नई दिल्ली / सीईओ पर 'अनैतिक व्यवहार' के आरोप लगने के बाद इन्फोसिस को हुआ ₹53,000 करोड़ नुकसान

अज्ञात शिकायतकर्ताओं द्वारा इन्फोसिस के सीईओ सलिल पारेख पर मुनाफा बढ़ाने के लिए 'बेहद अनैतिक व्यवहार' अपनाने के आरोप लगाने के बाद मंगलवार को कारोबार के दौरान कंपनी के शेयर 16% टूट गए। इससे कंपनी के बाज़ार पूंजीकरण में ₹53,000 करोड़ की गिरावट आई। गौरतलब है, यह अप्रैल 2013 के बाद कंपनी के शेयरों में आई सर्वाधिक एकदिनी गिरावट है।

आईटी कंपनी इन्फोसिस का शेयर मंगलवार को करीब 17 प्रतिशत नीचे आ गया। इससे कंपनी के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में 53,451 करोड़ रुपये की गिरावट आई। एक व्हिसलब्लोअर शिकायत में कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सलिल पारेख और मुख्य वित्त अधिकारी नीलांजल रॉय पर लघु अवधि की आय और मुनाफे के लिए अनुचित व्यवहार अपनाने का आरोप लगाया गया है। इसके बाद कंपनी के शेयरों में गिरावट आई।

शेयर बाजार में कंपनी का शेयर 16.21 प्रतिशत के नुकसान से 643.30 रुपये पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह एक समय 16.86 प्रतिशत टूटकर 638.30 रुपये पर आ गया था। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में कंपनी का शेयर 16.65 प्रतिशत के नुकसान से 640 रुपये पर बंद हुआ।

शेयरों में जोरदार गिरावट के बीच कंपनी का बाजार पूंजीकरण 53,450.92 करोड़ रुपये घटकर 2,76,300.08 करोड़ रुपये पर आ गया। इन्फोसिस के चेयरमैन नंदन नीलेकणि ने एक बयान में कहा कि कंपनी की आडिट समिति व्हिसलब्लोअर की शिकायत पर स्वतंत्र जांच करेगी।

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