- भारत,
- 17-Jan-2026 08:26 AM IST
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में ईरान के प्रति अपने रुख में एक उल्लेखनीय बदलाव प्रदर्शित किया है। जहां कुछ ही दिन पहले तक वह ईरान पर सैन्य कार्रवाई की धमकी दे रहे थे, वहीं अब उन्होंने एक अप्रत्याशित कदम उठाते हुए ईरानी सरकार को धन्यवाद दिया है और यह धन्यवाद 800 से अधिक राजनीतिक कैदियों को फांसी न देने के ईरान के फैसले के लिए दिया गया है, जिनके बारे में ट्रंप का कहना था कि उन्हें फांसी दी जानी थी। यह घटनाक्रम अंतरराष्ट्रीय संबंधों में एक महत्वपूर्ण मोड़ का संकेत देता है, खासकर अमेरिका और ईरान के बीच तनावपूर्ण संबंधों के संदर्भ में।
ट्रंप का अप्रत्याशित धन्यवाद
शुक्रवार को व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा कि ईरान ने 800 से अधिक लोगों की फांसी रद्द कर दी है। उन्होंने इस फैसले का बहुत सम्मान करने की बात कही और ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच पर भी इस बात को दोहराया कि ईरान में 800 से अधिक लोगों को फांसी दी जानी थी, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। उन्होंने ईरानी नेतृत्व को धन्यवाद देते हुए कहा कि वह इस बात की बहुत इज्जत करते हैं कि ईरान की लीडरशिप ने सभी फांसी (जो 800 से अधिक थीं) रद्द कर दी। यह बयान उस समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अपने चरम पर था, और ट्रंप के पिछले बयान सैन्य हस्तक्षेप की संभावना का संकेत दे रहे थे।पहले की सैन्य धमकी और विरोध प्रदर्शन
ट्रंप का यह अलग अंदाज तब सामने आया है जब वह कुछ दिनों पहले तक यह संकेत दे रहे थे कि अगर। ईरान की सरकार ने व्यापक विरोध प्रदर्शनों के दौरान बड़े पैमाने पर हत्याएं कीं तो अमेरिका ईरान पर सैन्य हमला कर सकता है। ईरान में ये विरोध प्रदर्शन काफी बड़े पैमाने पर हुए थे, और अमेरिकी प्रशासन इन पर बारीकी से नजर रख रहा था। ट्रंप ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी थी कि यदि प्रदर्शनकारी कैदियों के। खिलाफ बड़े पैमाने पर हिंसा या हत्याएं होती हैं, तो अमेरिका चुप नहीं बैठेगा। हालांकि, अब ये विरोध प्रदर्शन फिलहाल शांत हो चुके हैं, और ईरान द्वारा फांसी टालने का फैसला एक सकारात्मक कदम के रूप में देखा जा रहा है।बदले हुए तेवर का महत्व
अमेरिकी राष्ट्रपति के इन बदले हुए तेवरों का अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में गहरा महत्व है। जहां एक ओर सैन्य कार्रवाई की धमकियां तनाव को बढ़ाती हैं, वहीं धन्यवाद का यह कदम तनाव कम करने और भविष्य में बातचीत के लिए एक नया रास्ता खोलने की संभावना पैदा करता है और ट्रंप ने व्हाइट हाउस से फ्लोरिडा स्थित अपने मार-ए-लागो एस्टेट के लिए रवाना होते समय भी पत्रकारों से इस बात का जिक्र किया कि ईरान में 800 से ज्यादा लोगों को फांसी दी जानी थी, लेकिन उन्होंने इसे रद्द कर दिया। उन्होंने इस फैसले का बहुत सम्मान करने की बात दोहराई, जो दर्शाता है कि यह उनके लिए एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है।सोशल मीडिया पर भी पुष्टि
ट्रंप ने केवल पत्रकारों से ही नहीं, बल्कि अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी इस खबर की पुष्टि की। उन्होंने लिखा कि 800 से अधिक लोगों को फांसी दी जानी थी, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। यह दिखाता है कि अमेरिकी राष्ट्रपति इस मामले को कितनी गंभीरता से ले रहे हैं और वे चाहते हैं कि यह संदेश व्यापक रूप से प्रसारित हो। सोशल मीडिया का उपयोग करके उन्होंने अपने संदेश को और अधिक प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचाया, जिससे ईरान के फैसले की वैश्विक मान्यता बढ़ी।सैन्य हस्तक्षेप की संभावना में कमी
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब बीते कुछ दिनों से वो यह संकेत दे रहे थे कि अगर ईरान में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनकारी कैदियों की हत्याएं होती हैं, तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई कर सकता है। हालांकि अब उनके ताजा बयानों से संकेत मिल रहा है कि ईरान द्वारा फांसी टालने के फैसले के बाद अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप की संभावना कम हो सकती है और यह एक महत्वपूर्ण विकास है जो क्षेत्र में स्थिरता लाने में मदद कर सकता है। ईरान के इस कदम को अमेरिका के दबाव का परिणाम भी माना जा सकता है,। जिसने संभावित रूप से ईरान को अपने फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए प्रेरित किया। इस प्रकार, ट्रंप का धन्यवाद केवल एक शिष्टाचार नहीं, बल्कि एक रणनीतिक कदम भी हो सकता। है जो भविष्य में दोनों देशों के बीच संबंधों को एक नई दिशा दे सकता है।भविष्य की राह
ईरान के इस फैसले और ट्रंप के धन्यवाद के बाद, यह देखना दिलचस्प होगा कि अमेरिका और ईरान के संबंध किस दिशा में आगे बढ़ते हैं और क्या यह एक नए कूटनीतिक संवाद की शुरुआत है, या यह केवल एक अस्थायी राहत है? यह घटनाक्रम निश्चित रूप से अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान आकर्षित करेगा और भविष्य में दोनों देशों के बीच संबंधों की प्रकृति को प्रभावित करेगा। ईरान द्वारा कैदियों को फांसी न देने का निर्णय एक मानवीय कदम है, जिसकी वैश्विक स्तर पर सराहना की जानी चाहिए और यह दर्शाता है कि अंतरराष्ट्रीय दबाव और कूटनीतिक हस्तक्षेप कुछ हद तक प्रभावी हो सकते हैं।#WATCH | On Iran, US President Donald Trump says, "Iran cancelled the hanging of over 800 people. They were going to hang over 800 people yesterday and I greatly respect the fact that they cancelled them"
— ANI (@ANI) January 16, 2026
(Video Source: US Network Pool via Reuters) pic.twitter.com/FMV19eim5E
