IND vs WI: टीम इंडिया ने बदल दी स्क्रिप्ट, टॉस हारकर भी जीता मैच, पंजाबी मुंडे रहे स्टार

भारतीय टीम ने इंदौर के होल्कर स्टेडियम में खेले गए तीसरे टी20 मैच में वेस्टइंडीज को 14 रनों से हरा दिया। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 223 रन बनाए और सफलतापूर्वक बचाव किया।

भारतीय क्रिकेट टीम ने वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 सीरीज में शानदार वापसी करते हुए तीसरे मैच में जीत दर्ज की है। इंदौर के होल्कर स्टेडियम में रविवार 11 अक्टूबर की शाम को खेले गए इस मुकाबले में भारतीय टीम ने एक बार फिर अपनी बल्लेबाजी की ताकत दिखाई। पिछले मैच में 249 रन बनाने के बावजूद हार का सामना करने वाली टीम इंडिया ने इस बार अपनी गलतियों से सीखा और 223 रन के स्कोर का सफलतापूर्वक बचाव करते हुए 14 रन से यह मैच अपने नाम कर लिया।

टॉस का फैसला और बदलती कहानी

होल्कर स्टेडियम में जब टॉस हुआ, तो एक बार फिर किस्मत ने वेस्टइंडीज के कप्तान शे होप का साथ दिया। उन्होंने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। इस पूरी सीरीज में अब तक एक अजीब सा पैटर्न देखने को मिल रहा था। सीरीज के 3 वनडे और पिछले 2 टी20 मैचों में जिस भी टीम ने पहले गेंदबाजी की थी, उसने आसानी से लक्ष्य का पीछा करते हुए जीत हासिल की थी। भारत ने वनडे सीरीज के दौरान 406 रन का विशाल लक्ष्य भी चेज किया था, वहीं वेस्टइंडीज ने पिछले टी20 मैच में 250 रन बनाकर जीत दर्ज की थी। लेकिन इस बार इंदौर में कहानी पूरी तरह बदल गई।

अभिषेक शर्मा और अर्शदीप सिंह का जलवा

भारतीय टीम की इस जीत में 'पंजाबी मुंडों' का बड़ा योगदान रहा। सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने अपनी धुआंधार पारी से टीम को एक मजबूत शुरुआत दी और स्कोर को 223 रन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। बल्लेबाजी के बाद गेंदबाजी में अर्शदीप सिंह ने अपनी चमक बिखेरी। अर्शदीप सिंह का वह ओवर मैच का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ जिसमें उन्होंने 2 विकेट चटकाए। उनके इस स्पेल ने वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी और भारत की जीत की राह आसान कर दी।

ओस का न होना बना भारत के लिए वरदान

इस मैच में भारत की जीत की एक बड़ी वजह इंदौर के मौसम का मिजाज भी रहा। आमतौर पर शाम के मैचों में ओस (Dew) एक बड़ी भूमिका निभाती है, जिससे बाद में गेंदबाजी करना मुश्किल हो जाता है और लक्ष्य का पीछा करना आसान होता है और लेकिन इस रविवार को इंदौर में ओस नहीं पड़ी। ओस न होने के कारण भारतीय गेंदबाजों को गेंद पर बेहतर ग्रिप मिली और वे अपनी योजनाओं को सही तरीके से लागू कर सके। इसी का नतीजा रहा कि भारतीय टीम 223 रन के स्कोर को डिफेंड करने में सफल रही और सीरीज में अपनी उम्मीदों को बरकरार रखा।

मैच का परिणाम और सीरीज की स्थिति

भारत ने इस मैच को 14 रन से जीतकर सीरीज में जोरदार वापसी की है। पिछले मैच में मिली हार के बाद टीम पर काफी दबाव था, खासकर तब जब वे 249 रन जैसा बड़ा स्कोर भी नहीं बचा पाए थे। लेकिन इस बार गेंदबाजों और बल्लेबाजों के सामूहिक प्रयास ने टीम इंडिया को जीत की दहलीज पर खड़ा कर दिया। वेस्टइंडीज की टीम 223 रन के लक्ष्य के जवाब में संघर्ष करती दिखी और अंततः निर्धारित ओवरों में लक्ष्य से 14 रन पीछे रह गई।