खाटूश्यामजी में पुत्रदा एकादशी का दो दिवसीय मेला शुरू, फूलों और ड्राई फ्रूट से सजा दरबार

सीकर के विश्व प्रसिद्ध खाटूश्यामजी धाम में सावन मास की पुत्रदा एकादशी पर दो दिवसीय मासिक मेला शुरू हो गया है। रविवार और एकादशी के संयोग के कारण भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। बाबा का दरबार कोलकाता और बेंगलुरु के फूलों से सजाया गया है।

सीकर जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध खाटूश्यामजी धाम में सावन मास की पुत्रदा एकादशी के पावन अवसर पर दो दिवसीय मासिक मेले का भव्य शुभारंभ रविवार से हो गया है। इस बार एकादशी और रविवार का विशेष संयोग होने के कारण खाटूधाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की प्रबल संभावना जताई जा रही है। भक्तों की भारी संख्या को ध्यान में रखते हुए श्री श्याम मंदिर कमेटी और जिला प्रशासन ने सुरक्षा और सुविधाओं के लिए व्यापक और विशेष इंतजाम किए हैं ताकि किसी भी श्रद्धालु को दर्शन के दौरान असुविधा का सामना न करना पड़े।

बाबा श्याम का अलौकिक श्रृंगार और व्यवस्थाएं

श्री श्याम मंदिर कमेटी के मंत्री मानवेंद्र सिंह चौहान ने मेले की तैयारियों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इस विशेष अवसर पर बाबा श्याम के दरबार को अत्यंत भव्य रूप दिया गया है। दरबार की सजावट के लिए कोलकाता और बेंगलुरु से विशेष रूप से दुर्लभ फूल मंगाए गए हैं। फूलों के साथ-साथ विभिन्न प्रकार के ड्राई फ्रूट यानी सूखे मेवों का उपयोग भी बाबा के दरबार को सजाने में किया गया है। श्रृंगार आरती के दौरान बाबा श्याम का जो अलौकिक रूप निखरा, उसने भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया। वर्तमान में पड़ रही गर्मी को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर परिसर में पानी और गुलाब जल के छिड़काव की व्यवस्था की है ताकि वातावरण में ठंडक बनी रहे और रींगस से पैदल यात्रा कर खाटूधाम पहुंचने वाले पदयात्रियों की संख्या में भी लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम और निगरानी

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए डीवाईएसपी राजेश कुमार जांगिड़ और थानाधिकारी इन्द्राज मरोडिया के नेतृत्व में पुलिस का विशेष जाप्ता तैनात किया गया है। थानाधिकारी इन्द्राज मरोडिया ने बताया कि मेले की सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए 650 से अधिक पुलिसकर्मी, होमगार्ड, आरएसी जवान और मंदिर के सेवादार तैनात किए गए हैं। भीड़ पर पैनी नजर रखने के लिए पूरे मेला क्षेत्र और मंदिर परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी 24 घंटे कंट्रोल रूम से निगरानी की जा रही है। सुरक्षा बल के जवान चप्पे-चप्पे पर तैनात हैं ताकि व्यवस्था बनी रहे।

24 घंटे खुले रहेंगे मंदिर के कपाट

एकादशी के दिन बाबा श्याम के दर्शन का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है, जिसे देखते हुए मंदिर कमेटी ने निर्णय लिया है कि दो दिवसीय मेले के दौरान मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए 24 घंटे खुले रहेंगे। हालांकि, बाबा श्याम के श्रृंगार के समय कुछ सीमित अवधि के लिए मंदिर के कपाट बंद किए जाएंगे, लेकिन इसके अलावा दोपहर और रात में मंदिर नियमित रूप से बंद नहीं होगा और इस दो दिवसीय मासिक मेले का विधिवत समापन सोमवार को द्वादशी के अवसर पर बाबा श्याम की शयन आरती के बाद होगा। मंदिर कमेटी और जिला प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें और सुरक्षा नियमों का पूरी तरह पालन करें।