Gold Price Today / सोना ₹760, चांदी ₹3100 उछली: जानिए आज के ताजा भाव और बाजार का हाल

बीते हफ्ते सोने में ₹760 और चांदी में ₹3100 की तेजी आई है। 24 कैरेट सोना ₹750, जबकि 22 कैरेट सोना ₹760 महंगा हुआ। अंतरराष्ट्रीय बाजार की मजबूती से कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

भारतीय सर्राफा बाजार में बीते एक हफ्ते में सोने और चांदी की कीमतों में उल्लेखनीय उछाल दर्ज किया गया है, जिसने निवेशकों और उपभोक्ताओं दोनों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। यह वृद्धि मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय बाजार में धातुओं की मजबूती और वैश्विक तनाव के कारण हुई है, जिससे कमोडिटी बाजार में एक सकारात्मक रुझान देखने को मिल रहा है। इस साप्ताहिक तेजी ने एक बार फिर सोने और चांदी को निवेश के एक आकर्षक विकल्प के रूप। में स्थापित किया है, खासकर ऐसे समय में जब भारतीय शेयर बाजार भी मजबूती के साथ खड़ा है।

सोने की कीमतों में साप्ताहिक उछाल

बीते एक हफ्ते में भारतीय सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। निवेशकों और आम ग्राहकों दोनों के लिए यह एक महत्वपूर्ण सप्ताह रहा, क्योंकि पीली धातु ने अपनी चमक बरकरार रखी। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 22 कैरेट सोने के दाम में। प्रति 10 ग्राम 760 रुपये की प्रभावशाली बढ़ोतरी देखी गई है। यह वृद्धि उन लोगों के लिए उत्साहजनक है जिन्होंने सोने में निवेश किया हुआ है, साथ ही उन उपभोक्ताओं के लिए भी जो इसे एक सुरक्षित निवेश विकल्प मानते हैं। इसी अवधि में, 24 कैरेट शुद्धता वाले सोने की कीमतों में भी लगभग 750 रुपये प्रति 10 ग्राम का इजाफा हुआ है। यह दर्शाता है कि सोने के सभी रूपों में बाजार में मजबूत मांग। बनी हुई है, और यह केवल एक विशेष श्रेणी तक सीमित नहीं है। इस साप्ताहिक उछाल ने बाजार में एक सकारात्मक माहौल बनाया है, जिससे यह उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में भी सोने की कीमतें अपनी मजबूती बनाए रख सकती हैं, बशर्ते अंतरराष्ट्रीय बाजार से समर्थन मिलता रहे।

प्रमुख शहरों में सोने के ताजा भाव (4 जनवरी 2026)

देश के प्रमुख शहरों में 4 जनवरी 2026 को सोने के भाव में तेजी के साथ कारोबार हुआ। राजधानी दिल्ली में, 24 कैरेट सोने की कीमत लगभग 1,35,970 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गई, जो निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण आंकड़ा है। वहीं, 22 कैरेट सोने का भाव लगभग 1,24,650 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया, जो आभूषण खरीदने वालों के लिए प्रासंगिक है और आर्थिक राजधानी मुंबई में भी सोने की कीमतों में समान रुझान देखा गया, जहां 24 कैरेट सोना करीब 1,35,820 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,24,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। इन आंकड़ों से पता चलता है कि देश भर में सोने की मांग और मूल्य में एकरूपता बनी हुई है। चेन्नई, कोलकाता, पुणे और बेंगलुरु जैसे अन्य बड़े शहरों में भी लगभग यही दरें देखने को मिलीं, जो राष्ट्रीय स्तर पर सोने की कीमतों में एक समान वृद्धि का संकेत देती हैं और यह एक स्पष्ट संकेत है कि सोने की बढ़ती कीमतें केवल कुछ विशिष्ट क्षेत्रों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पूरे देश में इसका प्रभाव महसूस किया जा रहा है।

