ट्रंप की धमकी के बाद ईरान में हड़कंप: न्यूज़ एंकर्स ने उठाई AK-47, लाइव दी जा रही ट्रेनिंग

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई सैन्य धमकी के बाद ईरान में आम जनता को लाइव टीवी पर हथियार चलाने की ट्रेनिंग दी जा रही है। न्यूज़ एंकर्स स्टूडियो में AK-47 लेकर बैठ रहे हैं और IRGC के विशेषज्ञों की मौजूदगी में बच्चों से लेकर बड़ों तक को युद्ध के लिए तैयार किया जा रहा है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हालिया सैन्य धमकियों के बाद ईरान में भारी तनाव का माहौल है। इस स्थिति के बीच ईरान के सरकारी टेलीविजन चैनलों पर एक अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिल रहा है, जहां न्यूज़ एंकर्स लाइव प्रसारण के दौरान अपने हाथों में AK-47 जैसे खतरनाक हथियार लेकर दर्शकों को ट्रेनिंग दे रहे हैं। ईरान में अब खुले तौर पर आम जनता को हथियार चलाना सिखाया जा रहा है, जिसमें बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को शामिल किया गया है। यह कदम अमेरिकी सैनिकों द्वारा संभावित जमीनी आक्रमण की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है।

स्टूडियो में IRGC विशेषज्ञों की मौजूदगी

ईरान के टीवी न्यूज़ चैनलों पर प्रसारित होने वाले इन लाइव कार्यक्रमों का उद्देश्य आम जनता को युद्ध के लिए तैयार करना है। इन सत्रों के दौरान इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) के विशेषज्ञ स्टूडियो में मौजूद रहते हैं। ये विशेषज्ञ अक्सर नकाब पहने होते हैं और न्यूज़ एंकर्स को हथियार चलाने की बारीकियां सिखाते हैं और इस पूरी प्रक्रिया को लाइव प्रसारित किया जा रहा है ताकि ईरान की आम जनता इसे घर बैठे देख सके और अमेरिका के खिलाफ हथियार लेकर एकजुट हो सके। पिछले कुछ दिनों में तेहरान से ऐसी कई तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं जिनमें सार्वजनिक स्थानों पर लोग बंदूक चलाने का प्रशिक्षण लेते दिख रहे हैं।

लाइव टीवी पर एंकर ने चलाई गोली

ईरानी सरकारी टेलीविजन के कई वीडियो क्लिप्स सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इनमें से एक क्लिप में सरकारी चैनल ओफोग के एंकर हुसैन हुसैनी को लाइव प्रसारण के दौरान अपनी राइफल से गोली चलाते हुए देखा गया। हुसैनी को IRGC के एक नकाबपोश सदस्य द्वारा हथियार चलाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा था, और इसी दौरान उन्होंने स्टूडियो के भीतर ही फायरिंग की। यह घटना इस बात का प्रमाण है कि ईरान अपने मीडिया कर्मियों और नागरिकों को किस हद तक सैन्य प्रशिक्षण में शामिल कर रहा है।

महिला एंकर का देश के लिए बलिदान का संकल्प

हथियार उठाने की इस मुहिम में महिला एंकर्स भी पीछे नहीं हैं। चैनल 3 की प्रसिद्ध एंकर मोबिना नासिरी का एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें वह दोनों हाथों में असॉल्ट राइफल पकड़े हुए दर्शकों को संबोधित कर रही हैं। उन्होंने लाइव टीवी पर कहा कि IRGC ने उन्हें यह हथियार भेजा है ताकि वह भी देश के अन्य नागरिकों की तरह इसे चलाना सीख सकें। नासिरी ने भावुक होते हुए घोषणा की कि वह अपने देश की रक्षा के लिए अपने जीवन का बलिदान देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इस तरह के बयानों का उद्देश्य जनता में देशभक्ति और युद्ध के प्रति तत्परता की भावना जगाना है।

मस्जिदों में प्रशिक्षण और बच्चों की भागीदारी

अल जजीरा की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के कई शहरों की मस्जिदों में आम नागरिकों के लिए हल्के हथियारों के रक्षा प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। इन सत्रों की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें छोटे-छोटे बच्चे भी शामिल हो रहे हैं। सामने आई तस्वीरों में मासूम बच्चों को बंदूक पकड़ना और निशाना लगाना सीखते हुए देखा जा सकता है। सरकारी टेलीविजन ने इन क्लिप्स को प्रसारित करते हुए स्पष्ट किया है कि यह देश की रक्षा के लिए जनता की व्यापक तैयारी का एक अनिवार्य हिस्सा है और सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, ओफोग न्यूज़ ने 15 से 16 मई तक लाइव कार्यक्रमों के दौरान शूटिंग प्रशिक्षण सत्रों का प्रसारण किया था।

डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी और ईरान की प्रतिक्रिया

ईरान में हथियार चलाने की यह मुहिम मुख्य रूप से डोनाल्ड ट्रंप की नई धमकी के बाद शुरू हुई है। ट्रंप ने युद्धविराम की संभावनाओं के बीच फिर से सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी है। रविवार को ट्रंप ने कड़े शब्दों में कहा कि ईरान के लिए समय बहुत तेजी से बीत रहा है और उन्हें जल्द से जल्द कोई ठोस कदम उठाना चाहिए, अन्यथा उनका कुछ भी नहीं बचेगा। " ट्रंप की इस सीधी धमकी ने ईरान के भीतर असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है, जिसके जवाब में वहां की सरकार अब आम नागरिकों को भी सैनिक के रूप में तैयार करने में जुट गई है।