परिसीमन पर सरकार का जवाब: दक्षिण भारत में नहीं घटेंगी लोकसभा सीटें, जानें नया गणित

केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि परिसीमन के बाद दक्षिण भारतीय राज्यों की लोकसभा सीटें कम नहीं होंगी। सरकार ने 50% बढ़ोतरी का फॉर्मूला पेश किया है, जिसके तहत तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक जैसे राज्यों की सीटों में इजाफा होगा। विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए सरकार ने विस्तृत आंकड़े जारी किए हैं।

केंद्र सरकार ने महिला आरक्षण बिल को लेकर विपक्ष के आरोपों का कड़ा जवाब दिया है। सरकार का स्पष्ट कहना है कि परिसीमन के चलते दक्षिण भारत के राज्यों की लोकसभा सीटें नहीं घटेंगी। सरकार ने विपक्ष की इन चिंताओं को निराधार बताया है और कहा है कि इसके विपरीत दक्षिण भारत के राज्यों को इसका फायदा होगा। सरकार ने बकायदा दक्षिण भारतीय राज्यों की लोकसभा सीटों का विस्तृत ब्यौरा जारी कर विपक्ष को जवाब दिया है। इससे पहले केंद्रीय मंत्री किरेन रिजीजू ने भी बुधवार को विपक्ष को इस बिल का समर्थन करने की सलाह दी थी।

लोकसभा सीटों की अधिकतम सीमा और परिसीमन प्रक्रिया

सरकार के सूत्रों के अनुसार, लोकसभा सीटों की अधिकतम सीमा 850 निर्धारित की गई है और इसे बढ़ाया नहीं जा सकता। प्रत्येक राज्य के लिए एक अलग परिसीमन आयोग का गठन किया जाएगा, जो उस राज्य की सीटों की संख्या तय करेगा। किसी भी राज्य में सीटों की संख्या का निर्धारण तभी होगा जब परिसीमन आयोग उस राज्य के सभी राजनीतिक दलों के साथ विस्तृत चर्चा करेगा और सरकार का दावा है कि वह सीटों में बढ़ोतरी का जो 50% का फॉर्मूला लाई है, वह सभी राज्यों के साथ न्याय सुनिश्चित करता है।

दक्षिण भारतीय राज्यों में सीटों की संभावित संख्या

सरकार ने उदाहरणों के माध्यम से समझाया है कि परिसीमन के बाद सीटों की संख्या में कैसे वृद्धि होगी:

विशेष संसद सत्र और विधायी कार्य

केंद्र सरकार ने 16 से 18 अप्रैल तक तीन दिनों का विशेष संसद सत्र बुलाया है। इस सत्र के दौरान महिला आरक्षण अधिनियम 2023 (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) को शीघ्रता से लागू करने के लिए लोकसभा में एक संविधान संशोधन विधेयक पेश किया जाएगा। इसके साथ ही परिसीमन कानून से जुड़ा एक विधेयक और दिल्ली, जम्मू-कश्मीर तथा पुडुचेरी जैसे विधानसभा वाले तीन केंद्र शासित प्रदेशों के लिए भी विधेयक लाए जाएंगे।

विपक्ष का रुख और आगामी चुनौतियां

महिला आरक्षण बिल को लेकर विपक्ष विरोध में उतर आया है। बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर हुई बैठक के बाद विपक्षी दलों ने इस बिल का विरोध करने का औपचारिक ऐलान किया है। इस विरोध के चलते गुरुवार को संसद में हंगामे के आसार बने हुए हैं और सरकार का रुख स्पष्ट है कि परिसीमन की प्रक्रिया पारदर्शी होगी और इसमें राज्यों की हिस्सेदारी को अनुपातिक रूप से सुरक्षित रखा जाएगा।