ध्रुव जुरेल का ऐतिहासिक शतक: श्रीलंका में टेस्ट शतक जड़ने वाले पहले भारतीय विकेटकीपर बने

ध्रुव जुरेल ने कोलंबो टेस्ट में नाबाद 115 रनों की पारी खेलकर इतिहास रच दिया है, वह श्रीलंका में टेस्ट शतक लगाने वाले पहले भारतीय विकेटकीपर बन गए हैं।

भारतीय क्रिकेट के उभरते हुए सितारे ध्रुव जुरेल ने श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो टेस्ट में एक ऐसी पारी खेली है जिसे इतिहास के पन्नों में सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा। युवा विकेटकीपर-बल्लेबाज ने पहली पारी में शानदार शतक जड़कर वह कारनामा कर दिखाया जो आज तक कोई भी भारतीय विकेटकीपर श्रीलंका की धरती पर नहीं कर पाया था और जुरेल श्रीलंका में टेस्ट शतक लगाने वाले पहले भारतीय विकेटकीपर बन गए हैं। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने महान क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है और धोनी ने साल 2010 में श्रीलंका में 76 रनों की पारी खेली थी, जो अब तक किसी भारतीय विकेटकीपर का वहां सर्वश्रेष्ठ स्कोर था। जुरेल की यह पारी न केवल उनके करियर के लिए बल्कि भारतीय क्रिकेट के लिए भी एक मील का पत्थर साबित हुई है।

नंबर 7 पर ऐतिहासिक बल्लेबाजी

जुरेल की इस पारी की शुरुआत तब हुई जब टीम इंडिया ने देवदत्त पडिक्कल का विकेट खो दिया था और टीम को एक मजबूत साझेदारी की जरूरत थी। क्रीज पर आते ही जुरेल पर दबाव बढ़ गया क्योंकि उनके साथ बल्लेबाजी कर रहे अनुभवी रवींद्र जडेजा और फिर सारांश जैन जल्दी पवेलियन लौट गए। हालांकि, जुरेल ने अपना धैर्य नहीं खोया और अपनी शानदार तकनीक का परिचय देते हुए पारी को आगे बढ़ाया। इसके बाद उन्हें ऋषभ पंत का साथ मिला और दोनों ने मिलकर श्रीलंकाई गेंदबाजों की जमकर खबर ली। पंत और जुरेल के बीच हुई शतकीय साझेदारी ने भारतीय पारी को मजबूती प्रदान की और श्रीलंका को पूरी तरह से बैकफुट पर धकेल दिया। इन दोनों बल्लेबाजों ने मैदान के चारों ओर शॉट लगाए और श्रीलंकाई कप्तान की रणनीतियों को विफल कर दिया।

शतक का सफर और रन आउट का रोमांच

ध्रुव जुरेल ने अपनी पारी के दौरान 97 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। पंत के आउट होने के बाद भी उन्होंने अपनी एकाग्रता भंग नहीं होने दी और निचले क्रम के बल्लेबाज सुथार के साथ मिलकर 39 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की। जुरेल ने 171 गेंदों का सामना करते हुए असिता फर्नाण्डो की गेंद पर एक रन लेकर अपना ऐतिहासिक शतक पूरा किया। दिलचस्प बात यह है कि शतक के लिए दौड़ते समय जुरेल रन आउट होने से बाल-बाल बचे। फील्डर का थ्रो सीधे विकेट पर नहीं लगा, जबकि जुरेल क्रीज से काफी बाहर थे। इस जीवनदान का फायदा उठाते हुए उन्होंने अपनी पारी को आगे बढ़ाया और अंत तक आउट नहीं हुए। उन्होंने अपनी 115 रनों की नाबाद पारी में 9 चौके और 2 छक्के जड़े, जिससे भारतीय टीम एक विशाल स्कोर तक पहुंच सकी।

रिकॉर्ड्स की झड़ी और टीम की स्थिति

आंकड़ों के लिहाज से देखें तो जुरेल नंबर 7 पर बल्लेबाजी करते हुए विदेशी जमीन पर शतक लगाने वाले महज 7वें भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं। इस विशिष्ट सूची में कपिल देव और ऋषभ पंत जैसे दिग्गज शामिल हैं जिन्होंने यह कारनामा दो-दो बार किया है। जुरेल से पहले आखिरी बार साल 2022 में रवींद्र जडेजा ने नंबर 7 पर उतरकर विदेश में शतक लगाया था। इसके अलावा, श्रीलंका में नंबर 7 पर बल्लेबाजी करते हुए शतक जड़ने वाले वह पहले भारतीय खिलाड़ी भी बन गए हैं। भारत ने अपनी पहली पारी में 503 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। जैसे ही टीम का स्कोर 500 के पार पहुंचा, कप्तान शुभमन गिल ने पारी घोषित करने का निर्णय लिया। श्रीलंका की ओर से गेंदबाजी में असिता फर्नाण्डो सबसे सफल रहे, जिन्होंने 4 विकेट चटकाए। जुरेल के इस ऐतिहासिक प्रदर्शन ने कोलंबो टेस्ट में भारत की स्थिति को बेहद मजबूत कर दिया है।