जियो प्लेटफॉर्म्स की बहुप्रतीक्षित लिस्टिंग के साथ, मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाला रिलायंस ग्रुप, टाटा ग्रुप को पीछे छोड़कर, कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन के मामले में भारत का सबसे बड़ा ग्रुप बनने की राह पर है। यह अनुमान जियो प्लेटफॉर्म्स के वैल्यूएशन पर बेस्ड है। जियो प्लेटफॉर्म्स, रिलायंस ग्रुप की 13वीं लिस्टेड कंपनी बन जाएगी। अभी रिलायंस ग्रुप में टाटा ग्रुप (जिसकी 27 लिस्टेड कंपनियां हैं) की तुलना में कम लिस्टेड कंपनियां हैं। आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर मुकेश अंबानी का रिलायंस ग्रुप किस तरह से टाटा ग्रुप को पीछे छोड़ सकता है। साथ ही इसमें जियो आईपीओ का कितना बड़ा हाथ हो सकता है।
रिलायंस ग्रुप का मार्केट कैप 28 लाख करोड़ रुपए 35 पैसे तक पहुंच सकता है, जो टाटा ग्रुप से अधिक होगा। जिसका मार्केट कैप करीब 26 लाख करोड़ रुपए का हे। आइए इसे विस्तार से समझने की कोशिश करते हैं और 10 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की वैल्यूएशन के साथ जियो लिस्ट होगी। जिसके बाद अंबानी की रिलायंस ग्रुप का एमकैप 28 लाख करोड़ से ज्यादा होगा। 16 अक्टूबर तक टाटा ग्रुप का कुल मार्केट कैप करीब 26 लाख करोड़ का था।
28 लाख करोड़ रुपए ग्रुप बन जाएगा रिलायंस
शुक्रवार, 16 अक्टूबर तक, यानी पिछले हफ्ते के आखिरी कारोबारी तक रिलायंस ग्रुप का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन 18 लाख करोड़ रुपए 5 पैसे था। इसमें सबसे बड़ा योगदान भारत की सबसे बड़ी कंपनी, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) का था, जिसका मार्केट कैपिटलाइजेशन 16 लाख करोड़ रुपए 37 पैसे है। जियो फाइनेंशियल सर्विसेज का योगदान 1 लाख करोड़ रुपए 43 पैसे रहा। 10 लाख करोड़ रुपए 30 पैसे के अनुमानित मार्केट कैपिटलाइजेशन के साथ, जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग से रिलायंस ग्रुप का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन बढ़कर 28 लाख करोड़ रुपए 35 पैसे हो जाएगा।
ग्रुप की अन्य लिस्टेड कंपनियों – जैसे आलोक इंडस्ट्रीज, डेन नेटवर्क्स, हैथवे भवानी केबलटेल एंड डेटाकॉम, हैथवे केबल एंड डेटाकॉम, जस्ट डायल, नेटवर्क18 मीडिया, जीटीपीएल हैथवे और एसडब्ल्यू सोलर – का कुल वैल्यूएशन में योगदान अपेक्षाकृत कम है। इन सभी कंपनियों के मिलने से रिलायंस का वित्तीय ढांचा और अधिक मजबूत होता है, जिससे यह वैश्विक स्तर पर एक बड़ी ताकत के रूप में उभरता है।
ऐसे में पीछे छूट जाएगा टाटा ग्रुप
जियो की लिस्टिंग के बाद टाटा ग्रुप के मार्केट को बड़ी चुनौती मिलेगी। उसका कारण भी है। टाटा ग्रुप की 27 लिस्टेड कंपनियों का संयुक्त मार्केट कैपिटलाइजेशन 25 लाख करोड़ रुपए 92 पैसे देखने को मिला था। ऐसे में जियो लिस्टिंग के बाद रिलायंस ग्रुप का मार्केट कैप टाटा ग्रुप के मुकाबले में 2 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा हो जाएगा।