अंतर्राष्ट्रीय बाजार से मिल रहा समर्थन

सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी बीते हफ्ते जोरदार उछाल देखने को मिला है, जिसने निवेशकों को आश्चर्यचकित किया है। चांदी ने इस अवधि में सोने से भी बेहतर प्रदर्शन किया है, जो इसकी बढ़ती लोकप्रियता और औद्योगिक मांग को दर्शाता है। बीते एक हफ्ते में चांदी की कीमत में करीब 3,100। रुपये प्रति किलोग्राम की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस महत्वपूर्ण वृद्धि के बाद, घरेलू बाजार में चांदी का भाव लगभग 2,41,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया है और यह आंकड़ा चांदी को एक आकर्षक निवेश विकल्प बनाता है, खासकर उन निवेशकों के लिए जो उच्च रिटर्न की तलाश में हैं। इस साल अब तक, चांदी की कीमतों में 160 प्रतिशत से भी अधिक की जबरदस्त तेजी आ चुकी है, जो सोने के प्रदर्शन से कहीं बेहतर है और यह दर्शाता है कि चांदी न केवल एक कीमती धातु है, बल्कि एक मजबूत कमोडिटी भी है जिसमें निवेश से अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है। चांदी की यह चमक वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच एक सुरक्षित निवेश के रूप में इसकी भूमिका को और मजबूत करती है। भारतीय सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों को वैश्विक बाजार से लगातार मजबूत समर्थन मिल रहा है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है, जो घरेलू कीमतों में वृद्धि का एक प्रमुख कारण है। हाजिर सोना करीब 4,392 डॉलर प्रति औंस के आसपास चल रहा है,। जो इसकी वैश्विक मांग और निवेशकों के बीच इसकी लोकप्रियता को दर्शाता है। यह उच्च अंतरराष्ट्रीय भाव भारतीय बाजार में सोने की कीमतों को ऊपर की ओर धकेलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, क्योंकि भारत सोने का एक प्रमुख आयातक देश है। बीते साल यानी 2025 में सोने ने करीब 73 प्रतिशत की। जबरदस्त बढ़त दर्ज की थी, जो इसकी ऐतिहासिक मजबूती को दर्शाता है। इस साल 2026 में भी इसमें तेजी बने रहने की उम्मीद जताई जा रही है,। जो वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, भू-राजनीतिक तनाव और मुद्रास्फीति के दबाव जैसे कारकों से प्रेरित है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की यह निरंतर मजबूती भारतीय निवेशकों के लिए भी। एक सकारात्मक संकेत है, जो इसे एक सुरक्षित और लाभदायक निवेश विकल्प मानते हैं।

भारतीय बाजार की मजबूती और कमोडिटी का रुझान

वैश्विक तनावों के बावजूद, भारतीय बाजार ने साल 2025 में मजबूती के साथ खड़ा रहा और यह सिलसिला साल 2026 में भी जारी रहा है। बीते हफ्ते में, भारतीय शेयर बाजार का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 0. 89 फीसदी की तेजी के साथ 85,762. 01 पर बंद हुआ, जो देश की आर्थिक स्थिरता और निवेशकों के विश्वास को दर्शाता है। इस मजबूती का प्रभाव कमोडिटी बाजार पर भी पड़ा है, जहां सोने और चांदी दोनों के भाव में बीते हफ्ते बढ़ोतरी देखी गई। यह दर्शाता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था न केवल इक्विटी बाजार में बल्कि कमोडिटी सेगमेंट में भी लचीलापन दिखा रही है। निवेशकों के लिए यह एक संकेत है कि विभिन्न परिसंपत्ति वर्गों में विविधता लाना महत्वपूर्ण है। कमोडिटी बाजार में यह तेजी वैश्विक आर्थिक परिदृश्य और घरेलू मांग दोनों का परिणाम। है, जो भारत को एक मजबूत निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करता है।

निवेशकों के लिए निहितार्थ और आगे की राह

सोने और चांदी की कीमतों में यह साप्ताहिक उछाल निवेशकों के लिए कई निहितार्थ रखता है। यह दर्शाता है कि कीमती धातुएं अभी भी अनिश्चित समय में एक सुरक्षित निवेश विकल्प बनी हुई हैं। वैश्विक तनाव और आर्थिक उतार-चढ़ाव के बीच, सोना और चांदी अक्सर अपनी चमक बनाए रखते हैं, जिससे वे पोर्टफोलियो विविधीकरण के लिए महत्वपूर्ण हो जाते हैं। 2025 में सोने की 73% की वृद्धि और 2026 में चांदी की 160%। से अधिक की वृद्धि ने इन धातुओं की निवेश क्षमता को उजागर किया है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार की मजबूती से आगे भी कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, जैसा कि विशेषज्ञों का मानना है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे बाजार के रुझानों पर बारीकी से नजर रखें और सूचित निर्णय लें। यह स्पष्ट है कि कमोडिटी बाजार में वर्तमान में एक मजबूत गति है, और यह गति निकट भविष्य में भी जारी रहने की उम्मीद है, जिससे सोने और चांदी में निवेश करने वालों को लाभ मिल सकता है।