24 साल में IPS और 13 साल की सेवा के बाद इस्तीफा, चर्चा में DCP जगमोहन मीणा

भुवनेश्वर के डीसीपी जगमोहन मीणा ने 13 साल की शानदार पुलिस सेवा के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। राजस्थान के अलवर निवासी और आईआईटी कानपुर के पूर्व छात्र मीणा ने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए यह कदम उठाया है। उनके करियर में कई वीरता पदक शामिल हैं।

ओडिशा कैडर के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी जगमोहन मीणा इन दिनों अपनी सेवा से इस्तीफा देने को लेकर चर्चा के केंद्र में बने हुए हैं और वर्तमान में भुवनेश्वर के पुलिस उपायुक्त (DCP) के रूप में कार्यरत 37 वर्षीय जगमोहन मीणा ने 13 साल की लंबी और गौरवशाली सेवा के बाद अपने पद से त्यागपत्र दे दिया है। हालांकि, आधिकारिक सूत्रों के अनुसार उनका इस्तीफा अभी प्रक्रिया के अधीन है और इसे अभी तक स्वीकार नहीं किया गया है। जगमोहन मीणा का जन्म साल 1989 में राजस्थान के अलवर जिले की रैणी तहसील के अंतर्गत आने वाले प्रागपुरा गांव में हुआ था। उनकी प्रारंभिक शिक्षा राजस्थान में ही संपन्न हुई, जिसके बाद उन्होंने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी सफलता हासिल की।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि और आईआईटी कानपुर का सफर

जगमोहन मीणा की शैक्षणिक यात्रा अत्यंत प्रेरणादायक रही है। उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) कानपुर से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। Tech) की डिग्री हासिल की। तकनीकी क्षेत्र में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने देश की सेवा करने का निर्णय लिया और संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की और उनकी कड़ी मेहनत का परिणाम साल 2012 की सिविल सेवा परीक्षा में देखने को मिला, जहां उन्होंने अखिल भारतीय स्तर पर 849वीं रैंक प्राप्त की। इसके बाद साल 2013 में वह मात्र 24 साल की उम्र में भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी बन गए। उन्हें ओडिशा कैडर आवंटित किया गया था।

वीरता पदक और उत्कृष्ट सेवा रिकॉर्ड

जगमोहन मीणा अपने काम को लेकर हमेशा से बहुत सजग और समर्पित रहे हैं। उनके 13 साल के करियर में उन्हें कई महत्वपूर्ण पदकों से सम्मानित किया गया है। साल 2019 में उन्हें उनकी बहादुरी के लिए पुलिस वीरता पदक प्रदान किया गया। इसके बाद साल 2021 में उन्हें पुलिस आंतरिक सुरक्षा सेवा पदक से नवाजा गया। उनकी उत्कृष्ट सेवाओं को देखते हुए साल 2023 में उन्हें राज्यपाल पदक से भी सम्मानित किया गया। ये सम्मान उनके कर्तव्य के प्रति अटूट निष्ठा और साहस का प्रमाण हैं।

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सफल नेतृत्व

उनके करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव साल 2019 में आया जब वह ओडिशा के नक्सल प्रभावित जिले मलकानगिरी के पुलिस अधीक्षक (SP) के रूप में तैनात थे। इस दौरान उन्होंने कई माओवादी विरोधी अभियानों का सफलतापूर्वक नेतृत्व किया, जिसकी प्रशासनिक स्तर पर काफी सराहना हुई। मलकानगिरी के अलावा उन्होंने अंगुल और गंजाम जैसे महत्वपूर्ण जिलों में भी एसपी के रूप में अपनी सेवाएं दीं। इन जिलों में सफल कार्यकाल के बाद उन्हें पदोन्नत कर भुवनेश्वर का डीसीपी बनाया गया था।

इस्तीफे का कारण और सरकार का आभार

अपने इस्तीफे के बारे में जानकारी देते हुए जगमोहन मीणा ने बताया कि उन्होंने यह फैसला अपने दोस्तों और परिवार के सदस्यों के साथ विस्तृत चर्चा करने के बाद लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह व्यक्तिगत कारणों से अपने पद से इस्तीफा दे रहे हैं और उन्होंने अपनी प्राइवेसी का सम्मान करने का अनुरोध किया है। इस्तीफे के साथ ही उन्होंने ओडिशा सरकार के प्रति अपना आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने उन पर जो भरोसा जताया और उन्हें जो जिम्मेदारियां सौंपी, उसके लिए वह हमेशा ऋणी रहेंगे और उन्होंने यह भी कहा कि ओडिशा राज्य और यहां के लोगों की सेवा करना उनके लिए हमेशा गर्व की बात रही है।