डोनाल्ड ट्रंप की चीन यात्रा: शी जिनपिंग से मुलाकात, ईरान युद्ध और व्यापार पर महामंथन

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बीजिंग पहुंच गए हैं, जहां वह राष्ट्रपति शी जिनपिंग से व्यापार, ईरान युद्ध और ताइवान को हथियारों की बिक्री जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा करेंगे। उनके साथ एलन मस्क और जेन्सेन हुआंग जैसे दिग्गज कारोबारी भी मौजूद हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीन की राजधानी बीजिंग पहुंच गए हैं, जहां उनका मुख्य उद्देश्य राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय संबंधों को एक नई दिशा देना है और इस महत्वपूर्ण यात्रा के दौरान ट्रंप शी जिनपिंग से अमेरिकी कंपनियों के लिए चीन के द्वार खोलने का पुरजोर आग्रह करेंगे। बीजिंग में आयोजित होने वाले इस महत्वपूर्ण शिखर सम्मेलन की महत्ता इस बात से भी समझी जा सकती है कि इसमें न केवल व्यापारिक मुद्दों पर चर्चा होगी, बल्कि ईरान युद्ध जैसे वैश्विक संकट पर भी विस्तार से बातचीत की जाएगी। एपी की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप की इस यात्रा के एजेंडे में ईरान युद्ध, व्यापारिक संबंध और ताइवान को अमेरिकी हथियारों की बिक्री जैसे संवेदनशील विषय प्रमुखता से शामिल हैं।

अमेरिकी दिग्गजों के साथ बीजिंग पहुंचे ट्रंप

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बुधवार को बीजिंग के लिए रवाना हुए और उनके साथ उनके विशेष विमान में दुनिया के कुछ सबसे प्रभावशाली कारोबारी भी मौजूद थे। इनमें एनवीडिया के प्रमुख जेन्सेन हुआंग और टेस्ला के सीईओ एलोन मस्क शामिल हैं, जो राष्ट्रपति के साथ चीन की इस यात्रा पर गए हैं और बीजिंग रवाना होने से पहले ट्रंप ने स्पष्ट किया कि उनका मुख्य उद्देश्य अमेरिकी कंपनियों के लिए चीनी बाजार में अधिक अवसर तलाशना है। उन्होंने कहा कि वह शी जिनपिंग से आग्रह करेंगे कि वे अमेरिकी व्यवसायों के लिए अपने दरवाजे खोलें और इसके अलावा, एप्पल के सीईओ टिम कुक सहित कई अन्य शीर्ष सीईओ भी इस समय बीजिंग में मौजूद हैं, जो इस यात्रा की आर्थिक गंभीरता को दर्शाता है।

शी जिनपिंग को मनाने की कवायद और व्यापारिक लक्ष्य

वाशिंगटन से रवाना होने के बाद ट्रंप ने सोशल मीडिया पर अपनी भावनाओं को साझा किया। उन्होंने राष्ट्रपति शी जिनपिंग को "असाधारण प्रतिभा का धनी" बताते हुए लिखा कि वह उनसे चीन के द्वार खोलने का आग्रह करेंगे ताकि ये प्रतिभाशाली लोग अपना जादू चला सकें और पीपुल्स रिपब्लिक को और भी ऊंचाइयों पर ले जा सकें। लगभग एक दशक में चीन की यह पहली ऐसी यात्रा है जिसमें इतने बड़े स्तर पर अमेरिकी कॉर्पोरेट जगत के दिग्गज शामिल हो रहे हैं। हालांकि, व्यापार बढ़ाने की ट्रंप की इन महत्वाकांक्षाओं के सामने ताइवान और मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध के कारण उत्पन्न राजनीतिक तनाव एक बड़ी चुनौती है। उल्लेखनीय है कि इन्हीं तनावों के कारण मार्च में होने वाली यह यात्रा पहले ही स्थगित की जा चुकी थी।

ईरान युद्ध और वैश्विक कूटनीति पर चर्चा

व्हाइट हाउस से प्रस्थान करते समय ट्रंप ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उन्हें शी जिनपिंग के साथ ईरान के मुद्दे पर एक "लंबी बातचीत" होने की उम्मीद है। गौरतलब है कि ईरान, अमेरिका द्वारा प्रतिबंधित अपने अधिकांश तेल की बिक्री चीन को ही करता है। हालांकि, ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें नहीं लगता कि ईरान के मामले में उन्हें चीन से किसी विशेष मदद की आवश्यकता है और उन्होंने शी जिनपिंग के अब तक के रुख की सराहना करते हुए कहा कि इस विषय पर उनका रवैया काफी अच्छा रहा है। दूसरी ओर, चीनी विदेश मंत्रालय ने ट्रंप की इस यात्रा का गर्मजोशी से स्वागत किया है और कहा है कि चीन अमेरिका के साथ सहयोग बढ़ाने और आपसी मतभेदों को सुलझाने के लिए पूरी तरह तैयार है।

ताइवान मुद्दा और राजकीय स्वागत का कार्यक्रम

बीजिंग में शांति की स्थापना को लेकर चीन की बेचैनी भी साफ दिखाई दे रही है और चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने हाल ही में अपने पाकिस्तानी समकक्ष से ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता के प्रयासों को तेज करने का आग्रह किया था। ट्रंप की यह यात्रा 2017 के बाद उनकी पहली बीजिंग यात्रा है, जो इसे और भी ऐतिहासिक बनाती है। गुरुवार और शुक्रवार को ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच बहुप्रतीक्षित औपचारिक वार्ता होगी। इस व्यस्त कार्यक्रम में बीजिंग के 'ग्रेट हॉल ऑफ द पीपुल्स' में एक भव्य राजकीय भोज और चाय पार्टी का भी आयोजन किया गया है। ट्रंप ने सोमवार को यह भी संकेत दिया था कि वह शी जिनपिंग के साथ ताइवान को अमेरिकी हथियारों की बिक्री के मुद्दे पर भी सीधी बात करेंगे।