Hardik Pandya News / हार्दिक ने तोड़ा BCCI का नियम, विजय हजारे ट्रॉफी में 10 ओवर फेंककर मचाई खलबली

विजय हजारे ट्रॉफी में हार्दिक पंड्या ने चंडीगढ़ के खिलाफ 75 रन बनाए और 3 विकेट लिए, लेकिन उनके 10 ओवर गेंदबाजी करने पर सवाल उठ रहे हैं। बीसीसीआई सीओई ने उन्हें पूरे ओवर फेंकने की इजाजत नहीं दी थी, जिससे टी20 विश्व कप के मद्देनजर उनकी फिटनेस को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

विजय हजारे ट्रॉफी के सातवें राउंड के मुकाबले में बड़ौदा और चंडीगढ़ के बीच एक रोमांचक भिड़ंत देखने को मिली, जिसमें बड़ौदा ने चंडीगढ़ को 149 रनों के विशाल अंतर से हरा दिया और इस मैच के असली हीरो रहे भारतीय क्रिकेट के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या, जिन्होंने अपने हरफनमौला प्रदर्शन से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने न सिर्फ बल्ले से आग उगली, बल्कि गेंद से भी कमाल दिखाया, हालांकि उनकी गेंदबाजी ने एक बड़े विवाद को जन्म दे दिया है।

विजय हजारे ट्रॉफी में हार्दिक पंड्या का धमाकेदार प्रदर्शन

बड़ौदा ने पहले बल्लेबाजी करते हुए चंडीगढ़ के सामने 391 रनों का पहाड़ जैसा लक्ष्य रखा। इस विशाल स्कोर को खड़ा करने में हार्दिक पंड्या का योगदान अविस्मरणीय रहा। उन्होंने मात्र 31 गेंदों में ताबड़तोड़ 75 रन बनाए, जिसमें 9 गगनचुंबी छक्के और 2 शानदार चौके शामिल थे। उनका स्ट्राइक रेट 240 से भी अधिक रहा, जिसने चंडीगढ़ के गेंदबाजों को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया। पंड्या की इस विस्फोटक पारी ने बड़ौदा को एक मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया और इसके बाद, जब चंडीगढ़ की टीम लक्ष्य का पीछा करने उतरी, तो हार्दिक पंड्या ने गेंद से भी अपना जलवा बिखेरा। उन्होंने ओपन बॉलिंग की और अपने कोटे के पूरे 10 ओवर। फेंके, जिसमें उन्होंने 66 रन देकर 3 महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए। उनके इस प्रदर्शन की बदौलत चंडीगढ़ की टीम 242 रनों पर ढेर हो गई और बड़ौदा ने 149 रनों से शानदार जीत दर्ज की।

बीसीसीआई के नियमों का उल्लंघन और फिटनेस संबंधी चिंताएं

हार्दिक पंड्या का यह शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन एक बड़े विवाद का कारण बन गया है और दरअसल, पंड्या ने इस मैच में पूरे 10 ओवर गेंदबाजी की, जो बीसीसीआई के नियमों के खिलाफ माना जा रहा है। बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) ने कथित तौर पर पंड्या को पूरे ओवर फेंकने की इजाजत नहीं दी थी। यह मामला तब और गंभीर हो जाता है जब न्यूजीलैंड वनडे सीरीज के लिए टीम इंडिया का चयन हुआ था, तब बीसीसीआई। ने एक ट्वीट के जरिए यह जानकारी दी थी कि पंड्या 10 ओवर कराने के लिए पूरी तरह से फिट नहीं हैं। इसके बावजूद, उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी में अपने कोटे के सभी ओवर फेंक दिए, जिससे बीसीसीआई के निर्देशों की अवहेलना का सवाल खड़ा हो गया है।

