इंडिया / इसरो चेयरमैन के सिवन ने कहा- चंद्रयान-2 अंत नहीं, भविष्य में सॉफ्ट लैंडिंग करेंगे

इसरो चेयरमैन के सिवन कहा, ‘चंद्रयान-2 चांद पर लैंड कराने की भारत की कहानी का अंत नहीं है। मानव स्पेसफ्लाइट कार्यक्रम एल-1 सोलर मिशन पर हमारी योजनाएं ट्रैक पर हैं। आने वाले महीनों में कई एडवांस सैटेलाइट लॉन्च करने की योजना है। चंद्रयान-2 का लैंडर विक्रम 6 सितंबर को चंद्रमा की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला था, लेकिन तय समय से 69 सेकंड पहले उसका पृथ्वी से संपर्क टूट गया था।

नई दिल्ली | इसरो चेयरमैन के सिवन ने भविष्य में अंतरिक्ष में सॉफ्ट लैंडिंग कराने में कामयाब होने का भरोसा जताया है। उन्होंने कहा कि इसरो अपना पूरा अनुभव, ज्ञान और तकनीकी कौशल लगा देगा और आने वाले समय में सॉफ्ट लैंडिंग करके दिखाएगा। वे आईआईटी-दिल्ली के 50वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर बोल रहे थे।

उन्होंने कहा, ‘‘चंद्रयान-2 चांद पर लैंड कराने की भारत की कहानी का अंत नहीं है। मानव स्पेसफ्लाइट कार्यक्रम एल-1 सोलर मिशन पर हमारी योजनाएं ट्रैक पर हैं। आने वाले महीनों में कई एडवांस सैटेलाइट लॉन्च करने की योजना है।’’ चंद्रयान-2 का लैंडर विक्रम 6 सितंबर को चंद्रमा की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला था, लेकिन तय समय से 69 सेकंड पहले उसका पृथ्वी से संपर्क टूट गया था।

‘आईआईटी में सभी पढ़ना चाहते हैं’

सिवन ने आईआईटी छात्रों से कहा, ‘‘मैं अपने अनुभव से कह सकता हूं कि आईआईटी भारत का ऐसा संस्थान है जिसमें सभी पढ़ना चाहते हैं। मैं इस बात को लेकर आश्वस्त हूं कि आप सभी दिल्ली और आईआईटी की श्रेष्ठ विरासत को आगे बढाएंगे। आईआईटी के छात्रों ने जिस किसी भी क्षेत्र में काम किया, उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।’’

चंद्रयान-2 के पेलोड ने चांद पर ढूंढे़ कई तत्व

चंद्रयान-2 के विक्रम लैंडर की सॉफ्ट लैंडिंग भले ही न हो पाई हो, लेकिन ऑर्बिटर ने चांद पर सोडियम, कैल्शियम, एल्यूमीनियम, सिलिकॉन, टाइटेनियम और आयरन ढूंढ निकाले हैं। इसरो ने 5 अक्टूबर को बताया था कि ऑर्बिटर में मौजूद 8 पेलोड ने आवेशित कणों और इसकी तीव्रता का पता लगाया है। चंद्रयान-2 के सभी पेलोड अपना काम बेहतरीन तरीके से कर रहे हैं।

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