शुद्ध आहार–मिलावट पर वार: जयपुर में 2865 किलो दूषित मिठाइयां नष्ट, अलवर में 10070 किलो मसाले जब्त

'शुद्ध आहार–मिलावट पर वार' अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग ने जयपुर में 2865 किलो दूषित मिठाइयां नष्ट कीं और अलवर में 10070 किलो मिलावटी मसाले जब्त किए। सांगानेर और बगरू में भारी गंदगी और बिना लाइसेंस के चल रहे कारखानों पर कड़ी कार्रवाई की गई है।

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण विभाग ने प्रदेश में मिलावटखोरी के खिलाफ 'शुद्ध आहार–मिलावट पर वार' अभियान के तहत एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। गुरुवार को जयपुर और अलवर जिलों में विभाग की टीमों ने सघन छापेमारी की, जिसके परिणामस्वरूप 2865 किलो दूषित मिठाइयों को नष्ट किया गया और 10070 किलो मसालों को जब्त किया गया। यह पूरी कार्रवाई खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्त डॉ टी शुभमंगला के दिशा-निर्देशों और संयुक्त आयुक्त डॉ विजय प्रकाश शर्मा के कुशल पर्यवेक्षण में संपन्न हुई। विभाग का मुख्य उद्देश्य बाजार में बिकने वाली खाद्य सामग्री की शुद्धता सुनिश्चित करना और आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों पर लगाम कसना है।

जयपुर के सांगानेर में मिली भारी गंदगी और दूषित मिठाइयां

जयपुर के सांगानेर इलाके में एक फर्म के कारखाने पर जब खाद्य सुरक्षा टीम पहुंची, तो वहां का नजारा बेहद भयावह था। टीम को वहां 107 जंग लगे हुए टीनों में करीब 1605 किलो सड़ी हुई और दुर्गंधयुक्त मिठाइयां मिलीं। कारखाने में स्वच्छता के मानकों की धज्जियां उड़ाई जा रही थीं। मौके पर मौजूद चाशनी में कीड़े रेंगते हुए पाए गए और पूरी जगह पर अत्यधिक गंदगी व्याप्त थी। सबसे गंभीर बात यह थी कि खाद्य सामग्री के बिल्कुल पास ही एसिड के कैन रखे हुए थे, जिससे रासायनिक संदूषण का बड़ा खतरा बना हुआ था। विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पूरी 1605 किलो मिठाई को मौके पर ही नष्ट करवा दिया। इसके साथ ही, गुणवत्ता की जांच के लिए मावा और काजू कतली के नमूने भी लिए गए हैं जिन्हें लैब भेजा जाएगा।

बगरू में बिना लाइसेंस चल रहे कारखाने पर कार्रवाई

अभियान के दौरान टीम ने बगरू के ग्राम घेघा में स्थित एक मिठाई की दुकान और उसके निर्माण इकाई का भी निरीक्षण किया। यहां कार्रवाई के दौरान करीब 1260 किलो मिल्क केक और डोडा बर्फी दूषित पाई गई, जिसे तुरंत प्रभाव से नष्ट कर दिया गया। जांच में यह भी सामने आया कि यह निर्माण कार्य बिना किसी वैध खाद्य लाइसेंस के संचालित किया जा रहा था। नियमों के उल्लंघन को देखते हुए विभाग ने वहां चल रहे निर्माण कार्य को तत्काल रुकवा दिया। जयपुर में हुई इन दोनों कार्रवाइयों को मिलाकर कुल 2865 किलो मिलावटी और दूषित मिठाइयों को बाजार में पहुंचने से पहले ही खत्म कर दिया गया।

अलवर में 10070 किलो मसालों की बड़ी जब्ती

अलवर के एमआईए (मत्स्य औद्योगिक क्षेत्र) में स्थित एक स्पाइसेज फर्म पर भी विभाग ने बड़ी कार्रवाई की। यहां से धनिया, हल्दी, मिर्च और मिश्रित मसालों के कुल 8 नमूने लिए गए। जब तक इन नमूनों की जांच रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक विभाग ने भारी मात्रा में स्टॉक को जब्त कर लिया है। जब्त किए गए मसालों में 4500 किलो धनिया, 3000 किलो हल्दी, 2400 किलो मिर्च और 170 किलो मिक्स मसाले शामिल हैं। विशेष रूप से, धनिया पाउडर के बैच नंबर AS-159 को असुरक्षित पाए जाने के बाद उसे बाजार से वापस बुलाने (रिकॉल) के निर्देश जारी किए गए हैं। कुल मिलाकर अलवर में 10070 किलो मसालों पर कार्रवाई की गई है।

कठोर वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी

खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि जहां भी खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाएगा, वहां नियमानुसार अत्यंत कठोर कार्रवाई की जाएगी। इसमें संबंधित फर्मों के लाइसेंस रद्द करना, दूषित खाद्य सामग्री को नष्ट करना और अन्य वैधानिक कानूनी प्रक्रियाएं शामिल हैं। नमूनों की विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी फर्मों के विरुद्ध कानून के तहत सख्त कदम उठाए जाएंगे। विभाग ने विक्रेताओं और निर्माताओं को चेतावनी दी है कि वे स्वच्छता और शुद्धता के मानकों का पूर्ण पालन करें, अन्यथा उन्हें भारी परिणाम भुगतने होंगे। विभाग का यह अभियान भविष्य में भी इसी तरह जारी रहेगा ताकि मिलावटखोरी पर पूरी तरह से अंकुश लगाया जा सके।