ईरान का अमेरिका के साथ बातचीत से इनकार, लगाया 'ब्लेम गेम' का आरोप

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने स्पष्ट किया है कि ईरान का अमेरिका के साथ नई बातचीत का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने अमेरिका पर समझौतों के उल्लंघन, समुद्री नाकेबंदी की कोशिश और 'ब्लेम गेम' खेलने का गंभीर आरोप लगाया है।

ईरान ने आधिकारिक तौर पर स्पष्ट कर दिया है कि वर्तमान परिस्थितियों में उसका अमेरिका के साथ किसी भी नई बातचीत का कोई प्लान नहीं है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि फिलहाल अगली वार्ता को लेकर कोई तैयारी नहीं चल रही है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों को लेकर अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।

बातचीत और समझौतों के उल्लंघन का आरोप

ईरान ने अमेरिका पर बातचीत को लेकर गंभीर न होने का आरोप लगाया है। प्रवक्ता बघाई ने कहा कि अमेरिका बार-बार सीजफायर का उल्लंघन कर रहा है। उनके अनुसार, अमेरिका की कथनी और करनी में बड़ा अंतर है, जिससे आपसी भरोसे को भारी चोट पहुंच रही है। ईरान का दावा है कि अमेरिका लगातार ईरान को दोषी ठहराने का 'ब्लेम गेम' खेल रहा है, जबकि वह खुद अपनी जिम्मेदारियों से पीछे हट रहा है।

नियमों के उल्लंघन और समुद्री हमले की शिकायत

ईरान के मुताबिक, अमेरिका ने लेबनान से जुड़े समझौते को भी सही तरीके से लागू नहीं किया और अपनी प्रतिबद्धताओं से पीछे हट गया।

पाकिस्तान के जरिए मध्यस्थता और 10 बिंदुओं का प्रस्ताव

बघाई ने जानकारी दी कि इन सभी विवादित मुद्दों और शिकायतों की जानकारी पाकिस्तान के जरिए मध्यस्थ के तौर पर अमेरिका तक पहुंचाई गई थी। इसके बावजूद अमेरिका के रवैये में कोई सकारात्मक बदलाव नहीं देखा गया। ईरान ने यह भी खुलासा किया कि उसने इस्लामाबाद में एक 10 बिंदुओं का प्रस्ताव दिया था, जिस पर चर्चा भी हुई थी। हालांकि, अमेरिका की हालिया कार्रवाइयों के कारण बातचीत की मेज पर बना भरोसा अब पूरी तरह कमजोर हो गया है।

क्षेत्रीय सुरक्षा और सैन्य जवाबी कार्रवाई की चेतावनी

ईरान का दावा है कि होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) पहले पूरी तरह सुरक्षित था, लेकिन अमेरिका और इजराइल की सैन्य कार्रवाइयों के बाद वहां के हालात बिगड़ गए हैं। प्रवक्ता ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि यदि अमेरिका या इजराइल की ओर से फिर कोई हमला किया जाता है, तो ईरान की सेना उसका कड़ा जवाब देगी। उन्होंने दोहराया कि ईरान अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और जब तक भरोसा बहाल नहीं होता, तब तक अमेरिका के साथ नई बातचीत की संभावना न के बराबर है।