इजरायल ने तेहरान में मार गिराया ईरानी फाइटर जेट, तनाव चरम पर

इजरायली सेना (IDF) ने दावा किया है कि उसके एफ-35 स्टील्थ फाइटर जेट ने तेहरान के ऊपर ईरानी लड़ाकू विमान याक-130 को मार गिराया है। युद्ध के पांचवें दिन तेहरान में भारी विस्फोट हुए हैं और सऊदी अरब में भी सायरन बजाए गए हैं।

इजरायल और ईरान के बीच जारी सैन्य संघर्ष अब एक नए और खतरनाक चरण में पहुंच गया है। इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने बुधवार को आधिकारिक तौर पर घोषणा की कि उनके एक एफ-35 स्टील्थ फाइटर जेट ने ईरान की राजधानी तेहरान के हवाई क्षेत्र में एक ईरानी याक-130 लड़ाकू विमान को सफलतापूर्वक मार गिराया है। सैन्य अधिकारियों के अनुसार, यह पहली बार है जब इजरायली वायुसेना ने ईरान के भीतर किसी मानवयुक्त लड़ाकू विमान को हवा से हवा में मार गिराने की कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस घटना के दौरान विमान में ईरानी पायलट मौजूद था और यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच युद्ध पांचवें दिन में प्रवेश कर चुका है और पूरे मध्य पूर्व में अस्थिरता का माहौल बना हुआ है।

तेहरान में सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले

इजरायली वायुसेना ने तेहरान में अपने अभियानों का विस्तार करते हुए बसीज (Basij) के आंतरिक सुरक्षा कमांड सेंटर को निशाना बनाया है। स्थानीय रिपोर्टों और ईरानी सरकारी टेलीविजन के अनुसार, बुधवार सुबह तेहरान और उसके आसपास के इलाकों में कई शक्तिशाली विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। इजरायली सेना ने स्पष्ट किया है कि ये हमले ईरान की सैन्य बुनियादी संरचनाओं को कमजोर करने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं। वहीं, ईरान ने दावा किया है कि उसने इजरायली हमलों के जवाब में अपनी मिसाइल रक्षा प्रणालियों को सक्रिय कर दिया है। तेहरान के ऊपर आसमान में धुएं के गुबार देखे गए हैं और सुरक्षा बलों ने संवेदनशील इलाकों की घेराबंदी कर दी है।

क्षेत्रीय सुरक्षा और सऊदी अरब में सायरन

ईरान और इजरायल के बीच जारी इस सीधी जंग का असर अब पड़ोसी देशों पर भी दिखने लगा है। बुधवार को सऊदी अरब के कई हिस्सों में हवाई हमले की चेतावनी देने वाले सायरन गूंजते सुनाई दिए। रिपोर्टों के अनुसार, ईरान द्वारा दागी गई मिसाइलों और ड्रोन गतिविधियों के कारण सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में सुरक्षा अलर्ट जारी किया गया है। सऊदी अरब में अमेरिकी दूतावास और यूएई में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास को भी ईरानी ड्रोन हमलों का सामना करना पड़ा है। इन हमलों के कारण खाड़ी क्षेत्र में हवाई उड़ानों के मार्ग बदल दिए गए हैं और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर कार्रवाई

इजरायली सेना ने केवल ईरान तक ही अपनी कार्रवाई सीमित नहीं रखी है, बल्कि लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर भी हमले तेज कर दिए हैं और लेबनान की सरकारी मीडिया के अनुसार, बालबेक शहर में एक रिहायशी इमारत पर किए गए इजरायली हमले में कम से कम 4 लोगों की मौत हो गई है। इजरायल का कहना है कि वह हिजबुल्लाह द्वारा किए जा रहे रॉकेट हमलों के जवाब में यह कार्रवाई कर रहा है। इससे पहले इजरायल ने ईरान के मिसाइल लॉन्चर्स और एक परमाणु अनुसंधान केंद्र को भी निशाना बनाया था। इन हमलों के जवाब में ईरान ने इजरायल की ओर दर्जनों बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, हालांकि इजरायली एयर डिफेंस सिस्टम ने इनमें से अधिकांश को हवा में ही नष्ट करने का दावा किया है।

अमेरिकी सैनिकों की मौत और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

इस युद्ध में अमेरिकी हितों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। पेंटागन ने बुधवार को कुवैत में एक कमांड सेंटर पर हुए ड्रोन हमले में मारे गए अमेरिकी सेना के 4 रिजर्व सैनिकों की पहचान सार्वजनिक की है। यह हमला रविवार को हुआ था, जिसकी जिम्मेदारी ईरान समर्थित समूहों पर डाली जा रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मौजूदा स्थिति पर टिप्पणी करते हुए संकेत दिया है कि यह युद्ध कई हफ्तों या उससे अधिक समय तक खिंच सकता है। आंकड़ों के अनुसार, ईरान में अब तक इस संघर्ष में लगभग 800 लोगों की जान जा चुकी है। अमेरिका ने क्षेत्र में अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ाते हुए इजरायल को पूर्ण समर्थन देने की प्रतिबद्धता दोहराई है, जिससे तनाव और बढ़ने की संभावना है।