एप्पल के सीईओ टिम कुक ने आगामी आईफोन सीरीज की कीमतों में बढ़ोतरी के स्पष्ट संकेत दिए हैं, जिससे यह संभावना बढ़ गई है कि आईफोन 18 प्रो काफी महंगा हो सकता है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सितंबर में लॉन्च होने वाले आईफोन 18 प्रो की कीमत में 18877 रुपये तक की वृद्धि देखी जा सकती है। इस मूल्य वृद्धि का मुख्य कारण चिप की कीमतों में होने वाली लगातार बढ़ोतरी है, जिसकी वजह से स्मार्टफोन का निर्माण महंगा होता जा रहा है। जैसे-जैसे तकनीक उन्नत हो रही है, इन उपकरणों को बनाने में लगने वाली लागत भी बढ़ रही है, जिससे कंपनी को अपनी मूल्य निर्धारण रणनीति में बदलाव करने पर विचार करना पड़ रहा है।
चिप की बढ़ती लागत और एआई की मांग
आईफोन 17 सीरीज के आने के बाद से ही बाजार में आईफोन 18 सीरीज का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है। चर्चा है कि कंपनी इस बार अपनी लॉन्च रणनीति में बड़ा बदलाव कर सकती है। इसके तहत आईफोन 18 प्रो और आईफोन 18 प्रो मैक्स को इस साल सितंबर में लॉन्च किया जा सकता है, जबकि स्टैंडर्ड वेरिएंट यानी आईफोन 18 को अगले साल 2027 में लॉन्च किए जाने की संभावना है। इन लीक्स के बीच, एप्पल के सीईओ टिम कुक ने वॉल स्ट्रीट जर्नल को दिए एक साक्षात्कार में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि कंपनी मेमोरी और स्टोरेज चिप की बढ़ती लागत की भरपाई के लिए अपने उत्पादों की कीमतें बढ़ाने की योजना बना रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों के बीच जरूरी पुर्जों की सीमित आपूर्ति को लेकर कड़ी प्रतिस्पर्धा शुरू हो गई है, जिससे वैश्विक स्तर पर कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं।
टिम कुक का बयान और बाजार की स्थिति
टिम कुक ने एप्पल के उत्पादों की कीमतों में होने वाली बढ़ोतरी के लिए मुख्य रूप से चिप की कीमतों को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि कंपनी अपने ग्राहकों को इस मूल्य वृद्धि के बोझ से बचाने का प्रयास कर रही है, लेकिन वर्तमान स्थिति अब नियंत्रण से बाहर होती जा रही है। " यह बयान दर्शाता है कि सप्लाई चेन की समस्याओं और पुर्जों की कमी ने दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों के सामने भी बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।
आईफोन 18 प्रो की निर्माण लागत का विश्लेषण
मार्केट रिसर्च फर्म टेकइन्साइट्स के आंकड़ों के आधार पर द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने एक अनुमान प्रस्तुत किया है और इस रिपोर्ट के अनुसार, बेस आईफोन 18 प्रो के लिए डीआरएएम की लागत लगभग 39 डॉलर से बढ़कर 145 डॉलर तक पहुंच सकती है। इसके साथ ही स्टोरेज की लागत में भी भारी बढ़ोतरी की उम्मीद है, जो लगभग 13 डॉलर से बढ़कर 51 डॉलर हो सकती है। यदि कुल मैन्युफैक्चरिंग खर्च को देखा जाए, तो आईफोन 17 प्रो की तुलना में आईफोन 18 प्रो की कुल प्रोडक्शन कॉस्ट लगभग 25 प्रतिशत तक बढ़ सकती है। यह उत्पादन लागत में एक बड़ा उछाल है जो सीधे तौर पर फोन की अंतिम कीमत को प्रभावित करेगा।
संभावित कीमतें और ग्राहकों पर असर
यदि ये अनुमान सही साबित होते हैं, तो आईफोन 18 प्रो की शुरुआती कीमत 1299 डॉलर हो सकती है, जो भारतीय मुद्रा में लगभग 122608 रुपये के बराबर है। इसकी तुलना में आईफोन 17 प्रो की शुरुआती कीमत 1099 डॉलर थी, जो लगभग 103731 रुपये बैठती है। ये सभी आंकड़े और संकेत इस बात की पुष्टि करते हैं कि नई सीरीज के लिए ग्राहकों को पहले के मुकाबले काफी ज्यादा कीमत चुकानी पड़ सकती है। चिप और स्टोरेज की कीमतों में होने वाला यह इजाफा आईफोन 18 प्रो को अब तक के सबसे महंगे मॉडल्स में से एक बना सकता है।
