DMRC Staff Quarter Fire / दिल्ली मेट्रो स्टाफ क्वार्टर में भीषण आग, पति-पत्नी और मासूम बच्ची की दर्दनाक मौत

दिल्ली के आदर्श नगर में DMRC स्टाफ क्वार्टर में भीषण आग लगने से पति, पत्नी और उनकी 10 साल की बेटी सहित तीन लोगों की मौत हो गई। दमकलकर्मियों को पांचवीं मंजिल पर उनके जले हुए शव मिले। पुलिस आग के कारणों की जांच कर रही है।

दिल्ली के आदर्श नगर इलाके में स्थित दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) के स्टाफ क्वार्टर में एक भीषण आग लगने से तीन लोगों की दुखद मौत हो गई है और मृतकों में एक पति, पत्नी और उनकी मासूम बेटी शामिल हैं, जिनके शव आग बुझने के बाद जली हुई हालत में बरामद किए गए। इस हृदय विदारक घटना ने पूरे समुदाय को झकझोर कर रख दिया है, और आग लगने के कारणों की जांच के लिए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी है।

दुर्भाग्यपूर्ण रात और आपातकालीन प्रतिक्रिया

दिल्ली अग्निशमन सेवा (DFS) को रात 2:39 बजे DMRC क्वार्टर में घरेलू सामान में आग लगने की एक आपातकालीन सूचना मिली। इस गंभीर आपात स्थिति पर तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए, अग्निशमन विभाग ने तत्काल छह दमकल गाड़ियों को घटनास्थल पर रवाना किया। इस त्वरित तैनाती का उद्देश्य आग को नियंत्रित करना और आवासीय परिसर में आगे किसी भी क्षति या जानमाल के नुकसान को रोकना था। अग्निशमन कर्मियों को धुएं और लपटों के बीच से प्रभावित क्षेत्र तक पहुंचने के लिए एक कठिन चुनौती का सामना करना पड़ा।

पांचवीं मंजिल पर लगी आग और पीड़ितों की खोज

आग विशेष रूप से स्टाफ क्वार्टर भवन की पांचवीं मंजिल पर लगने की सूचना मिली थी। घटनास्थल पर पहुंचने के बाद, अग्निशमन कर्मियों की समर्पित टीमों ने भयंकर लपटों को बुझाने के अपने अथक प्रयास शुरू किए और जैसे-जैसे आग पर धीरे-धीरे काबू पाया गया और धुआं छंटने लगा, अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों ने एक भयावह खोज की। पांचवीं मंजिल पर स्थित प्रभावित परिसर के अंदर, उन्हें तीन व्यक्तियों के बुरी तरह जले हुए शव मिले, जिससे जानमाल के दुखद नुकसान की सबसे बुरी आशंकाओं की पुष्टि हुई।

मृतक परिवार की पहचान

मृतकों की पहचान 42 वर्षीय अजय, उनकी 38 वर्षीय पत्नी नीलम और उनकी 10 वर्षीय मासूम बेटी जान्हवी के रूप में हुई है। इस तरह की भयावह घटना में पूरे परिवार का खो जाना रिश्तेदारों, सहकर्मियों और व्यापक समुदाय को गहरा दुख पहुंचा है। घटना के आसपास के गंभीर माहौल के बीच पहचान प्रक्रिया को अंजाम दिया। गया, जिससे आग में जान गंवाने वाले पीड़ितों की पहचान की पुष्टि हुई।

पुलिस ने आग के कारणों की जांच शुरू की

शवों की बरामदगी और घटनास्थल के प्रारंभिक आकलन के बाद, आदर्श नगर पुलिस ने तुरंत घटना की व्यापक जांच शुरू कर दी है और जहां तत्काल ध्यान बचाव और आग बुझाने पर था, वहीं बाद में प्राथमिकता इस विनाशकारी आग के सटीक कारण का पता लगाने पर केंद्रित हो गई। अधिकारी आग कैसे लगी, इस पर प्रकाश डालने वाले किसी भी सुराग के लिए घटनास्थल की बारीकी से जांच कर रहे हैं। वर्तमान में, आग लगने के सटीक कारण अज्ञात बने हुए हैं, और जांचकर्ता सभी संभावित कोणों की। पड़ताल कर रहे हैं, जिसमें बिजली का शॉर्ट सर्किट, गैस रिसाव या अन्य संभावित कारक शामिल हैं।

मजलिस पार्क मेट्रो स्टेशन क्वार्टर का दृश्य

DMRC स्टाफ क्वार्टर, जहां यह दुखद घटना हुई, आदर्श नगर इलाके में, विशेष रूप से मजलिस पार्क मेट्रो स्टेशन के पास स्थित हैं। ये क्वार्टर दिल्ली मेट्रो के कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए आवासीय सुविधाएं प्रदान करते हैं, जिससे यह घटना DMRC समुदाय के लिए विशेष रूप से मार्मिक हो गई है। आग ने न केवल जान ली बल्कि संपत्ति को भी काफी नुकसान पहुंचाया, जिससे एक परिवार का घर तबाही के मंजर में बदल गया। यह घटना आवासीय भवनों में अग्नि सुरक्षा उपायों के महत्वपूर्ण महत्व की एक कड़ी याद दिलाती है।

सोते समय हुई दुखद क्षति

रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि दुर्भाग्यपूर्ण परिवार - अजय, नीलम और उनकी छोटी बेटी जान्हवी - आग लगने के समय कथित तौर पर एक कमरे में सो रहे थे और यह विवरण त्रासदी की अचानक और भारी प्रकृति को रेखांकित करता है, जिससे उन्हें बचने का बहुत कम या कोई मौका नहीं मिला। घरेलू माहौल में आग का तेजी से फैलना, विशेष रूप से घरेलू सामानों को शामिल करते हुए, संभवतः स्थिति के तेजी से बढ़ने में योगदान दिया, जिससे परिवार अपने निवास के अंदर फंस गया।

जारी जांच और सामुदायिक चिंताएं

पुलिस उस दुखद रात की घटनाओं को एक साथ जोड़ने के लिए अपने अथक प्रयास जारी रखे हुए है। जांच में सहायता के लिए फोरेंसिक टीमों द्वारा घटनास्थल से सबूत एकत्र करने की उम्मीद है और समुदाय, विशेष रूप से इसी तरह के स्टाफ क्वार्टरों में रहने वाले लोग, सदमे से जूझ रहे हैं और अग्नि सुरक्षा प्रोटोकॉल और आपातकालीन तैयारियों के बारे में सवाल उठा रहे हैं। जबकि जांच जारी है, प्राथमिक उद्देश्य भविष्य में ऐसी हृदय विदारक घटनाओं को रोकने और शोक संतप्त। परिवारों और चिंतित जनता को जवाब प्रदान करने के लिए आग के कारण का पता लगाना है। अधिकारियों ने मामले की गहन और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है।