बीसीसीआई की नीति और खिलाड़ी का संरक्षण

बीसीसीआई और उसके सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) का मुख्य उद्देश्य खिलाड़ियों की फिटनेस का प्रबंधन करना और उन्हें बड़े टूर्नामेंटों के लिए तैयार रखना है, खासकर उन खिलाड़ियों के लिए जिनका चोट का इतिहास रहा है, जैसे कि हार्दिक पंड्या और सीओई ने पंड्या को टी20 विश्व कप के मद्देनजर बचाकर रखा हुआ है, ताकि वह महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए पूरी तरह से फिट और तैयार रहें। उनकी गेंदबाजी पर प्रतिबंध या सीमित ओवरों की सलाह इसी रणनीति का हिस्सा है, ताकि उनके कार्यभार को नियंत्रित किया जा सके और किसी भी संभावित चोट से बचा जा सके। एक ऑलराउंडर के रूप में, पंड्या का बल्ले और गेंद दोनों से योगदान टीम इंडिया के लिए अमूल्य है, और उनकी फिटनेस सुनिश्चित करना बोर्ड की प्राथमिकता है।

संभावित परिणाम और वैकल्पिक परिदृश्य

हार्दिक पंड्या के इस कदम से उन्हें बीसीसीआई की लताड़ पड़ सकती है और नियमों का उल्लंघन करने पर बोर्ड उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई कर सकता है, क्योंकि खिलाड़ियों को बोर्ड और सीओई द्वारा निर्धारित फिटनेस प्रोटोकॉल का पालन करना अनिवार्य होता है। हालांकि, एक वैकल्पिक संभावना यह भी है कि पंड्या ने चंडीगढ़ के खिलाफ मैच से पहले बीसीसीआई या सीओई से पूरे ओवर फेंकने की विशेष इजाजत ली हो। यदि ऐसा हुआ है, तो यह स्थिति थोड़ी अलग हो सकती है, लेकिन वर्तमान जानकारी के अनुसार, यह एक नियम का उल्लंघन प्रतीत होता है। खिलाड़ी के लिए यह महत्वपूर्ण है कि वह अपने शरीर। की स्थिति और बोर्ड के निर्देशों के बीच संतुलन बनाए रखे।

टूर्नामेंट में लगातार शानदार फॉर्म

विजय हजारे ट्रॉफी में हार्दिक पंड्या का प्रदर्शन सिर्फ चंडीगढ़ के खिलाफ ही नहीं, बल्कि पूरे टूर्नामेंट में शानदार रहा है। चंडीगढ़ के खिलाफ 75 रन बनाने से पहले, उन्होंने विदर्भ के खिलाफ भी जमकर रन बरसाए थे, जहां उन्होंने 133 रनों की एक और धमाकेदार पारी खेली थी। पिछले दो मैचों में पंड्या ने कुल 20 छक्के लगाए हैं, जो उनकी मौजूदा फॉर्म और पावर-हिटिंग क्षमता को दर्शाता है। यह प्रदर्शन बताता है कि वह बल्ले से पूरी तरह से लय में हैं और अपनी पुरानी आक्रामक शैली में लौट आए हैं, जो टीम इंडिया के लिए एक अच्छा संकेत है।

आगे की राह: न्यूजीलैंड टी20 सीरीज और भविष्य

हार्दिक पंड्या अब न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी टी20 सीरीज में खेलते नजर आएंगे और यह सीरीज उनके लिए अपनी फिटनेस और फॉर्म को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साबित करने का एक और मौका होगा। विजय हजारे ट्रॉफी में उनके प्रदर्शन और गेंदबाजी को लेकर उठे सवालों के बीच, न्यूजीलैंड सीरीज में उनकी भूमिका और कार्यभार पर सभी की नजरें रहेंगी। टी20 विश्व कप से पहले, पंड्या का पूरी तरह से फिट और फॉर्म में रहना टीम इंडिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण। है, और बोर्ड को उनके कार्यभार प्रबंधन पर विशेष ध्यान देना होगा ताकि वह बड़े मंच पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दे सकें।