सरदारशहर के करणी राजपूत छात्रावास में रविवार को राजपूत समाज की प्रतिभा सम्मान समारोह एवं नवनिर्मित लाइब्रेरी का भव्य उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज के होनहार युवाओं को प्रोत्साहित करना और उन्हें शिक्षा के लिए बेहतर संसाधन उपलब्ध कराना था और कार्यक्रम में पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़, समाजसेवी मेयराज सिंह रॉयल, महंत सुरेंद्र सिंह, क्षेत्रीय महासभा अध्यक्ष विक्रम सिंह, छात्रावास अध्यक्ष जगदीश सिंह तथा कार्यक्रम अध्यक्ष भीकमसिंह राजासर सहित कई गणमान्य अतिथि मौजूद रहे। इन अतिथियों ने समाज के विकास में शिक्षा की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला।
500 से अधिक प्रतिभाओं का हुआ सम्मान
समारोह के दौरान शिक्षा और प्रशासनिक सेवाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली राजपूत समाज की 500 से अधिक प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में प्रमुख रूप से आईएएस जयंत सिंह राठौड़, आईपीएस दिनेश प्रताप सिंह राठौड़ और हर्षवर्धन सिंह राजवी शामिल थे। अतिथियों ने इन सभी प्रतिभाओं को स्मृति चिह्न प्रदान किए और उन्हें भविष्य में और भी ऊंचाइयों को छूने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम की शुरुआत में स्वागत भाषण अनिल सिंह शिखिल द्वारा दिया गया, जिन्होंने सभी आगंतुकों का अभिनंदन किया।
शिक्षा ही विकास की पहली सीढ़ी: राजेंद्र राठौड़
पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने अपने संबोधन में कहा कि आज के दौर में प्रतिभाओं के उच्च स्तर को देखते हुए शिक्षा सबसे पहली और अनिवार्य आवश्यकता बन गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा के बिना किसी भी व्यक्ति या समाज का सर्वांगीण विकास संभव नहीं है। राठौड़ ने युवाओं से अपील की कि वे आधुनिकता की दौड़ में अपने संस्कारों को न भूलें और संस्कारों के साथ ही जीवन में आगे बढ़ें। उन्होंने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि आज समाज के युवा शहरों की चकाचौंध में फंसकर अपने गांवों और अपनी मिट्टी से दूर होते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे गांवों में हमारा प्रभाव कम हो रहा है, इसलिए युवाओं को अपनी जड़ों से जुड़े रहकर समाज के उत्थान में योगदान देना चाहिए।
युवाओं के लिए नए अवसरों की तलाश
भामाशाह मेयराज सिंह रॉयल ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि सफलता प्राप्त करने के बाद भी अपने समाज और अपनी पृष्ठभूमि को कभी नहीं भूलना चाहिए। उन्होंने समाज के आर्थिक रूप से सक्षम लोगों से आह्वान किया कि वे व्यावहारिक क्षेत्रों में नए अवसर तलाशें ताकि युवाओं को बेहतर करियर विकल्प मिल सकें। उन्होंने छात्रावास के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए सभी से सहयोग की अपील भी की। इसी कड़ी में छात्रावास की नवनिर्मित लाइब्रेरी का उद्घाटन किया गया। आयोजकों ने बताया कि इस लाइब्रेरी के माध्यम से छात्रावास में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों को एक शांत और संसाधन संपन्न वातावरण मिलेगा, जिससे उनकी शैक्षणिक गतिविधियों में सुधार होगा।
समाज के गणमान्य जनों की उपस्थिति
इस गरिमामय समारोह में समाज के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे, जिनमें शंकरदास, शैतानसिंह, गिरधारीसिंह, जीवनराजसिंह, एचबी सिंह, मूलाराम सिंह, प्रेमसिंह, प्रताप सिंह, महावीर सिंह हाड़ा, लक्ष्मणसिंह, भंवरसिंह, मदनसिंह निर्माण, समंदरसिंह, प्रतापसिंह, गोपालसिंह, सुरेंद्रसिंह, जिनेंद्र सिंह, किशोरसिंह और दिलीपसिंह शामिल रहे। पूरे कार्यक्रम का सफल संचालन उम्मेदसिंह सासर एवं सुनीता कंवर द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंत में सभी ने लाइब्रेरी की सुविधा का अवलोकन किया और इसे समाज के विद्यार्थियों के लिए एक मील का पत्थर बताया।
