोकनी पड़ी थी।

ईरानी अधिकारियों का रुख और सुरक्षा चिंताएं

इस हमले को लेकर भू-राजनीतिक तनाव भी बढ़ गया है। दो अमेरिकी अधिकारियों ने रॉयटर्स को जानकारी दी कि ईरान ने मालवाहक जहाज पर तब गोलीबारी की जब वह होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने का प्रयास कर रहा था और दूसरी ओर, ईरानी अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि होर्मुज के निर्धारित रास्तों के बाहर से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं दी जा सकती। आईजी एनालिस्ट टोनी सिकामोर के अनुसार, बाजार अब इस बात पर नजर रख रहे हैं कि क्या टैंकरों का आवागमन बिना किसी बाधा के जारी रहता है या ये नई रुकावटें तेल उत्पादक देशों को उत्पादन बढ़ाने की अपनी योजनाओं को रोकने पर मजबूर करेंगी। इस हफ्ते ब्रेंट और डब्ल्यूटीआई दोनों में लगभग 7 प्रतिशत की गिरावट की संभावना बनी हुई है।

शिपमेंट का स्तर और ऐतिहासिक तुलना

गुरुवार को प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य से कच्चे तेल का शिपमेंट इस हफ्ते के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। यह स्तर फरवरी में ईरान के साथ अमेरिका-इजरायल संघर्ष शुरू होने के बाद से सबसे अधिक है, क्योंकि संघर्ष-विराम समझौते के बाद जलमार्ग को फिर से खोल दिया गया था। हालांकि, वर्तमान में जहाजों की कुल आवाजाही अभी भी 28 फरवरी को संघर्ष शुरू होने से पहले के औसत स्तर से काफी कम है। उस समय इस जलमार्ग से रोजाना औसतन 125 जहाज गुजरते थे। मार्ग के खुले रहने की अनिश्चितता ने भी व्यापारिक गतिविधियों को प्रभावित किया है, लेकिन फिलहाल आपूर्ति सुचारू है।

वेनेजुएला में भूकंप और उत्पादन पर प्रभाव

सप्लाई चेन को लेकर एक और चिंता वेनेजुएला से सामने आई है, जहां गुरुवार को आए भूकंपों ने तेल बुनियादी ढांचे को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। वेनेजुएला के विशाल तेल, गैस और रिफाइनिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के कर्मचारियों द्वारा किए गए शुरुआती आकलन में अब तक सीमित नुकसान की बात कही गई है। इसका मुख्य कारण यह है कि देश के अधिकांश बड़े उत्पादन क्षेत्र, रिफाइनरियां और टर्मिनल भूकंप से सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों से दूर स्थित हैं। हालांकि, बिजली की कमी के कारण इस बात पर संदेह जताया जा रहा है कि क्या तेल का उत्पादन भूकंप से पहले के स्तर, जो लगभग 12 लाख बैरल रोजाना था, पर बरकरार रखा जा सकेगा या नहीं।

भारत में पेट्रोल और डीजल की वर्तमान स्थिति

भारतीय बाजार की बात करें तो पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 25 मई के बाद से कोई बदलाव नहीं हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आ रही कमी के कारण घरेलू बाजार में ईंधन की कीमतों पर 'फ्रीज' बटन दबा रह सकता है। वर्तमान में दिल्ली में पेट्रोल 102 रुपये 12 पैसे और डीजल 95 रुपये 20 पैसे प्रति लीटर की दर पर उपलब्ध है। कोलकाता में पेट्रोल के दाम 113 रुपये 51 पैसे और डीजल 99 रुपये 82 पैसे प्रति लीटर हैं। मुंबई में पेट्रोल 111 रुपये 21 पैसे और डीजल 97 रुपये 83 पैसे प्रति लीटर पर बिक रहा है। चेन्नई में पेट्रोल की कीमत 107 रुपये 77 पैसे और डीजल 99 रुपये 55 पैसे प्रति लीटर दर्ज की गई है। गौरतलब है कि मई के महीने में ईंधन की कीमतों में 7 से 8 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई थी।