अगर टाटा ग्रुप की कंपनियों के मार्केट कैप की बात करें तो टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (8 लाख करोड़ रुपए 91 पैसे), टाइटन कंपनी (3 लाख करोड़ रुपए 95 पैसे), टाटा स्टील (2 लाख करोड़ रुपए 20 पैसे), ट्रेंट (1 लाख करोड़ रुपए 57 पैसे), टाटा मोटर्स (1 लाख करोड़ रुपए 55 पैसे), टाटा कैपिटल (1 लाख करोड़ रुपए 37 पैसे), टाटा पावर (1 लाख करोड़ रुपए 12 पैसे) और इंडियन होटल्स (1 लाख करोड़ रुपए 10 पैसे) का सबसे बड़ा योगदान रहा। टाटा ग्रुप की ये दिग्गज कंपनियां दशकों से भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ रही हैं, लेकिन रिलायंस की तेज रफ्तार और जियो के संभावित आईपीओ से अब इस सर्वोच्च स्थान को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
अडानी ग्रुप भी कम नहीं
बाजार में अन्य समूहों की स्थिति पर नजर डालें तो अडानी ग्रुप 17 लाख करोड़ रुपए 23 पैसे के संयुक्त मार्केट कैपिटलाइजेशन के साथ तीसरे स्थान पर रहा। अडानी पोर्ट्स (4 लाख करोड़ रुपए 1 पैसे), अडानी एंटरप्राइजेज (3 लाख करोड़ रुपए 63 पैसे), अडानी पावर (3 लाख करोड़ रुपए 75 पैसे), अडानी ग्रीन एनर्जी (2 लाख करोड़ रुपए 14 पैसे) और अंबुजा सीमेंट्स (0 लाख करोड़ रुपए 90 पैसे) इस समूह की सबसे बड़ी लिस्टेड कंपनियों में शामिल थीं। अडानी समूह ने पिछले कुछ वर्षों में बुनियादी ढांचा, ऊर्जा और पोर्ट्स के क्षेत्र में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की है।
चौथे नंबर पर है HDFC ग्रुप
केवल चार लिस्टेड कंपनियों के साथ, HDFC ग्रुप भारत के प्रमुख कारोबारी समूहों में चौथे स्थान पर रहा, जिसका कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग 13 लाख करोड़ रुपए 9 पैसे है। इसमें सबसे बड़ा योगदान HDFC बैंक का रहा, जिसकी वैल्यू 11 लाख करोड़ रुपए 22 पैसे है। बाकी हिस्से में HDFC लाइफ इंश्योरेंस (1 लाख करोड़ रुपए 20 पैसे), HDFC एसेट मैनेजमेंट कंपनी (1 लाख करोड़ रुपए 4 पैसे) और HDB फाइनेंशियल सर्विसेज (43 हजार 600 करोड़ रुपए) शामिल हैं। बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में एचडीएफसी समूह का दबदबा निवेशकों के बीच हमेशा से मजबूत रहा है।
10 लाख करोड़ रुपए का है आदित्य बिड़ला ग्रुप
आदित्य बिड़ला ग्रुप 10 लाख करोड़ रुपए 20 पैसे से अधिक के कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन के साथ पांचवें स्थान पर रहा। इसमें अल्ट्राटेक सीमेंट (3 लाख करोड़ रुपए 22 पैसे), हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (2 लाख करोड़ रुपए 5 पैसे), ग्रासिम इंडस्ट्रीज (1 लाख करोड़ रुपए 98 पैसे), वोडाफोन आइडिया (1 लाख करोड़ रुपए 36 पैसे) और आदित्य बिड़ला कैपिटल (1 लाख करोड़ रुपए 4 पैसे) का प्रमुख योगदान रहा। इस समूह की छह अन्य कंपनियां भी भारतीय स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्टेड हैं, जो सीमेंट, मेटल्स, टेलीकॉम और फाइनेंशियल सर्विसेज जैसे विभिन्न सेक्टर्स में अपनी मजबूत पकड़ बनाए हुए हैं।
