ईरान-इजरायल युद्ध: इजरायली हमले में IRGC प्रवक्ता अली मोहम्मद की मौत

ईरान और इजरायल के बीच जारी भीषण संघर्ष के दौरान इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के प्रवक्ता अली मोहम्मद की मौत हो गई है। इजरायली सेना द्वारा तेहरान और अन्य सैन्य ठिकानों पर किए गए हमलों में यह बड़ी क्षति हुई है। ईरान ने आधिकारिक तौर पर इस घटना की पुष्टि की है।

मध्य पूर्व में जारी भीषण सैन्य संघर्ष के बीच ईरान को एक बड़ा रणनीतिक झटका लगा है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के प्रवक्ता अली मोहम्मद की इजरायली हमले में मौत हो गई है। आधिकारिक रिपोर्टों के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब इजरायली वायुसेना और मिसाइल इकाइयों ने ईरान के भीतर कई संवेदनशील ठिकानों को निशाना बनाया। ईरान सरकार और सैन्य अधिकारियों ने अली मोहम्मद की मृत्यु की पुष्टि कर दी है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब इजरायल और ईरान के बीच युद्ध अपने 21वें दिन में प्रवेश कर चुका है और दोनों पक्षों की ओर से हमलों की तीव्रता में भारी वृद्धि देखी जा रही है।

तेहरान में इजरायली मिसाइल हमलों का प्रभाव

इजरायली रक्षा बलों ने ईरान की राजधानी तेहरान को लक्षित करते हुए सिलसिलेवार हवाई हमले किए हैं और प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय मीडिया द्वारा साझा किए गए वीडियो फुटेज में तेहरान के आसमान में भारी धमाके और आग की लपटें देखी गई हैं। रिपोर्टों के अनुसार, इजरायली मिसाइलों ने तेहरान के भीतर विशिष्ट सैन्य बुनियादी ढांचों को निशाना बनाया है। इन हमलों के कारण पूरी राजधानी में दहशत का माहौल है और धमाकों की गूँज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई। अधिकारियों के अनुसार, इजरायल ने यह कार्रवाई हाइफा शहर पर ईरान द्वारा किए गए हालिया हमलों के जवाब में की है।

खाड़ी देशों पर ईरान की जवाबी कार्रवाई

इजरायली हमलों के बीच ईरान ने भी अपनी सैन्य गतिविधियों का विस्तार किया है। गुरुवार रात ईरान ने चार प्रमुख खाड़ी देशों- दुबई, बहरीन, कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पर हमले किए। दुबई सरकार ने इन हमलों की आधिकारिक पुष्टि की है। बहरीन में ईरानी हमले के कारण एक बड़े गोदाम में भीषण आग लग गई, जिससे संपत्ति का काफी नुकसान हुआ है। इन क्षेत्रों में तैनात अमेरिकी एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय मोड में हैं और आने वाली मिसाइलों तथा ड्रोनों को रोकने का प्रयास कर रहे हैं। यह विस्तार संघर्ष को एक क्षेत्रीय युद्ध की ओर धकेल रहा है।

कैस्पियन सागर में ईरानी नौसैनिक ठिकानों पर प्रहार

युद्ध के इतिहास में पहली बार इजरायल ने कैस्पियन सागर क्षेत्र में स्थित ईरान के नौसैनिक ठिकानों पर हमला किया है। सैन्य सूत्रों के अनुसार, इस हमले में ईरान के कई मिसाइल जहाज और महत्वपूर्ण कमांड सेंटर पूरी तरह तबाह हो गए हैं। यह क्षेत्र भौगोलिक रूप से रूस की सीमा के निकट स्थित है, जो सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस हमले के बाद मॉस्को को होने वाली रसद और सैन्य सामान की आपूर्ति बाधित होने की संभावना जताई जा रही है। इजरायल की इस कार्रवाई को ईरान की नौसैनिक क्षमता को पंगु बनाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

सैन्य परिसरों और एयर डिफेंस सिस्टम की स्थिति

ईरान ने इजरायली मिसाइलों के खतरे को देखते हुए अपने पूरे एयर डिफेंस नेटवर्क को हाई अलर्ट पर रखा है। परचिन मिलिट्री कॉम्प्लेक्स, जो ईरान का एक प्रमुख सैन्य केंद्र माना जाता है, के पास भारी बमबारी की खबरें मिली हैं। इसके अतिरिक्त, करमन प्रांत में स्थित IRGC के ठिकानों को भी इजरायली हमलों में निशाना बनाया गया है। ईरानी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने कई मिसाइलों को हवा में ही नष्ट करने का दावा किया है, हालांकि जमीनी स्तर पर हुए नुकसान का आकलन अभी किया जा रहा है।