नई दिल्ली | भारत—चीन विवाद में कांग्रेस पर हमलावर होते हुए देश के विधि मंत्री रविशंकर प्रसाद ने आरोप जड़ा है कि चीन ने राजीव गांधी फाउंडेशन को 2005-06 में तीन लाख डॉलर (करीब 2 करोड़ 26 लाख रुपए) का दान दिया था। कांग्रेस बताए कि यह रुपए किन शर्तों पर लिए गए और इन रुपयों का क्या किया गया? कानून मंत्री ने कहा कांग्रेस पार्टी जवाब दे, कि चीन के साथ इतना प्रेम क्यों बढ़ गया था। राजीव गांधी फाउंडेशन को चाइनीज एंबेसी पैसे क्यों दे रही थी? आपके द्वारा इंडो चाइना की स्पेशल स्टडी की जा रही थी और उसमें कहा जा रहा था कि चाइना के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट कॉम्प्रिहेंसिव होना चाहिए।
Among the donors list of Rajiv Gandhi Foundation annual report in 2005-06 clearly shows that it has received a donation from the Embassy of the People’s Republic of China.
— Ravi Shankar Prasad (@rsprasad) June 25, 2020
We want to know why this donation was taken ? pic.twitter.com/Xe3ynHnjAx
पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी पर भारत और चीन के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद सरकार पर हमलावर कांग्रेस के खिलाफ बीजेपी ने यह नया मोर्चा खोल दिया है। आपको बता दें कि कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी, राजीव गांधी फाउंडेशन की चेयरपर्सन हैं। पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी इस बोर्ड के सदस्य हैं।
कानून मंत्री ने कहा कि राजीव गांधी फाउंडेशन के लिए डोनर की सूची है 2005-06 की। इसमें चीन के एम्बेसी ने डोनेट किया ऐसा साफ लिखा है। ऐसा क्यों हुआ? क्या जरूरत पड़ी? इसमें कई उद्योगपतियों,पीएसयू का भी नाम है। क्या ये काफी नहीं था कि चीन एम्बेसी से भी रिश्वत लेनी पड़ी।
मंत्री प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस के कार्यकाल में चीन ने हमारी जमीन पर कब्जा किया। कांग्रेस बताए कि राजीव गांधी फाउंडेशन को यह रुपए चीन के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) यानी कि बिना रोक-टोक के आयात-निर्यात को प्रमोट करने के लिए मिले। केंद्रीय कानून मंत्री ने बताया कि फॉरेन कांट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट के तहत कोई भी राजनीतिक पार्टी विदेश से पैसा नहीं ले सकती है। मालूम हो कि डोनेशन देने की जब शुरूआत हुई थी, तब राजीव गांधी फाउंडेशन ने कई सारे स्टडीज का हवाला देते हुए बताया था कि भारत और चीन के बीच एफटीए बेहद जरूरी है। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि क्या ये सब सोची समझी रणनीति के तहत हुआ, जिसके बाद कांग्रेस की सरकार में भारत और चीन के बीच व्यापारीय घाटा तैंतीस गुना बढ़ गया. कांग्रेस पार्टी जवाब दे कि आखिर चीन के प्रति इतना प्रेम क्यों उमड़ गया था कि पार्टी के साथ एमओयू साइन हो रहे थे? राजीव गांधी फाउंडेशन को चीनी दूतावास पैसा दे रही है. आप भारत और चीन के बीच फ्री ट्रेड की बात कर रहे हैं.
राजीव गांधी फाउंडेशन पॉलिटिकल एसोसिएशन है
केंद्रीय कानून मंत्री ने बताया कि फॉरेन कांट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट के तहत कोई भी राजनीतिक पार्टी विदेश से पैसा नहीं ले सकती है। साथ ही कोई भी एनजीओ बिना सरकार की अनुमति के विदेश से रुपया नहीं ले सकता है। कांग्रेस बताए कि इस डोनेशन के लिए क्या सरकार से मंजूरी ली गई थी? उन्होंने आरोप लगाया कि राजीव गांधी फाउंडेशन एजुकेशन एंड कल्चरल बॉडी नहीं है। यह एक पॉलिटिकल एसोसिएशन है।
डोकलाम विवाद में राहुल ने चीन के एम्बेसडर से चुपचाप बात की थी: नड्डा
भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने मध्य प्रदेश में जनसंवाद रैली में कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि डोकलाम विवाद के दौरान राहुल गांधी ने चीन के एम्बेसडर से चुपचाप बात की थी। मौजूदा समय में गलवान वैली की झड़प के दौरान भी कांग्रेस देश को भ्रम में डाल रही है।
