इटली के विभिन्न शहरों में जीवन-यापन की बढ़ती लागत के विरोध में चल रहे जोरदार प्रदर्शनों और हिंसक घटनाओं के बीच भारत सरकार पूरी तरह से सतर्क हो गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रोम स्थित भारतीय दूतावास ने इटली में रह रहे सभी भारतीय नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण और चेतावनी भरी सलाह जारी की है और दूतावास ने अपने इस ताजा निर्देश में नागरिकों से स्पष्ट रूप से कहा है कि वे मौजूदा हालातों के मद्देनजर पूरी तरह से सतर्क रहें और किसी भी कीमत पर भीड़-भाड़ वाले इलाकों में जाने से बचें। भारतीय दूतावास की ओर से यह कदम इटली के कई प्रमुख शहरों में हाल ही में सामने आए विरोध प्रदर्शनों और रैलियों के बाद उठाया गया है, जहां हालात तेजी से तनावपूर्ण हुए हैं।
भारतीय दूतावास की सोशल मीडिया अपील
रोम स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया पर एक आधिकारिक पोस्ट साझा करते हुए स्थिति की जानकारी दी और भारतीय समुदाय के लोगों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं और दूतावास ने अपने संदेश में कहा है कि पिछले हफ्ते इटली के कुछ प्रमुख शहरों में विरोध प्रदर्शन और रैलियां आयोजित की गई थीं, जिनका दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए दूतावास ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि हम सभी भारतीय नागरिकों को पूरी तरह सतर्क रहने, भीड़भाड़ वाले इलाकों से पूरी तरह दूर रहने और उन स्थानों पर बिल्कुल न जाने की सलाह देते हैं जहां वर्तमान में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इसके साथ ही दूतावास ने यह भी आग्रह किया है कि भारतीय नागरिक सुरक्षा की दृष्टि से ऐसे आयोजनों और प्रदर्शनों के बारे में स्थानीय समाचार चैनलों और मीडिया पर लगातार नजर बनाए रखें ताकि किसी भी अनहोनी से समय रहते बचा जा सके।
आपात स्थिति के लिए हेल्पलाइन और संपर्क व्यवस्था
किसी भी अप्रिय स्थिति या आपातकालीन जरूरत से निपटने के लिए भारतीय दूतावास ने पूरी तैयारी कर रखी है। दूतावास ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी भी भारतीय नागरिक को किसी प्रकार की आपात स्थिति का सामना करना पड़ता है, तो वे तुरंत रोम स्थित भारतीय दूतावास या मिलान स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास से संपर्क स्थापित कर सकते हैं। दूतावास के अधिकारियों ने नागरिकों को भरोसा दिलाया है कि वे किसी भी संकट की घड़ी में दूतावास के संपर्क नंबरों के जरिए सहायता प्राप्त कर सकते हैं और स्थानीय प्रशासन के दिशा-निर्देशों का गंभीरता से पालन करें।
इटली के कई शहरों में भड़का प्रदर्शन और हिंसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार इटली के कई शहरों में जीवन-यापन की बढ़ती लागत के खिलाफ रविवार को व्यापक स्तर पर प्रदर्शन शुरू हुए थे। शुरुआत में ये विरोध प्रदर्शन पूरी तरह से शांतिपूर्ण नजर आ रहे थे और आम जनता अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरी थी। हालांकि, स्थिति ने तब विकराल रूप ले लिया जब मिलान शहर में कुछ उपद्रवी तत्व सक्रिय हो गए। मिलान में प्रदर्शन के दौरान उपद्रवियों और हुड़दंगियों की पुलिसकर्मियों के साथ तीखी झड़पें हुईं, जिसके बाद हालात पूरी तरह बेकाबू हो गए। उपद्रवियों ने न केवल कानून व्यवस्था को ताक पर रखा बल्कि कई दुकानों में खुलकर लूटपाट की और सार्वजनिक तथा निजी संपत्तियों में बड़े पैमाने पर आगजनी की घटनाओं को अंजाम दिया। इन हिंसक वारदातों ने पूरे देश में सनसनी फैला दी और सुरक्षा एजेंसियों को कड़ी कार्रवाई करने पर मजबूर होना पड़ा।
प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की कड़ी प्रतिक्रिया
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने रविवार को हुई इन हिंसक घटनाओं और उपद्रव की कड़ी निंदा की है। प्रधानमंत्री मेलोनी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना और प्रदर्शन करना हर नागरिक का अधिकार है, लेकिन अपने ही शहरों को आग के हवाले कर देना किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता है और उन्होंने उपद्रवियों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि प्रदर्शन करना एक लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन हिंसा और तोड़फोड़ लोकतंत्र का हिस्सा नहीं हो सकते हैं।
मेलोनी का सोशल मीडिया पर विस्तृत बयान
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक विस्तृत पोस्ट के जरिए अपनी बात रखी और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया जबकि हिंसक उपद्रवियों की कड़ी आलोचना की और प्रधानमंत्री मेलोनी ने अपने संदेश में लिखा कि रविवार को शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने वाले हजारों लोगों के प्रति उनके मन में बहुत सम्मान है। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रदर्शन का मुद्दा चाहे जो भी हो, उसमें नागरिकों की भागीदारी किसी भी स्वस्थ लोकतंत्र की बुनियादी नींव होती है। मेलोनी ने आगे कहा कि वे उन सभी लोगों के प्रति अपनी पूरी एकजुटता और हार्दिक आभार व्यक्त करती हैं जो सड़कों पर मौजूद थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये लोग नागरिकों, श्रमिकों, व्यापारियों और उन तमाम लोगों की सुरक्षा के लिए वहां मौजूद थे जिन्हें बिना किसी डर के अपने शहर में रहने का अधिकार है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन नागरिकों को अपने शहर को गुंडों के गिरोहों द्वारा बर्बाद या जलाए जाने से बचाने का पूरा अधिकार है, और सरकार इस उद्देश्य में उनके साथ खड़ी है। मेलोनी ने अपने संबोधन के अंत में बहुत स्पष्ट शब्दों में कहा कि हम पूरी ताकत के साथ आपके साथ हैं और उपद्रवियों को बख्शा नहीं जाएगा।
