राजस्थान में रेड बुल और मॉन्स्टर समेत 8 एनर्जी ड्रिंक्स पर प्रतिबंध, 5 लाख कैन जब्त

राजस्थान खाद्य सुरक्षा विभाग ने रेड बुल और मॉन्स्टर सहित 8 प्रमुख एनर्जी ड्रिंक ब्रांडों की बिक्री, भंडारण और प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगा दिया है। विभाग ने भ्रामक स्वास्थ्य दावों और अत्यधिक कैफीन को इसका कारण बताया है। राज्यव्यापी कार्रवाई में अब तक 5 लाख से अधिक कैन जब्त किए गए हैं।

राजस्थान सरकार ने राज्य भर में एनर्जी ड्रिंक्स की बिक्री और उपभोग को लेकर एक अत्यंत महत्वपूर्ण और कड़ा फैसला लिया है। एक बड़े अभियान के तहत, राज्य अधिकारियों ने कई प्रमुख एनर्जी ड्रिंक ब्रांडों की बिक्री, भंडारण और प्रदर्शन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। खाद्य सुरक्षा विभाग का मानना है कि इन उत्पादों के माध्यम से किए जा रहे भ्रामक दावे उपभोक्ताओं को गुमराह कर रहे हैं, जबकि इनमें मौजूद कैफीन और चीनी की अत्यधिक मात्रा स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है।

खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आदेश

राजस्थान खाद्य सुरक्षा विभाग की आयुक्त टी. शुभमंगला ने इस प्रतिबंध को सख्ती से लागू करने के लिए औपचारिक आदेश जारी किए हैं। विभाग के विश्लेषण के अनुसार, कई कंपनियां अपने उत्पादों का प्रचार ऐसे दावों के साथ कर रही थीं जो आम जनता को भ्रमित करते हैं। जन स्वास्थ्य की रक्षा करने और खाद्य लेबलिंग में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, विभाग ने यह निर्णय लिया है कि इन विशिष्ट एनर्जी ड्रिंक्स के भंडारण, प्रदर्शन और बिक्री को राजस्थान के सभी जिलों में तुरंत बंद किया जाना चाहिए। आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि इन निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानूनों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

ई-कॉमर्स और इंस्टेंट डिलीवरी प्लेटफॉर्म भी दायरे में

इस प्रतिबंध का दायरा केवल भौतिक खुदरा दुकानों तक ही सीमित नहीं है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने ऑनलाइन बिक्री के खिलाफ भी बहुत सख्त रुख अपनाया है। आधिकारिक आदेश में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि सभी ई-कॉमर्स वेबसाइटों और इंस्टेंट डिलीवरी प्लेटफॉर्मों को प्रतिबंधित एनर्जी ड्रिंक्स का प्रदर्शन और बिक्री तुरंत बंद करनी होगी और इसके अतिरिक्त, जिला स्तर के अधिकारियों को स्थानीय बाजारों और डिजिटल प्लेटफॉर्मों पर निरीक्षण तेज करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि इन नए नियमों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके। इसका उद्देश्य युवाओं को ऑनलाइन माध्यमों से इन ड्रिंक्स तक पहुंचने से रोकना है।

5 लाख से अधिक एनर्जी ड्रिंक कैन की बड़ी जब्ती

प्रवर्तन कार्रवाइयों पर विवरण देते हुए, खाद्य सुरक्षा विभाग के संयुक्त आयुक्त डॉ और विजय प्रकाश शर्मा ने बताया कि पूरे राज्य में एक विशेष अभियान चलाया गया था। इस ऑपरेशन के दौरान, अधिकारियों ने अब तक विभिन्न एनर्जी ड्रिंक्स के 500000 से अधिक कैन जब्त किए हैं। निरीक्षण प्रक्रिया के दौरान यह पाया गया कि कई उत्पादों के लेबल पर "Energy Drink, Vitalizes Body and Mind" जैसे नारे लिखे थे। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा निर्धारित नियमों के तहत ऐसे दावों को भ्रामक विज्ञापन की श्रेणी में रखा गया है। विभाग ने पाया कि इस तरह की ब्रांडिंग उपभोक्ताओं को स्वास्थ्य लाभ का गलत आभास देती है।

प्रतिबंधित एनर्जी ड्रिंक ब्रांडों की सूची

खाद्य सुरक्षा विभाग ने विशेष रूप से उन ब्रांडों के नाम बताए हैं जिनकी बिक्री और प्रदर्शन अब राजस्थान में प्रतिबंधित है।

  • हेल एनर्जी (Hell Energy)
  • रेड बुल (Red Bull)
  • स्टिंग (Sting)
  • मॉन्स्टर एनर्जी (Monster Energy)
  • कैम्पा एनर्जी (Campa Energy)
  • हेल शुगर फ्री (Hell Sugar Free)
  • हेल क्लासिक (Hell Classic)
  • एड्रेनालिन रश (Adrenalin Rush)

सार्वजनिक स्वास्थ्य को लेकर गंभीर चिंताएं

इस प्रतिबंध के पीछे मुख्य प्रेरणा स्वास्थ्य पर पड़ने वाला संभावित प्रतिकूल प्रभाव है। विभाग ने इस बात पर जोर दिया है कि इनमें से कई एनर्जी ड्रिंक्स में कैफीन और चीनी की मात्रा बहुत अधिक होती है। ऐसे पेय पदार्थों का नियमित या अत्यधिक सेवन बच्चों, किशोरों और युवाओं के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है और कैफीन की उच्च मात्रा विशेष रूप से विकासशील शरीर और मस्तिष्क के लिए चिंताजनक है। परिणामस्वरूप, विभाग ने जनता से अपील की है कि वे ऐसे उत्पादों के प्रति सतर्क रहें और भ्रामक दावे करने वाले किसी भी खाद्य पदार्थ की जानकारी तुरंत अधिकारियों को दें। सरकार इन कड़े उपायों के माध्यम से युवा आबादी में एनर्जी ड्रिंक के बढ़ते चलन को रोकना चाहती है।