इजरायल-लेबनान सीजफायर से पहले IDF का बड़ा प्रहार, 150 आतंकी और कमांडर ढेर

इजरायल और लेबनान के बीच 16-17 अप्रैल को सीजफायर लागू होने से 24 घंटे पहले आईडीएफ ने बड़ी कार्रवाई की। इस ऑपरेशन में हिजबुल्लाह के बिंत ज्बील क्षेत्र के कमांडर अली रिदा अब्बास सहित 150 से अधिक आतंकी मारे गए और 300 सैन्य ठिकाने नष्ट कर दिए गए।

इजरायल और लेबनान के बीच 16-17 अप्रैल को सीजफायर लागू होने से ठीक 24 घंटे पहले इजरायली रक्षा बल (IDF) ने एक बड़ा सैन्य अभियान चलाया। आईडीएफ ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक पोस्ट के माध्यम से जानकारी दी कि संघर्षविराम समझौते के प्रभावी होने से पहले ही उसने हिजबुल्लाह के 150 से अधिक आतंकवादियों और कमांडरों को ढेर कर दिया था। इस कार्रवाई के दौरान हिजबुल्लाह के सैन्य ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया गया।

सीजफायर से 24 घंटे पहले की बड़ी सैन्य कार्रवाई

आईडीएफ द्वारा दी गई आधिकारिक घोषणा के अनुसार, लेबनान में हिजबुल्लाह के साथ संघर्षविराम समझौते के प्रभाव में आने से ठीक 24 घंटे पहले 150 से अधिक आतंकवादियों को मार गिराया गया। इस दौरान इजरायली सेना ने हिजबुल्लाह के लगभग 300 से अधिक आर्मी बेस को भी पूरी तरह तबाह कर दिया। इन हमलों का मुख्य उद्देश्य सीजफायर लागू होने से पहले इजरायली सैनिकों पर किसी भी संभावित खतरे को समाप्त करना और हिजबुल्लाह की सैन्य क्षमता को कमजोर करना था।

कमांडर अली रिदा अब्बास की मौत और सैन्य ठिकानों की तबाही

इन हमलों में आईडीएफ को एक बड़ी सफलता तब मिली जब बिंत ज्बील क्षेत्र का हिजबुल्लाह कमांडर अली रिदा अब्बास मारा गया। अब्बास पर इजरायली सैनिकों और इजरायल के खिलाफ कई हमलों की योजना बनाने और उन्हें अंजाम देने का आरोप था। आईडीएफ ने अपनी कार्रवाई में हिजबुल्लाह के रॉकेट लॉन्चर, यूएवी (ड्रोन), एंटी-टैंक मिसाइल पॉइंट्स, कमांड सेंटर और अन्य महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर नष्ट कर दिया।

हिजबुल्लाह के गढ़ बिंत ज्बील में भारी नुकसान

दक्षिणी लेबनान का बिंत ज्बील क्षेत्र हिजबुल्लाह का एक मजबूत गढ़ माना जाता है। पिछले हफ्तों के दौरान यहां भीषण लड़ाई देखी गई थी, जिसमें सैकड़ों आतंकवादी मारे गए। आईडीएफ के अनुसार, अली रिदा अब्बास जैसे उच्च स्तरीय कमांडरों की मौत से हिजबुल्लाह की पूरी कमांड संरचना पर गहरा असर पड़ा है और यह पूरी कार्रवाई अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता में होने वाले 10 दिनों के नाजुक संघर्ष विराम के लागू होने से ठीक पहले की गई।

यह घटनाक्रम इजरायल-हिजबुल्लाह युद्ध के आठवें सप्ताह में सामने आया है, जिसमें अब तक हजारों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। सीजफायर प्रभावी होने से पहले आईडीएफ ने हिजबुल्लाह के बुनियादी ढांचे को अधिकतम क्षति पहुंचाने का निर्णय लिया था।