इजरायली सेना और हिजबुल्लाह के बीच जारी संघर्ष ने एक बार फिर भीषण रूप ले लिया है। इजरायली रक्षा बलों ने दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह के लगभग 150 ठिकानों पर जोरदार बमबारी की है। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिकी मध्यस्थता के माध्यम से दोनों देशों के बीच एक सशर्त युद्धविराम पर सहमति बनने की खबरें सामने आई थीं और हालांकि, जमीनी हकीकत इन कूटनीतिक प्रयासों के विपरीत नजर आ रही है। इस ताजा सैन्य कार्रवाई में कम से कम 12 लोगों की जान चली गई है, जिनमें लेबनानी सेना के उच्च पदस्थ अधिकारी भी शामिल हैं।
सैन्य अधिकारियों की मौत और हमले का विवरण
लेबनान की सेना द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इजरायली हमले का निशाना खारदाली-नबातीह सड़क पर चल रहा एक सैन्य वाहन बना। इस हमले में लेबनानी सेना के तीन जांबाज जवानों की मौत हो गई। मरने वालों में एक ब्रिगेडियर जनरल, एक कैप्टन और एक सैनिक शामिल हैं। इस घटना ने लेबनान के भीतर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारी आक्रोश पैदा कर दिया है, क्योंकि लेबनानी सेना सीधे तौर पर इस युद्ध का हिस्सा नहीं है, फिर भी उसके अधिकारियों को निशाना बनाया गया है।
मृतकों की पहचान और शोक संवेदना
लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने इस हमले में शहीद हुए सैन्य कर्मियों की पहचान उजागर करते हुए गहरा दुख व्यक्त किया है। मारे गए अधिकारियों में ब्रिगेडियर जनरल वस्साम सबरा और कैप्टन एली खौरी शामिल हैं। उनके साथ सैनिक हुसैन गोजल ने भी अपनी जान गंवाई है और प्रधानमंत्री सलाम ने एक आधिकारिक बयान जारी कर ब्रिगेडियर जनरल वस्साम सबरा, कैप्टन एली खौरी और सैनिक हुसैन गोजल के परिवारों, उनके सहयोगियों और पूरी लेबनानी सेना के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। उन्होंने इस क्षति को राष्ट्र के लिए एक बड़ी अपूरणीय क्षति बताया है।
इजरायली सेना का पक्ष
दूसरी ओर, इजरायली सेना ने शनिवार को हुए इन हमलों पर अपनी सफाई पेश की है। इजरायली सैन्य अधिकारियों का कहना है कि यह हमला एक सक्रिय युद्ध क्षेत्र में किया गया था। इजरायल का दावा है कि उनके निशाने पर हिजबुल्लाह के वे 150 ठिकाने थे जहां से उनकी सुरक्षा को खतरा पैदा हो रहा था। हालांकि, लेबनानी सेना के वाहन पर हुए हमले को लेकर इजरायली पक्ष ने इसे युद्ध क्षेत्र की परिस्थितियों से जोड़कर देखा है, जिसे लेबनान ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है।
लेबनानी नेतृत्व की कड़ी प्रतिक्रिया
लेबनानी सेना ने इजरायल के इस कदम को जानबूझकर की गई क्रूर आक्रामकता करार दिया है। सेना के बयान में कहा गया है कि इजरायल बार-बार इस तरह के हमले कर रहा है ताकि किसी भी शांतिपूर्ण समाधान तक पहुंचने के प्रयासों को विफल किया जा सके। लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने भी इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। राष्ट्रपति औन ने इसे लेबनानी संप्रभुता का घोर उल्लंघन बताया और कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय कानूनों और मानदंडों की पूरी तरह से अनदेखी है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस तरह की आक्रामकता पर ध्यान देने की अपील की है। प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने भी राष्ट्रपति के सुर में सुर मिलाते हुए इस हमले को अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन बताया और मारे गए सैनिकों के प्रति सम्मान प्रकट किया।
