इजराइल-लेबनान युद्धविराम 45 दिन बढ़ा: वाशिंगटन वार्ता में बड़ी सहमति, जून में अगली बैठक

इजराइल और लेबनान वाशिंगटन में हुई वार्ता के बाद युद्धविराम को 45 दिनों के लिए बढ़ाने पर सहमत हो गए हैं। अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, अगली राजनीतिक चर्चा 2 और 3 जून को होगी, जबकि 29 मई को पेंटागन में सुरक्षा सत्र आयोजित किया जाएगा।

इजराइल और लेबनान के बीच जारी संघर्ष को रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक सफलता मिली है और अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन में आयोजित बातचीत के एक और गहन दौर के बाद, इजराइल और लेबनान अपने मौजूदा युद्धविराम को अगले 45 दिनों के लिए बढ़ाने पर सहमत हो गए हैं। इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम की पुष्टि अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगोट ने की है और उन्होंने बताया कि यह समझौता दो दिनों तक चली सार्थक और विस्तृत बातचीत के बाद संभव हो पाया है। इस कूटनीतिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए, अब 2 और 3 जून को दोनों पक्षों के बीच अगले दौर की बातचीत निर्धारित की गई है, जिसमें शांति प्रक्रिया के अन्य पहलुओं पर चर्चा की जाएगी।

वाशिंगटन वार्ता और शांति की दिशा में कदम

इजराइल और लेबनान के हिजबुल्लाह आतंकवादी समूह के बीच की यह अस्थिर शांति संधि इस रविवार को समाप्त होने वाली थी, जिससे क्षेत्र में फिर से बड़े पैमाने पर हिंसा भड़कने का खतरा पैदा हो गया था और हालांकि, वाशिंगटन में हुई इस वार्ता ने फिलहाल इस खतरे को टाल दिया है। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगोट ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस समझौते पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका को पूरी उम्मीद है कि ये चर्चाएं दोनों देशों के बीच एक स्थायी और दीर्घकालिक शांति की नींव रखेंगी। इस वार्ता का मुख्य उद्देश्य एक-दूसरे की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की पूर्ण मान्यता सुनिश्चित करना और उनकी साझा सीमा पर वास्तविक सुरक्षा की स्थापना को बढ़ावा देना है।

पेंटागन में सुरक्षा सत्र और आगामी कार्यक्रम

शांति प्रयासों के तहत केवल राजनीतिक वार्ता ही नहीं, बल्कि सुरक्षा संबंधी पहलुओं पर भी ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, 29 मई को पेंटागन में एक विशेष सुरक्षा सत्र आयोजित किया जाएगा। इस सत्र में इजराइल और लेबनान दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहेंगे, जो सीमा सुरक्षा और सैन्य गतिविधियों से जुड़े तकनीकी मुद्दों पर चर्चा करेंगे। अमेरिकी विदेश विभाग ने शुक्रवार को वाशिंगटन में संपन्न हुई इस शांति वार्ता को अत्यंत सफल करार दिया है। प्रवक्ता टॉमी पिगोट ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि राजनीतिक स्तर पर बातचीत का सिलसिला 2 और 3 जून को भी निरंतर जारी रहेगा, ताकि युद्धविराम को एक स्थायी शांति समझौते में बदला जा सके।

जमीनी हालात और हताहतों के आंकड़े

एक तरफ जहां वाशिंगटन में शांति की बात हो रही है, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर हिंसा की खबरें भी सामने आ रही हैं। अल जजीरा ने लेबनानी सरकारी मीडिया के हवाले से जानकारी दी है कि इजराइल द्वारा शुक्रवार को दक्षिणी लेबनान में किए गए नए हमलों में सात लोगों की जान चली गई है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 2 मार्च से अब तक इजराइली हमलों में कुल 2,951 लोग मारे जा चुके हैं। इन हमलों के बावजूद शांति वार्ता को जारी रखने का प्रयास किया जा रहा है। दूसरी ओर, ईरानी सरकारी मीडिया प्रेस टीवी के अनुसार, हिजबुल्लाह ने भी बुधवार को दक्षिणी लेबनान में इजराइली सैन्य ठिकानों, बलों और वाहनों को निशाना बनाते हुए कुल 17 सैन्य अभियान चलाए हैं।

हिजबुल्लाह के हमले और सैन्य क्षति

हिजबुल्लाह द्वारा किए गए इन 17 अभियानों में विभिन्न प्रकार के हथियारों का उपयोग किया गया। प्रेस टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, इन हमलों में आठ ड्रोन हमले, पांच मिसाइल या रॉकेट हमले, एक तोपखाना हमला और एक निर्देशित मिसाइल प्रक्षेपण शामिल था। इस दौरान हिजबुल्लाह ने इजराइली सेना को काफी नुकसान पहुंचाने का दावा किया है। समूह के अनुसार, उन्होंने दो सैन्य वाहन, दो मरकावा टैंक, एक बख्तरबंद वाहन और दो सैन्य बुलडोजर को सफलतापूर्वक निशाना बनाया। इसके अतिरिक्त, हिजबुल्लाह ने यह भी दावा किया कि उसके लड़ाकों ने हद्दाथा शहर के बाहरी इलाके के पास इजराइली सैनिकों पर एक पूर्व नियोजित घात लगाकर हमला किया, जिसमें विस्फोटकों के साथ-साथ हल्के और भारी हथियारों और तोपखाने की गोलाबारी का इस्तेमाल किया गया था।

इस तनावपूर्ण स्थिति के बीच इजराइल रक्षा बलों (आईडीएफ) ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। गुरुवार को अपने आधिकारिक टेलीग्राम चैनल के माध्यम से आईडीएफ ने बताया कि दक्षिणी लेबनान में उनके सैनिकों के संचालन वाले क्षेत्र में एक संदिग्ध हवाई लक्ष्य देखा गया था, जिसे नष्ट करने के लिए एक अवरोधक मिसाइल दागी गई। सेना ने स्पष्ट किया कि प्रोटोकॉल के अनुसार इस दौरान कोई सायरन सक्रिय नहीं किया गया था और आईडीएफ ने आगे जानकारी दी कि हाल के घंटों में हिजबुल्लाह की ओर से एक टैंक-रोधी मिसाइल और कई मोर्टार गोले दागे गए, जो दक्षिणी लेबनान में इजराइली सैनिकों की मौजूदगी वाले क्षेत्रों के निकट गिरे। फिलहाल दोनों पक्ष युद्धविराम विस्तार पर सहमत हैं, लेकिन सीमा पर तनाव और छिटपुट हमले अभी भी जारी हैं।