इजराइल को मिली 4 बड़ी खुशखबरी ईरान और अब्राहम समझौते पर बड़ी जीत

इजराइल के लिए पिछले 24 घंटे कूटनीतिक और रणनीतिक रूप से बेहद सफल रहे हैं जिसमें ईरान के साथ परमाणु समझौता और अब्राहम समझौते में नए देशों के शामिल होने जैसी 4 बड़ी खबरें सामने आई हैं।

इजराइल के लिए पिछले 24 घंटे कूटनीतिक और रणनीतिक मोर्चे पर बेहद शानदार रहे हैं। इस दौरान देश को एक के बाद एक 4 बड़ी खुशखबरी मिली हैं, जो ईरान से लेकर अब्राहम समझौते तक फैली हुई हैं। इन घटनाक्रमों ने न केवल इजराइल की सुरक्षा चिंताओं को कम किया है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी स्थिति को भी मजबूत किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सक्रियता और क्षेत्रीय चुनावों के नतीजों ने इजराइल के पक्ष में एक नया माहौल तैयार कर दिया है।

ईरान के साथ परमाणु समझौता और इजराइल की सुरक्षा

इजराइल के लिए सबसे बड़ी राहत की खबर ईरान से आई है। ईरान और अमेरिका के बीच एक समझौते का प्रस्ताव तैयार हुआ है, जिसके तहत ईरान अब परमाणु हथियार नहीं बनाएगा। इसके साथ ही ईरान ने अमेरिका को यह भरोसा भी दिलाया है कि वह तेहरान में मौजूद अपने संवर्धित यूरेनियम को पूरी तरह से खत्म कर देगा। इजराइल लंबे समय से ईरान के परमाणु कार्यक्रम और उसके प्रॉक्सी समूहों की गतिविधियों से परेशान रहा है। इस खबर के बाद इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपनी एक तस्वीर साझा करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि ईरान के पास अब परमाणु हथियार नहीं होगा और यह बयान इजराइल की उस दीर्घकालिक नीति की जीत माना जा रहा है, जिसमें वह ईरान को परमाणु शक्ति बनने से रोकने के लिए प्रतिबद्ध था।

अब्राहम समझौते का विस्तार और मुस्लिम देशों का रुख

दूसरी बड़ी खुशखबरी अब्राहम समझौते को लेकर है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजराइल को मुस्लिम जगत में मान्यता दिलाने के लिए अपने पहले कार्यकाल में इस समझौते की नींव रखी थी। उस समय केवल यूएई ने इस पर हस्ताक्षर किए थे, लेकिन अब ट्रंप इसे और व्यापक बनाने की कोशिश कर रहे हैं। एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने सऊदी अरब, पाकिस्तान और कतर जैसे देशों से फोन पर बात की है। उन्होंने इन देशों से कहा है कि ईरान के साथ जारी संघर्ष के खत्म होने के बाद वे यरूशलेम को मान्यता दें और अब्राहम समझौते का हिस्सा बनें और यदि ये देश इस समझौते में शामिल होते हैं, तो यह इजराइल के लिए एक ऐतिहासिक कूटनीतिक सफलता होगी।

सोमालीलैंड का यरूशलेम में दूतावास खोलने का निर्णय

तीसरी महत्वपूर्ण खबर सोमालीलैंड से जुड़ी है। हाल ही में इजराइल ने सोमालिया के एक हिस्से को सोमालीलैंड के रूप में मान्यता दी थी। अब सोमालीलैंड यरूशलेम में अपना दूतावास खोलने की तैयारी कर रहा है। हालांकि अरब जगत के कई देश इस कदम का विरोध कर रहे हैं, लेकिन इजराइल के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि है। सोमालीलैंड का यरूशलेम में दूतावास खोलना इजराइल की राजधानी के रूप में यरूशलेम की अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता को और मजबूती प्रदान करेगा।

साइप्रस चुनाव में इजराइल समर्थक पार्टी की जीत

चौथी खुशखबरी तुर्की के पड़ोसी देश साइप्रस से मिली है। वहां हुए चुनावों में इजराइल समर्थित डीवाईएसआई पार्टी ने बड़ी जीत दर्ज की है और यह साइप्रस की एक धुर दक्षिणपंथी पार्टी है, जिसके नेता सार्वजनिक मंचों से इजराइल की नीतियों की प्रशंसा करते रहे हैं। इजराइल और तुर्की के बीच मौजूदा तनावपूर्ण संबंधों को देखते हुए साइप्रस में एक मित्र सरकार का होना इजराइल के लिए रणनीतिक रूप से बहुत फायदेमंद है। ये चारों खबरें दर्शाती हैं कि मिडिल ईस्ट और उसके आसपास के क्षेत्रों में इजराइल का प्रभाव और स्वीकार्यता तेजी से बढ़ रही है।