देश की बड़ी आईवियर कंपनियों में से एक लेंसकार्ट सॉल्यूशंस को बिंदी और तिलक से जुड़ा विवाद काफी महंगा पड़ता हुआ दिखाई दे रहा है और सोमवार को शेयर बाजार में कंपनी के शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली, जिसकी वजह से कंपनी की मार्केट वैल्यूएशन 4500 करोड़ रुपये से ज्यादा कम हो गई। हाल ही में कंपनी की एक पुरानी इंटरनल ग्रूमिंग पॉलिसी सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी, जिसकी वजह से कंपनी को कड़ी आलोचना और ऑनलाइन विरोध का सामना करना पड़ा। यह विवादित पॉलिसी कार्यस्थल पर दिखाई देने वाले धार्मिक पहनावे और प्रतीकों पर रोक लगाने से संबंधित थी।
शेयर बाजार में लेंसकार्ट के शेयरों का प्रदर्शन
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर लेंसकार्ट सॉल्यूशंस के शेयरों में कारोबारी सत्र के दौरान लगभग 5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। 70 रुपये के निचले स्तर (लोअर लेवल) पर पहुंच गए। 85 रुपये पर बंद हुआ था। 60 रुपये पर कारोबार कर रहा था।
वैल्यूएशन में 4500 करोड़ रुपये से अधिक की कमी
कंपनी को हुए वित्तीय नुकसान के आंकड़े काफी चौंकाने वाले हैं। 48 करोड़ रुपये पर आ गई थी। 20 करोड़ रुपये दर्ज की गई थी। 72 करोड़ रुपये की भारी कमी आई। 73 करोड़ रुपये के स्तर पर देखी गई।
विवाद की मुख्य वजह और सोशल मीडिया पर विरोध
विवाद की शुरुआत तब हुई जब कंपनी की एक पुरानी इंटरनल ग्रूमिंग पॉलिसी ऑनलाइन सर्कुलेट होने लगी। आरोप लगाया गया कि इस पॉलिसी के तहत कर्मचारियों को बिंदी और तिलक जैसे धार्मिक निशान लगाने से रोका गया था। इस खबर के फैलते ही सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा भड़क उठा और लेंसकार्ट के बहिष्कार (Boycott Lenskart) की मांग उठने लगी। इसी दबाव और आलोचना के बीच कंपनी के शेयरों पर नकारात्मक असर पड़ा।
संस्थापक पीयूष बंसल की सफाई और माफी
इस पूरे विवाद पर लेंसकार्ट के फाउंडर पीयूष बंसल (Peyush Bansal) ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि जो दस्तावेज वायरल हो रहा है, वह कंपनी की पॉलिसी का एक "पुराना वर्जन" है और यह कंपनी के वर्तमान रुख को नहीं दर्शाता है। बंसल ने स्पष्ट रूप से कहा कि वर्तमान गाइडलाइंस में बिंदी और तिलक सहित किसी भी धार्मिक पहनावे या निशान पर कोई रोक नहीं है। उन्होंने इस गलतफहमी के कारण हुई चिंता के लिए सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी है।
नई 'इन-स्टोर स्टाइल गाइड' और समावेशी नीति
विवाद को शांत करने के लिए लेंसकार्ट ने एक नई और मानक 'इन-स्टोर स्टाइल गाइड' जारी की है। इस नई पॉलिसी में कर्मचारियों को काम के दौरान धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीक पहनने की स्पष्ट अनुमति दी गई है और कंपनी ने घोषणा की है कि वह सभी धार्मिक प्रतीकों का स्वागत करती है।
कंपनी ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि यदि उनके कार्यस्थल से जुड़े किसी भी पुराने संचार से किसी की भावनाओं को ठेस पहुंची है, तो उन्हें इसका गहरा अफसोस है। कंपनी ने स्पष्ट किया कि वे एक समावेशी संगठन हैं और भविष्य में भी ऐसे ही बने रहेंगे।
